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मध्य प्रदेश में मानसून का 89% कोटा पूरा, 37 जिलों में बारिश कम

by admin@bebak24.com on | 2026-09-19 18:20:45

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मध्य प्रदेश में मानसून का 89% कोटा पूरा, 37 जिलों में बारिश कम

भोपाल | बेबाक24 न्यूज़

मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर है, लेकिन प्रदेश में बारिश की कमी पूरी नहीं हो सकी है। अब तक 33.2 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य मानसूनी बारिश का 89.3 प्रतिशत है। मानसून के करीब 11 दिन बाकी हैं और सामान्य आंकड़ा पूरा करने के लिए अभी लगभग 4.1 इंच बारिश की जरूरत है।

37 जिलों में सामान्य से कम बारिश

प्रदेश के 37 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, रायसेन, विदिशा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, सागर, उज्जैन, रतलाम और शाजापुर में सामान्य बारिश का 80 प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है।

इन जिलों में मानसून के बचे दिनों में लगातार बारिश होने पर ही कमी काफी हद तक दूर हो सकती है। इसके विपरीत मऊगंज और निवाड़ी में सामान्य से दोगुने से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, शहडोल और उमरिया समेत 18 जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हो चुकी है।

22 सितंबर तक हल्की बारिश के आसार

मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, 22 सितंबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। पश्चिमी हिस्से में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण कुछ जिलों में बारिश हो रही है।

19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है। इसके दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से महीने के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव हो सकता है और कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश भी हो सकती है।

जून की कमी अब तक बरकरार

इस मानसून में सबसे बड़ी कमी जून में रही, जब प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में हुई तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ठहराव आया।

जुलाई और अगस्त में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी तरह नहीं भर सकी। सितंबर में बारिश होने के बावजूद पूरे मानसून में अब भी करीब 7 प्रतिशत की कमी बनी हुई है।

बेबाक24 की राय: मानसून के अंतिम दिनों में होने वाली बारिश प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़े को सामान्य के करीब ला सकती है। हालांकि, जिन जिलों में अभी 80 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है, वहां सामान्य स्तर तक पहुंचने के लिए सीमित समय में पर्याप्त बारिश जरूरी होगी।



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