लंदन | बेबाक24 न्यूज़
यूनाइटेड किंगडम यानी यूके इन दिनों फिर चर्चा में है। वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड से जुड़े स्व-निर्णय के सवालों ने उसके भविष्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है। लेकिन आज का यूके किसी एक दिन में नहीं बना, बल्कि करीब 800 वर्षों में हुए युद्धों, सत्ता संघर्षों, राजशाही के मेल और राजनीतिक समझौतों का परिणाम है।
यूके में कौन-कौन शामिल है?
यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड चार देशों से मिलकर बना है—इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड। ग्रेट ब्रिटेन में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स शामिल हैं, जबकि उत्तरी आयरलैंड इसके साथ मिलकर मौजूदा यूनाइटेड किंगडम बनाता है।
वेल्स कैसे इंग्लैंड का हिस्सा बना?
वेल्स और इंग्लैंड का संबंध मध्यकाल में संघर्षों से गुजरा। 13वीं शताब्दी में इंग्लैंड के राजा एडवर्ड प्रथम ने वेल्स के खिलाफ सैन्य अभियान चलाए और वहां अपना नियंत्रण स्थापित किया। लंबे संघर्ष के बाद 1284 में अंग्रेजी शासन का प्रभाव निर्णायक हो गया।
इसके बाद 16वीं शताब्दी में हेनरी अष्टम के शासनकाल के दौरान पारित कानूनों के जरिए वेल्स को अंग्रेजी प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्था में शामिल कर दिया गया। इस तरह वेल्स धीरे-धीरे इंग्लैंड की राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा बन गया।
स्कॉटलैंड का इंग्लैंड से रिश्ता कैसे बदला?
स्कॉटलैंड लंबे समय तक स्वतंत्र राज्य रहा। 13वीं शताब्दी के अंत में वहां राजगद्दी को लेकर विवाद पैदा हुआ और इंग्लैंड के राजा एडवर्ड प्रथम को मध्यस्थ की भूमिका दी गई। इसके बाद इंग्लैंड ने स्कॉटलैंड के मामलों में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की।
दोनों देशों के बीच युद्ध और संघर्ष कई वर्षों तक चलते रहे। हालांकि, समय के साथ राजपरिवारों के संबंध भी मजबूत हुए। 1603 में इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम की मृत्यु के बाद स्कॉटलैंड के राजा जेम्स षष्ठम इंग्लैंड के भी राजा बने और वहां जेम्स प्रथम कहलाए। दोनों देशों का राजा एक हो गया, लेकिन उनकी संसदें अलग रहीं।
अंततः 1707 में इंग्लैंड और स्कॉटलैंड की संसदों ने एक्ट ऑफ यूनियन पारित किया। इसके बाद दोनों मिलकर ग्रेट ब्रिटेन के नए राज्य का हिस्सा बने। आर्थिक और राजनीतिक हित इस समझौते के प्रमुख कारणों में बताए जाते हैं।
आयरलैंड कैसे यूके से जुड़ा?
आयरलैंड के साथ इंग्लैंड का संबंध भी लंबे संघर्ष और राजनीतिक हस्तक्षेप से बना। 12वीं शताब्दी में इंग्लैंड ने आयरलैंड में सैन्य दखल शुरू किया और अगले कई सदियों में वहां अपना प्रभाव बढ़ाया।
1542 के क्राउन ऑफ आयरलैंड एक्ट के बाद इंग्लैंड के राजा को आयरलैंड का राजा भी माना गया। 1801 में ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड को एक राजनीतिक संघ में मिला दिया गया और यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड आयरलैंड अस्तित्व में आया।
हालांकि, आयरलैंड में इस व्यवस्था का विरोध बना रहा। धार्मिक और राजनीतिक विभाजन ने विवाद को और गहरा किया। आयरलैंड के बड़े हिस्से में कैथोलिक आबादी स्वतंत्रता की समर्थक थी, जबकि प्रोटेस्टेंट बहुल उत्तरी क्षेत्रों में ब्रिटेन के साथ बने रहने का समर्थन अधिक मजबूत रहा।
आयरलैंड के बंटवारे से बना आज का यूके
1919 के बाद आयरिश स्वतंत्रता आंदोलन तेज हुआ और ब्रिटेन के खिलाफ संघर्ष शुरू हुआ। इसके बाद 1920 के गवर्नमेंट ऑफ आयरलैंड एक्ट और 1921 की आंग्ल-आयरिश संधि के जरिए आयरलैंड का विभाजन हुआ।
26 काउंटियों वाला दक्षिणी हिस्सा बाद में स्वतंत्र आयरिश स्टेट बना और 1949 में रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड बन गया। वहीं छह काउंटियों वाला उत्तरी आयरलैंड यूनाइटेड किंगडम के साथ बना रहा।
इसी बदलाव के बाद ब्रिटेन का आधिकारिक नाम यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड हो गया, जिसे आज सामान्य तौर पर यूके कहा जाता है।
आज फिर क्यों उठ रहा है अलग होने का सवाल?
वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड की अपनी अलग ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है। समय के साथ इन क्षेत्रों में अधिक स्वायत्तता, अपने राजनीतिक अधिकारों और कुछ मामलों में स्वतंत्रता की मांग भी सामने आती रही है।
मौजूदा बहस को इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में समझना जरूरी है। यूके केवल एक प्रशासनिक ढांचा नहीं, बल्कि सदियों के संघर्ष, समझौतों और राजनीतिक बदलावों से बना संघ है। इसलिए उसके भविष्य को लेकर उठने वाला कोई भी सवाल सिर्फ आज की राजनीति का विषय नहीं, बल्कि लंबे इतिहास से जुड़ा हुआ है।
बेबाक24 टेक
यूके के गठन की कहानी बताती है कि आज की राजनीतिक सीमाएं अक्सर अचानक नहीं बनतीं। इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और आयरलैंड के बीच सदियों के संघर्ष और समझौतों ने मौजूदा व्यवस्था को आकार दिया। अब स्व-निर्णय की नई बहस यह सवाल उठा रही है कि आने वाले वर्षों में यह संघ अपनी मौजूदा संरचना में कितना कायम रहेगा।