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भड़ास4मीडिया के यशवंत सिंह को लखनऊ पुलिस का नोटिस, निष्पक्ष जांच और पत्रकारिता धर्म निभाने की कही बात

by on | 2026-09-20 22:20:04

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भड़ास4मीडिया के यशवंत सिंह को लखनऊ पुलिस का नोटिस, निष्पक्ष जांच और पत्रकारिता धर्म निभाने की कही बात

लखनऊ / नोएडा:‌ डिजिटल प्लेटफॉर्म 'भड़ास4मीडिया' के संस्थापक और वरिष्ठ पत्रकार यशवंत सिंह को लखनऊ के हजरतगंज थाने से एक पुलिस नोटिस जारी हुआ है, जिसके जवाब में उन्होंने अपना पक्ष पूरी मजबूती और संवैधानिक मर्यादा के साथ रखा है। यशवंत सिंह ने स्पष्ट किया है कि वे एक कानूनप्रिय नागरिक और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में किसी भी वैधानिक जांच में पूर्ण सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन पत्रकारिता के सिद्धांतों के तहत अपने 'सोर्स' (सूचना स्रोत) की गोपनीयता से कोई समझौता नहीं करेंगे।

​क्या है पूरा मामला?

​दरअसल, यशवंत सिंह को ई-मेल के जरिए कार्यस्थल पर प्रताड़ना और उत्पीड़न से जुड़ी कुछ संवेदनशील जानकारियां और शिकायतें प्राप्त हुई थीं। एक निष्पक्ष और सतर्क पत्रकार की भूमिका निभाते हुए उन्होंने संबंधित सामग्री को मीडिया प्लेटफॉर्म पर रखा था।

​इसी संदर्भ में, लखनऊ कमिश्नरेट के थाना हजरतगंज द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 179/94 के तहत 20 सितंबर 2026 को उप निरीक्षक स्वतंत्र पटेल द्वारा एक नोटिस प्रेषित किया गया। नोटिस में उन्हें 3 दिनों के भीतर थाने में उपस्थित होकर संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।

​यशवंत सिंह का मजबूत प्रत्युत्तर: 'जांच में सहयोग करेंगे, पर सोर्स की सुरक्षा सर्वोपरि'

​नोटिस के जवाब में यशवंत सिंह ने अत्यंत सधे हुए और विधिक तरीके से अपना रुख साफ किया है:

  • व्यावसायिक दायित्व और समय की मांग: वर्तमान में नोएडा में अपने संपादकीय और व्यावसायिक दायित्वों के कारण तुरंत लखनऊ उपस्थित होने में असमर्थता जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे जांच में असहयोग न माना जाए। उन्होंने कानून के अनुसार वैकल्पिक माध्यम से बयान दर्ज करने या आगे की उचित तिथि तय करने का अनुरोध किया है।
  • आरोपों की स्पष्टता और शिकायत की प्रति की मांग: यशवंत सिंह ने कहा कि उन्हें अभी तक उनके खिलाफ दर्ज मूल शिकायत की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है। बिना विशिष्ट आरोपों और सामग्रियों की प्रति मिले, विस्तृत एवं प्रभावी कानूनी उत्तर देना संभव नहीं है। अतः उन्होंने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत शिकायत की प्रति मांगी है।
  • पत्रकारिता धर्म और 'सोर्स' का संरक्षण: यशवंत सिंह ने अपने जवाब में पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें उत्पीड़न संबंधी शिकायत ई-मेल के जरिए एक पीड़ित/स्रोत द्वारा प्राप्त हुई थी। निष्पक्ष पत्रकारिता का यह मूल दायित्व है कि विश्वासी स्रोत की पहचान गोपनीय रखी जाए ताकि उस व्यक्ति को किसी प्रकार के दबाव, धमकी या सुरक्षा संबंधी खतरे का सामना न करना पड़े। इसलिए, वे स्वेच्छा से अपने स्रोत की पहचान उजागर करने में असमर्थ हैं।

​कानून और निष्पक्षता पर भरोसा

​यशवंत सिंह ने अपने पत्र के अंत में दोहराया है कि वे किसी भी वैधानिक प्रक्रिया से दूर नहीं भाग रहे हैं और अपने विधिक अधिकारों एवं कानूनी संरक्षणों के दायरे में रहते हुए जांच में पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

​वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि पत्रकारिता में सूत्रों की गोपनीयता बनाए रखना लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे यशवंत सिंह पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा रहे हैं। फिलहाल, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर पुलिस के रुख का इंतजार है।



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