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'इसराइल के कुछ लोग बेवजह खींचना चाहते हैं युद्ध'— अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस का सनसनीखेज आरोप

by on | 2026-07-16 21:03:13

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'इसराइल के कुछ लोग बेवजह खींचना चाहते हैं युद्ध'— अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस का सनसनीखेज आरोप

वाशिंगटन/तेल अवीव (बेबाक24): पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी महासंग्राम और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सीधे सैन्य टकराव के बीच एक बेहद चौंकाने वाला कूटनीतिक भूचाल आ गया है। इस बार यह बयान किसी विरोधी देश से नहीं, बल्कि इसराइल के सबसे बड़े मददगार अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व की ओर से आया है।

अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि इसराइली सरकार और वहां के समाज के भीतर कुछ ऐसे शक्तिशाली तत्व मौजूद हैं, जो ईरान के साथ जारी इस विनाशकारी युद्ध को जानबूझकर और बेवजह लंबा खींचना चाहते हैं। 'बेबाक24' के अंतरराष्ट्रीय मामलों के डेस्क की यह विशेष खोजी रिपोर्ट:

'द जो रोगन एक्सपीरिएंस पॉडकास्ट' में वेंस का बेबाक बयान

बुधवार (15 जुलाई 2026) को प्रसारित दुनिया के सबसे लोकप्रिय पॉडकास्ट 'द जो रोगन एक्सपीरिएंस' (The Joe Rogan Experience) में बातचीत के दौरान उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने बिना किसी कूटनीतिक हिचकिचाहट के अपनी बात रखी:

  • नीति बदलने की साजिश का आरोप: जेडी वेंस ने कहा, "मुझे इस बात में जरा भी संदेह नहीं है कि इसराइली सरकार के भीतर कुछ ऐसे लोग बैठे हैं, जो वाशिंगटन में हमारी (अमेरिका की) विदेश नीति को प्रभावित करने और उसे बदलने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे इस सैन्य अभियान को बिना रुके जारी रखना चाहते हैं।"

अमेरिकी जनमत को प्रभावित करने का बड़ा दावा

वेंस ने केवल सरकार ही नहीं, बल्कि अमेरिकी जनता की सोच के साथ खिलवाड़ किए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया:

  • बिना किसी स्पष्ट मकसद के युद्ध: वेंस के मुताबिक, व्हाइट हाउस और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को इस बात का पूरा यकीन है कि इसराइली सिस्टम के कुछ लोग अमेरिका के भीतर जनमत (Public Opinion) को प्रभावित करने और उसे युद्ध के पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

  • अनिश्चितकालीन जंग: उन्होंने सबसे गंभीर बात यह कही कि यह सब किसी स्पष्ट या रणनीतिक मकसद (Clear Objective) को हासिल करने के लिए नहीं किया जा रहा है, बल्कि उनका एकमात्र एजेंडा सिर्फ और सिर्फ युद्ध को अनिश्चितकाल (Indefinitely) तक खींचना है।

नाजुक समय पर आया बयान: मिडिल ईस्ट में आर-पार की जंग

जेडी वेंस का यह तीखा बयान ऐसे समय में आया है जब पूरा मिडिल ईस्ट बारूद के ढेर पर है और अमेरिका खुद इस युद्ध में सीधे तौर पर कूद चुका है:

  • अमेरिका के हवाई हमले: हाल ही में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के नाम पर ईरान के भीतर घुसकर उसके सैन्य कमांड सेंटर्स, ड्रोन ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम पर भीषण बमबारी की है।

  • ईरान का पलटवार: इसके जवाब में ईरान ने भी दावा किया है कि उसने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों (विशेषकर बहरीन और कुवैत) को निशाना बनाया है। साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह अगले हफ्ते वार्ता की मेज पर नहीं आया, तो उसके बिजलीघर और पुल तबाह कर दिए जाएंगे।

जेडी वेंस का बयान और वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य

मुख्य बिंदुविवरण और प्रभाव (16 जुलाई 2026 तक)
बयान देने वालेजेडी वेंस (उप राष्ट्रपति, संयुक्त राज्य अमेरिका)
मंचद जो रोगन एक्सपीरिएंस पॉडकास्ट (बुधवार का एपिसोड)
मुख्य आरोपइसराइल के कुछ तत्व अमेरिकी नीति और जनमत को प्रभावित कर युद्ध लंबा खींच रहे हैं।
रणनीतिक स्थितिअमेरिका द्वारा ईरान पर हवाई हमले; ईरान द्वारा अमेरिकी बेस पर जवाबी कार्रवाई का दावा।
संभावित असरवाशिंगटन और तेल अवीव (इसराइल) के बीच कूटनीतिक संबंधों में आ सकती है तल्खी।

बेबाक24 टेक

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस का यह बयान इस बात का साफ संकेत है कि अमेरिका की आंतरिक राजनीति और रक्षा गलियारों में अब इसराइल की युद्ध नीति को लेकर गंभीर मतभेद और असंतोष उभर चुका है। यह पहली बार है जब ट्रंप प्रशासन के किसी इतने शीर्ष अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से इसराइल पर अमेरिकी नीति को 'मैनिप्युलेट' (प्रभावित) करने का सीधा आरोप लगाया है।

बेबाक24 का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप जहां एक तरफ ईरान पर कड़े सैन्य हमले कर उसे बातचीत की मेज पर लाने और एक 'ग्रैंड डील' करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं वेंस का यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका अब इसराइल के कट्टरपंथी तत्वों के एजेंडे पर आंख मूंदकर चलने को तैयार नहीं है। अमेरिका समझ चुका है कि अगर यह युद्ध अनिश्चितकाल तक खिंचा, तो इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और खुद अमेरिकी सेना पर पड़ेगा। 20 जुलाई को शुरू हो रहे भारतीय संसद के मानसून सत्र में भी जब विदेश नीति पर चर्चा होगी, तो पश्चिम एशिया का यह नया मोड़ वैश्विक समीकरणों को बदलने वाला साबित होगा। अब देखना यह होगा कि वेंस के इस बयान पर इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की क्या प्रतिक्रिया आती है।



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