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"अहंकारी सरकार से उम्मीद व्यर्थ"; सोनम वांगचुक के अनशन पर कूदे अखिलेश यादव, केंद्र पर लगाया 'मंदिर लूटने' का गंभीर आरोप, की अनशन तोड़ने की भावुक अपील

by admin@bebak24.com on | 2026-07-14 21:05:25

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"अहंकारी सरकार से उम्मीद व्यर्थ"; सोनम वांगचुक के अनशन पर कूदे अखिलेश यादव, केंद्र पर लगाया 'मंदिर लूटने' का गंभीर आरोप, की अनशन तोड़ने की भावुक अपील

लखनऊ/नई दिल्ली (बेबाक24): दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अब समाजवादी पार्टी का भी मुखर समर्थन मिल गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में पिछले 17 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे देश के प्रख्यात शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरती सेहत पर चिंता जताते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनसे अपना अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की है।

अखिलेश यादव ने इस दौरान केंद्र की भाजपा सरकार पर अब तक का सबसे तीखा और सीधा हमला बोला है। 'बेबाक24' की विशेष राजनीतिक रिपोर्ट:

अखिलेश यादव का भावुक संदेश: "आपका जीवन पूरी दुनिया के लिए अनमोल"

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सोनम वांगचुक के समर्थन में एक विस्तृत पोस्ट साझा की। उन्होंने वांगचुक के जज्बे को सलाम करते हुए लिखा:

"सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तुरंत तोड़ दें। उनका जीवन केवल इस देश के लिए ही नहीं, बल्कि समस्त विश्व के लिए अनमोल है, क्योंकि उनके जीवन में मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही गहरी प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए।"

केंद्र सरकार पर तीखा हमला: "सत्याग्रह क्या जानें वो, जो सत्ताग्रह के लालच में मंदिर तक लूट रहे"

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में वांगचुक की सेहत पर सरकार की चुप्पी को लेकर प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

  • सिद्धांतहीन और असंवेदनशील सरकार: "जिस सरकार को जगाने के लिए सोनम वांगचुक जी 17 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं, वह पूरी तरह से सिद्धांतहीन, भ्रष्ट और असंवेदनशील है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई मोल नहीं है, उनके लिए केवल धन ही प्रधान है।"

  • अहंकार में चूर सत्ता: सपा प्रमुख ने आगे लिखा, "वे भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। ऐसी सरकार से किसी भी बदलाव या सुधार की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है, उनमें परिष्कार (सुधार) नहीं होता।"

  • 'सत्ताग्रह' का तंज: भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए अखिलेश ने लिखा, "सत्याग्रह का महत्व वो लोग क्या जानेंगे, जो सत्ताग्रह के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं।"

जंतर-मंतर आंदोलन: 17वें दिन के मुख्य सियासी घटनाक्रम

राजनीतिक दल / नेताआंदोलन पर रुख और आधिकारिक बयान
सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk)17वें दिन भी अनशन पर अडिग; मांसपेशियों में खिंचाव और गंभीर शारीरिक दर्द।
अखिलेश यादव (सपा प्रमुख)अनशन तोड़ने की सविनय अपील; केंद्र सरकार को भ्रष्ट और असंवेदनशील बताया।
महुआ मोइत्रा (TMC सांसद)पहले ही अपील कर चुकी हैं— "आपकी जिंदगी हमारे लिए मायने रखती है, अनशन छोड़ें।"
केंद्र सरकार (BJP)शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

बेबाक24 टेक

17 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक का गिरता स्वास्थ्य अब एक राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। विपक्षी कूटनीति के लिहाज से देखें तो पहले टीएमसी की महुआ मोइत्रा और अब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का इस आंदोलन के पक्ष में आना यह साफ करता है कि इंडिया (INDIA) गठबंधन इस मुद्दे को संसद के आगामी मानसून सत्र में पूरी ताकत से उठाने जा रहा है। अखिलेश यादव का 'मंदिर लूटने' वाला बयान बेहद आक्रामक है, जो उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर सकता है।

बेबाक24 का मानना है कि विपक्ष की यह रणनीति बिल्कुल सही है कि सोनम वांगचुक को एक प्रतीक बनाकर युवाओं और छात्रों के गुस्से को एकजुट किया जाए, लेकिन इसके साथ ही वांगचुक की जान बचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। एक लोकतांत्रिक देश में यदि कोई अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यावरणविद 17 दिनों तक भूखा बैठा रहे और सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बात तक करने न पहुंचे, तो यह शासन की कूटनीतिक विफलता को दर्शाता है। 20 जुलाई के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले सरकार को इस गतिरोध को तोड़ने का प्रयास करना चाहिए।



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