ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
अंतरराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय

यूक्रेन में महासंकट! रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को हटाने पर भड़का जनआक्रोश

by on | 2026-07-16 21:23:11

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3117


यूक्रेन में महासंकट! रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को हटाने पर भड़का जनआक्रोश

कीएव/लंदन (बेबाक24): रूस के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच यूक्रेन के भीतर एक बहुत बड़ा आंतरिक राजनीतिक और सैन्य भूचाल आ गया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की द्वारा रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव (Mykhailo Fedorov) को अचानक उनके पद से हटाए जाने के फैसले ने देश में एक नया आंतरिक संकट खड़ा कर दिया है।

इस फैसले के विरोध में गुरुवार (16 जुलाई 2026) सुबह राजधानी कीएव (Kyiv) समेत यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों में हजारों लोग, विशेषकर युवा और नागरिक समाज के प्रतिनिधि, सड़कों पर उतर आए हैं। 'बेबाक24' के इंटरनेशनल वॉर और ग्लोबल पॉलिसी डेस्क की यह विशेष विस्तृत रिपोर्ट:

कीएव की सड़कों पर भारी विरोध प्रदर्शन, सेना में भी नाराजगी

यूक्रेन की राजधानी कीएव से बीबीसी संवाददाताओं (लौरा गोजी, अनास्तासिया लेवचेंको और सारा रेन्सफोर्ड) की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार सुबह से ही हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं:

  • युवाओं का आक्रोश: रक्षा मंत्री फेदोरोव को हटाए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर बैनर और प्लेकार्ड लेकर उतरे हैं।

  • अटकलों को मिली हवा: काफी समय से यह चर्चा आम थी कि रक्षा मंत्री फेदोरोव और यूक्रेनी सेना के शीर्ष कमांडर (सेना प्रमुख) ओलेक्सांद्र सिर्स्की (Oleksandr Syrskyi) के बीच गंभीर मतभेद चल रहे हैं। फेदोरोव को पद से हटाए जाने के बाद अब यह सैन्य और राजनीतिक टकराव पूरी तरह से सार्वजनिक हो गया है।

फेदोरोव का सनसनीखेज खुलासा: 'मैंने सेना प्रमुख को हटाने का सुझाव दिया था'

पद से हटाए जाने के बाद पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने एक बड़ा बयान जारी कर सेना प्रमुख पर सीधा निशाना साधा है:

  • सैन्य नेतृत्व बदलने की थी मांग: फेदोरोव ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को यह लिखित और मौखिक सुझाव दिया था कि सेना प्रमुख ओलेक्सांद्र सिर्स्की और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ आंद्री हनातोव (Andrii Hnatov) को तुरंत उनके पदों से बदला जाना चाहिए, क्योंकि वे युद्ध की मौजूदा परिस्थितियों में प्रभावी साबित नहीं हो रहे थे।

  • सिर्स्की पर तीखा हमला: फेदोरोव ने कहा, "जब राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ कह दिया कि वे सिर्स्की को उनके पद से नहीं हटाएंगे, तो मैंने स्पष्ट किया था कि मुझे फिर उनके साथ मिलकर काम करना सीखना होगा। लेकिन सिर्स्की ने रूस को किसी आधुनिक और अलग रणनीति से हराने का रास्ता खोजने के बजाय, आंतरिक रूप से देश को बांटने का रास्ता चुन लिया।"

ब्रिटेन के पीएम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले जेलेंस्की— 'लंबे समय से था टकराव'

इस बड़े घरेलू राजनीतिक संकट के बीच राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की इस समय ब्रिटेन के दौरे पर हैं। लंदन में ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर (Keir Starmer) के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेलेंस्की ने इस सैन्य फेरबदल पर पहली बार खुलकर बात की:

  • टकराव को स्वीकारा: जेलेंस्की ने वैश्विक मीडिया के सामने माना कि यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ के बीच पिछले लंबे समय से कई नीतिगत और रणनीतिक स्तरों पर गहरा टकराव चल रहा था।

  • जेलेंस्की का बीच-बचाव: राष्ट्रपति ने कहा कि वे खुद कई बार दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता (बीच-बचाव) कर रहे थे, जिसके बाद ही दोनों शीर्ष अधिकारी किसी तरह एक साथ काम कर पा रहे थे। लेकिन युद्ध के इस नाजुक मोड़ पर सेना और मंत्रालय के बीच ऐसा गतिरोध देश के हित में नहीं था, इसलिए यह कड़ा विधायी कदम उठाना पड़ा।

सेना प्रमुख ओलेक्सांद्र सिर्स्की का संक्षिप्त जवाब

इस पूरे विवाद और फेदोरोव के आरोपों के बीच यूक्रेनी सेना के प्रमुख ओलेक्सांद्र सिर्स्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम (Telegram) पर एक बेहद नपा-तुला और संक्षिप्त संदेश जारी किया:

  • रणनीति पर फोकस: सिर्स्की ने कहा कि उन्हें साल 2022 में रूस के खिलाफ कीएव की रक्षा के ऐतिहासिक सैन्य अभियान का नेतृत्व करने पर बेहद गर्व है।

  • भविष्य की शुभकामनाएं: उन्होंने साफ किया कि उनका पूरा ध्यान किसी राजनीतिक बयानबाजी पर नहीं, बल्कि आगे के युद्ध और प्रभावी सैन्य रणनीति पर केंद्रित रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व रक्षा मंत्री फेदोरोव को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

यूक्रेन सैन्य संकट (मिखाइलो फेदोरोव निष्कासन): फैक्ट फाइल

रणनीतिक पहलूवर्तमान स्थिति और घटनाक्रम (16 जुलाई 2026)
मुख्य कार्रवाईराष्ट्रपति जेलेंस्की द्वारा रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को पद से हटाया गया।
विवाद की मुख्य जड़पूर्व रक्षा मंत्री फेदोरोव और सेना प्रमुख ओलेक्सांद्र सिर्स्की के बीच लंबे समय से जारी मतभेद।
जनता का रुखफैसले के खिलाफ कीएव की सड़कों पर युवाओं और नागरिक समाज का भारी विरोध प्रदर्शन।
जेलेंस्की का स्टैंडरक्षा मंत्रालय और सेना के बीच जारी अंदरूनी टकराव को खत्म करने के लिए बदलाव जरूरी था।

बेबाक24 टेक

रूस के साथ चल रहे इस भीषण और लंबे युद्ध के बीच रक्षा मंत्रालय के शीर्ष नेतृत्व को बदलना वोलोदिमिर जेलेंस्की के लिए एक बहुत बड़ा जुआ (Gambling) साबित हो सकता है। मिखाइलो फेदोरोव यूक्रेन के युवाओं और तकनीकी क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय रहे हैं, जिन्होंने युद्ध के दौरान यूक्रेन के ड्रोन प्रोग्राम और डिजिटल डिफेंस को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। ऐसे में उन्हें हटाए जाने से कीएव की सड़कों पर उतरा जनआक्रोश जेलेंस्की के राजनीतिक नैरेटिव को कमजोर कर सकता है।

बेबाक24 का मानना है कि सेना प्रमुख सिर्स्की और रक्षा मंत्रालय के बीच का यह अंतर्विरोध यह दर्शाता है कि यूक्रेन के सैन्य रणनीतिकारों के भीतर युद्ध को आगे बढ़ाने के तरीकों को लेकर गहरा मतभेद है। जहां एक तरफ 20 जुलाई से भारत में संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है और वैश्विक विदेश नीति पर चर्चा होनी है, वहीं यूरोप के मुहाने पर यूक्रेन की यह आंतरिक कमजोरी रूस के हौसले बढ़ा सकती है। जेलेंस्की को केवल विदेशी दौरों पर कूटनीतिक समर्थन जुटाने के बजाय, तुरंत कीएव लौटकर अपने देश के युवाओं और नागरिक समाज के इस असंतोष को शांत करना होगा, वरना यह आंतरिक दरार यूक्रेन को युद्ध के मैदान में भारी पड़ सकती है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment