by admin@bebak24.com on | 2026-07-16 15:33:41
Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3084
मुंबई (बेबाक24): आगामी 20 जुलाई 2026 से शुरू हो रहा संसद का मानसून सत्र भारतीय विधायी इतिहास के सबसे नाटकीय और ऐतिहासिक सत्रों में से एक होने जा रहा है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का यह सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के लिए 'अस्तित्व और प्रभाव' की सबसे बड़ी लड़ाई साबित होगा।
एक तरफ बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन महिलाओं को 2029 तक आरक्षण देने और लोकसभा सीटों की संख्या को 543 से बढ़ाकर 850 करने वाले ऐतिहासिक परिसीमन व संविधान संशोधन विधेयक को हर हाल में पारित कराना चाहता है। दूसरी तरफ, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की फायरब्रांड नेता सुप्रिया सुले के एक ताजा बयान ने इस पूरी बिसात पर नई सियासी हलचल पैदा कर दी है।
संसद के पिछले सत्र (अप्रैल 2026) में सरकार इस संविधान संशोधन बिल के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने में नाकाम रही थी। लेकिन इस मानसून सत्र से ठीक पहले एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने बीजेपी के सामने एक बेहद दिलचस्प और व्यावहारिक शर्त रख दी है:
समान आनुपातिक वृद्धि की मांग: सुप्रिया सुले का कहना है कि अगर सरकार प्रस्तावित परिसीमन विधेयक में जनसंख्या के बजाय सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत की वृद्धि करने का लिखित और स्पष्ट फार्मूला शामिल करती है, तो उनकी पार्टी विधेयक का समर्थन करने पर विचार कर सकती है।
महाराष्ट्र का उदाहरण: सुले ने समझाया कि इस 50% फार्मूले के तहत महाराष्ट्र की लोकसभा सीटें मौजूदा 48 से बढ़कर 72 हो जाएंगी। उन्होंने आगे सवाल उठाया, "इन 72 सीटों में से 3 सीटें एससी/एसटी के लिए आरक्षित होंगी। बची 69 सीटों में से कुछ महिला आरक्षण के तहत चली जाएंगी। तो सामान्य वर्ग के लिए केवल 48 सीटें बचेंगी। सरकार को इसका स्पष्ट गणित संसद में रखना होगा।"
दक्षिण के राज्यों की चिंता: सुले ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले मौखिक रूप से 50% वृद्धि की बात कही थी, लेकिन बांटे गए ड्राफ्ट बिल में इसका कोई जिक्र नहीं था। यदि केवल जनसंख्या को आधार बनाया गया, तो जनसंख्या नियंत्रण करने वाले दक्षिण भारत के राज्यों के साथ बड़ा अन्याय होगा।
राजनीतिक विश्लेषक सुहास पलशिकर का तीखा तंज:
"परिसीमन के मुद्दे पर शरद पवार की एनसीपी और बीजेपी में सहयोग की खबरें केवल राजनीतिक दलों के संकट को नहीं, बल्कि देश में राजनीति के विचार और उसके मूल मकसद के गहरे संकट को भी दर्शाती हैं।"
2024 के लोकसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत से दूर रहने वाली बीजेपी ने पिछले दो सालों में अपनी गजब की 'फ्लोर मैनेजमेंट' और विपक्षी खेमे में सेंधमारी के दम पर संसद की पूरी तस्वीर को बदल दिया है:
टीएमसी में बड़ी टूट: तृणमूल कांग्रेस के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने बगावत कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया बना ली है और एनडीए को समर्थन देने की घोषणा कर दी है।
शिवसेना यूबीटी और आप को झटका: शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसद भी एनडीए खेमे में आ चुके हैं। वहीं राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 सांसद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।
डीएमके का अलग रुख: लोकसभा में 22 सांसदों वाली डीएमके का कांग्रेस के साथ मतभेद गहरा गया है और उसने 'इंडिया' गठबंधन की बैठकों से दूरी बना ली है, जिससे एनडीए को उनकी ओर से भी परोक्ष मदद की उम्मीद है।
संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। आइए समझते हैं कि मौजूदा दलीय स्थिति के अनुसार आंकड़े क्या कहते हैं:
| सदन | कुल सदस्य संख्या | पारित करने के लिए जरूरी (2/3 बहुमत) | एनडीए की वर्तमान संख्या | अनुमानित अतिरिक्त समर्थन (TMC बागी, शिवसेना व अन्य) | अंतर (शॉर्टफॉल) |
| लोकसभा | 540 | 360 मत | 293 | लगभग 319 (सहयोगियों के साथ) | ~41 सीटें कम |
| राज्यसभा | 245 | 164 मत | 149 | लगभग 153 (मनोनीत व निर्दलीयों सहित) | ~11 सीटें कम |
नोट: 24 जुलाई 2026 के बाद राज्यसभा में बीजेपी की अपनी सदस्य संख्या बढ़कर 117 होने की उम्मीद है, जो इसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर विपक्ष के इस बदलते रुख और बीजेपी की रणनीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा:
"महिलाओं के आरक्षण के नाम पर लाया जा रहा यह 131वां संविधान संशोधन बिल असल में परिसीमन की आड़ में निर्वाचन क्षेत्रों का मनमाफिक राजनीतिक पुनर्गठन करने की साजिश है। महिला आरक्षण का प्रावधान 106वें संशोधन से पहले ही हो चुका है, इसलिए इस नए बिल की कोई जरूरत नहीं थी।"
चिदंबरम ने आगाह किया कि जो दल (जैसे एनसीपी और डीएमके) इस बिल का समर्थन करने की सोच रहे हैं, वे उन राज्यों के साथ धोखा करेंगे जिन्होंने देश की राष्ट्रीय जनसंख्या नीति का ईमानदारी से पालन किया है।
परिसीमन और महिला आरक्षण का मुद्दा केवल सीटों की संख्या बढ़ाने का नहीं है, बल्कि यह देश के संघीय ढांचे के संतुलन को तय करने वाला सबसे संवेदनशील विषय है। सुप्रिया सुले ने बहुत ही चतुराई से बीजेपी की उस दुखती रग पर हाथ रखा है जिसे 'दक्षिण बनाम उत्तर' का विवाद कहा जाता है। यदि केवल जनसंख्या के आधार पर सीटें बढ़ीं, तो उत्तर भारत का राजनीतिक वर्चस्व इतना बढ़ जाएगा कि दक्षिण भारत के राज्य देश की मुख्यधारा की राजनीति में हाशिए पर चले जाएंगे।
बेबाक24 का मानना है कि सुप्रिया सुले की 'समान 50% वृद्धि' की मांग बीजेपी को एक बड़े धर्मसंकट में डालने वाली है। अमित शाह भले ही मौखिक रूप से इस पर सहमत हों, लेकिन इसे लिखित रूप में कानून का हिस्सा बनाना संवैधानिक रूप से एक जटिल प्रक्रिया होगी। विपक्षी एकता में दरार और टीएमसी-शिवसेना में हुई टूट के बाद अब गेंद शरद पवार और सुप्रिया सुले के पाले में है। यदि वे इस शर्त पर एनडीए का साथ देते हैं, तो 'इंडिया' गठबंधन का बिखरना तय है। लेकिन अगर बीजेपी उनकी इस शर्त को ड्राफ्ट में शामिल करने से कतराती है, तो 20 जुलाई से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र में लोकतंत्र का एक नया और आक्रामक रण देखने को मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'