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सोनम वांगचुक के अनशन का 17वां दिन; मांसपेशियों में खिंचाव और गंभीर दर्द के बीच अडिग, महुआ मोइत्रा ने की अनशन तोड़ने की भावुक अपील

by admin@bebak24.com on | 2026-07-14 20:52:49

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सोनम वांगचुक के अनशन का 17वां दिन; मांसपेशियों में खिंचाव और गंभीर दर्द के बीच अडिग, महुआ मोइत्रा ने की अनशन तोड़ने की भावुक अपील

नई दिल्ली/जंतर-मंतर (बेबाक24): दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश की शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब बेहद नाजुक मोड़ पर आ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के अनशन का आज 17वां दिन है।

तमाम अपीलों और डॉक्टरों की चेतावनियों के बावजूद वांगचुक का संकल्प डिगा नहीं है। इस बीच, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रैंड सांसद महुआ मोइत्रा ने वांगचुक की सेहत को लेकर बड़े बयान जारी किए हैं। 'बेबाक24' की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट:

अभिजीत दीपके का बड़ा खुलासा: "मांसपेशियों का वज़न घटना शुरू, बेहद दर्द में हैं वांगचुक"

सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सोनम वांगचुक का ताज़ा हेल्थ अपडेट साझा करते हुए गंभीर चिंता जताई है:

  • शारीरिक स्थिति: दीपके ने बताया, "सोनम सर की भूख हड़ताल का आज 17वां दिन है। शरीर में पोषक तत्वों की भारी कमी के कारण अब उनकी मांसपेशियों का वज़न (Muscle Mass Loss) कम होना शुरू हो गया है और वे इस समय बेहद असहनीय दर्द से गुजर रहे हैं।"

  • बातचीत से इनकार: जब दीपके ने उनसे अनशन खत्म करने की गुज़ारिश की, तो वांगचुक ने शांत भाव से सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल उठाते हुए कहा, "मुझसे भूख हड़ताल ख़त्म करने के लिए मत कहिए। इसके बजाय सरकार से जाकर पूछिए कि वह इस गंभीर मुद्दे पर हमसे बातचीत तक करने के लिए क्यों तैयार नहीं है?"

सांसद महुआ मोइत्रा की भावुक अपील: "आपकी ज़िंदगी हमारे लिए मायने रखती है, अनशन छोड़ें"

सोनम वांगचुक के इस ऐतिहासिक आंदोलन को अब विपक्ष का भी खुला समर्थन मिल रहा है। टीएमसी (TMC) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने वांगचुक के समर्थन में एक्स (X) पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा की:

"सोनम सर, आपके इस ऐतिहासिक अनशन ने न्याय की लड़ाई में देश के पूरे युवा वर्ग को एक मंच पर एकजुट कर दिया है। आपने जिस चेतना को जगाने के लिए यह कदम उठाया था, वह लक्ष्य पूरी तरह से सफल हो गया है।"

सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए महुआ मोइत्रा ने आगे लिखा, "इस सरकार को न तो आपकी ज़िंदगी की परवाह है और न ही देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की। लेकिन आपकी ज़िंदगी हमारे और इस आंदोलन के लिए बहुत मायने रखती है। मेरा आपसे हाथ जोड़कर अनुरोध है कि कृपया अपना अनशन ख़त्म करें और इस लड़ाई को जीवित रहकर आगे बढ़ाएं।"

आंदोलन का मुख्य फोकस और मांगें: एक नजर में

मुख्य बिंदुआंदोलन के ताज़ा घटनाक्रम और फैक्ट्स
अनशन की अवधिसोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 17वां दिन लगातार जारी।
ताज़ा मेडिकल स्थितिमांसपेशियों का क्षरण (Muscle Loss) शुरू, शरीर में गंभीर दर्द और कमजोरी।
मुख्य मांगनीट (NEET) पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
आंदोलन की अगली रणनीतिसीजेपी (CJP) द्वारा आगामी 20 जुलाई 2026 को संसद सत्र के पहले दिन 'संसद मार्च'।

बेबाक24 टेक

एक तरफ जहां 17 दिनों से अन्न-जल त्यागे सोनम वांगचुक का शरीर अब उनका साथ छोड़ने लगा है और मांसपेशियां गलने लगी हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ता के गलियारों में पसरा सन्नाटा बेहद परेशान करने वाला है। महुआ मोइत्रा की यह बात कड़वी मगर कूटनीतिक रूप से बिल्कुल सही है कि आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाने के लिए नेतृत्व करने वाले का स्वस्थ रहना जरूरी है। वांगचुक ने जंतर-मंतर की तपती धूप में बैठकर देश के युवाओं और छात्रों के हक में जो अलख जगाई है, उसने सरकार को बैकफुट पर तो ला ही दिया है।

बेबाक24 का मानना है कि सीजेपी की इस जंग को अब एक राजनीतिक और सामाजिक धार मिल चुकी है। 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च से पहले यदि सरकार ने वांगचुक से संवाद स्थापित नहीं किया, तो यह आंदोलन देशव्यापी छात्र आंदोलन का रूप ले सकता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में हठधर्मिता के बजाय संवाद ही एकमात्र रास्ता है, और गृह मंत्रालय को सोनम वांगचुक की जान की कीमत समझते हुए तुरंत मध्यस्थता करनी चाहिए।



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