ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
ताजा खबर ताजा खबर

जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन का 19वां दिन; 9 किलो से ज्यादा घटा वजन, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिए दैनिक निगरानी के आदेश

by on | 2026-07-16 20:56:25

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3096


जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन का 19वां दिन; 9 किलो से ज्यादा घटा वजन, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिए दैनिक निगरानी के आदेश

नई दिल्ली (बेबाक24): नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे प्रख्यात शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज (16 जुलाई 2026) 19वां दिन है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून से शुरू हुए इस आंदोलन के बीच वांगचुक की सेहत में लगातार गिरावट आ रही है।

इस बीच, सीनियर जनरल फिजिशियन डॉ. सतीश लांबा द्वारा जारी 19वें दिन के ताजा हेल्थ बुलेटिन ने आंदोलनकारियों और उनके समर्थकों की चिंता बढ़ा दी है, हालांकि कानूनी मोर्चे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सुरक्षा को लेकर बड़ा हस्तक्षेप किया है। 'बेबाक24' की यह विशेष मेडिकल और राजनीतिक रिपोर्ट:

हेल्थ बुलेटिन: 9 किलो से अधिक वजन कम, हालत स्थिर पर कमजोर

वरिष्ठ चिकित्सकों और डॉ. सतीश लांबा की टीम द्वारा जारी ताजा मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, लगातार 19 दिनों तक अन्न का एक भी दाना न लेने के कारण सोनम वांगचुक का शरीर तेजी से कमजोर हो रहा है:

  • वजन में भारी गिरावट: अनशन की शुरुआत से लेकर अब तक सोनम वांगचुक का वजन 9 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है। डॉक्टरों के मुताबिक उनका वजन 57 किलो के आसपास पहुंच चुका है, जिससे उनकी मांसपेशियां (Muscles) काफी कमजोर हो गई हैं।

  • वाइटल्स और शुगर लेवल: ताजा जांच में वांगचुक का ब्लड शुगर स्तर 80 mg/dL दर्ज किया गया है। वहीं उनकी पल्स रेट 72 बीट्स प्रति मिनट (bpm) और ब्लड प्रेशर 105/76 के करीब है।

  • मानसिक रूप से सक्रिय: मेडिकल बुलेटिन में राहत की बात यह है कि उनके शरीर में पानी की मात्रा (Hydration) फिलहाल सामान्य (Fair) बनी हुई है और वे शारीरिक कमजोरी के बावजूद मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय और सचेत हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त निर्देश: "हर नागरिक की जान कीमती है"

सोनम वांगचुक की तेजी से बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर उन्हें तुरंत अस्पताल शिफ्ट करने और फोर्स-फीडिंग (जबरन लिक्विड डाइट देने) की मांग की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं:

  • दैनिक क्लीनिकल मॉनिटरिंग: हाई कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों को नोट करते हुए आदेश दिया कि सरकारी डॉक्टरों और विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की दैनिक (Daily) क्लीनिकल निगरानी की जाए।

  • आवश्यक चिकित्सा हस्तक्षेप: अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि "किसी भी नागरिक का जीवन अमूल्य है और उसे बचाने के लिए सरकारी अधिकारियों द्वारा हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।" यदि डॉक्टरों की रिपोर्ट में स्थिति चिंताजनक पाई जाती है, तो सरकार को तुरंत आवश्यक चिकित्सा उपचार और हस्तक्षेप शुरू करना होगा।

'चलो संसद' मार्च की तैयारी और विपक्ष का चौतरफा समर्थन

अपनी गिरती सेहत के बावजूद सोनम वांगचुक ने बुधवार देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों और आम जनता से अपने हक की लड़ाई में शामिल होने की भावुक अपील की है:

  • 20 जुलाई को संसद मार्च: वांगचुक ने आगाह किया कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं और उन छात्रों के न्याय के लिए है जिन्होंने सिस्टम की नाकामी के कारण दम तोड़ दिया। उन्होंने 20 जुलाई 2026 को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के दिन जंतर-मंतर से संसद भवन तक आयोजित होने वाले शांतिपूर्ण 'चलो संसद' अभियान में भारी संख्या में लोगों को जुटने का आह्वान किया है।

  • विपक्ष की अनशन खत्म करने की अपील: वांगचुक की नाजुक स्थिति को देखते हुए कांग्रेस (Congress), समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित कई विपक्षी दिग्गजों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है, ताकि वे जीवित रहकर इस लड़ाई को आगे बढ़ा सकें। आज शाम अरविंद केजरीवाल भी प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करने जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं।

सोनम वांगचुक अनशन (19वां दिन): वर्तमान स्थिति

स्वास्थ्य पैरामीटरताजा रिपोर्ट (16 जुलाई 2026)डॉक्टरों की टिप्पणी
कुल वजन में कमी9 किलोग्राम से अधिक (वर्तमान ~57.1 kg)मांसपेशियां कमजोर, लगातार 24 घंटे निगरानी की आवश्यकता।
ब्लड शुगर लेवल80 mg/dLक्रिटिकल सीमा के करीब, हालांकि वर्तमान में स्थिर।
पल्स और हाइड्रेशनपल्स: 72 bpm, हाइड्रेशन: सामान्य (Fair)मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय और सजग।
न्यायिक आदेशदिल्ली हाई कोर्ट द्वारा सरकारी डॉक्टरों से दैनिक जांच का आदेश।स्वास्थ्य बिगड़ने पर सरकार को तुरंत मेडिकल एक्शन लेना होगा।

बेबाक24 टेक

सोनम वांगचुक का यह अनशन अब केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं रह गया है, बल्कि देश की शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधार और जवाबदेही की मांग का राष्ट्रीय प्रतीक बन चुका है। दिल्ली हाई कोर्ट का यह कहना कि "हर नागरिक की जिंदगी कीमती है", सरकार के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल है। एक तरफ जहां विपक्ष इसे आगामी संसद सत्र में सरकार को घेरने का मुख्य मुद्दा बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ 19 दिनों से भूखे एक बुजुर्ग शिक्षाविद की जान दांव पर लगी है।

बेबाक24 का मानना है कि लोकतंत्र में संवाद ही सबसे बड़ा हथियार है। केंद्र सरकार को केवल मेडिकल बुलेटिन और कोर्ट के आदेशों के भरोसे बैठने के बजाय, तुरंत एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजकर प्रदर्शनकारी युवाओं और सोनम वांगचुक से बातचीत की मेज पर आना चाहिए। किसी भी संवेदनशील सरकार को अपने ही नागरिकों और देश के बेहतरीन दिमागों को इस तरह सड़कों पर घुटने टेकने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। हम सोनम वांगचुक के बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि 20 जुलाई के संसद मार्च से पहले इस गतिरोध का कोई शांतिपूर्ण समाधान निकल सकेगा।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment