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मेटा पर सरकार की सख्ती का असर: बाल यौन शोषण की जानकारी पुलिस को देने पर बनी सहमति

by admin@bebak24.com on | 2026-09-15 11:46:42

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मेटा पर सरकार की सख्ती का असर: बाल यौन शोषण की जानकारी पुलिस को देने पर बनी सहमति

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार की सख्ती का असर अब दिखाई देने लगा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मेटा ने मंच पर सामने आने वाले बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों की जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने पर सहमति जताई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री से निपटने में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मेटा को देनी होगी गंभीर मामलों की जानकारी

सरकारी सूत्रों के अनुसार, मेटा अब बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री या गतिविधियों की जानकारी संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाने के लिए तैयार है। सरकार इसे बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में शुरुआती कदम मान रही है।

केंद्र का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी केवल शिकायत मिलने के बाद सामग्री हटाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें संदिग्ध और अवैध सामग्री की पहचान के लिए भी सक्रिय व्यवस्था विकसित करनी होगी।

सीएसएएम और डीपफेक पर विशेष नजर

सरकार ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री यानी सीएसएएम के साथ-साथ डीपफेक और अन्य हानिकारक डिजिटल सामग्री की निगरानी भी बढ़ा दी है। अधिकारियों का जोर ऐसे कंटेंट की पहचान, रोकथाम और तेजी से हटाने पर है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस मुद्दे पर अन्य बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ भी लगातार बातचीत चल रही है, ताकि बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री के प्रसार पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके।

मेटा के अधिकारियों को भारत बुलाया गया था

सरकार का सख्त रुख हाल के दिनों में मेटा के सामने भी रखा गया था। केंद्र ने कंपनी के वैश्विक स्तर के अधिकारियों को भारत बुलाकर बच्चों और अन्य उपयोगकर्ताओं की ऑनलाइन सुरक्षा मजबूत करने, हानिकारक सामग्री को तेजी से हटाने और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया था।

इसके बाद मेटा की ओर से बाल यौन शोषण के मामलों की जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा करने पर सहमति बनने की बात सामने आई है।

भारतीय कानूनों के पालन पर सरकार का जोर

केंद्र ने सोशल मीडिया कंपनियों को यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में काम करने वाले प्लेटफॉर्म को देश के कानूनों का पालन करना होगा। सरकार का संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में नियमों की अनदेखी होने पर संबंधित प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

बेबाक24 टेक: बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा अब केवल प्लेटफॉर्म की आंतरिक नीति का विषय नहीं रह गई है। सरकार की ओर से सक्रिय निगरानी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सूचना साझा करने की व्यवस्था मजबूत होने पर डिजिटल मंचों पर नाबालिगों से जुड़े अपराधों पर कार्रवाई तेज हो सकती है।



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