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अब्दुल्लाह के 30 करोड़ी रिश्वत वाले बयान पर भड़की BJP, भेजा 100 करोड़ का कानूनी नोटिस, CM बोले— 'यह तो लव लेटर है'

by admin@bebak24.com on | 2026-07-14 21:03:48

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अब्दुल्लाह के 30 करोड़ी रिश्वत वाले बयान पर भड़की BJP, भेजा 100 करोड़ का कानूनी नोटिस, CM बोले— 'यह तो लव लेटर है'

श्रीनगर/जम्मू (बेबाक24): जम्मू-कश्मीर की सियासत में इन दिनों भूचाल आया हुआ है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह द्वारा भारतीय जनता पार्टी पर सरकार गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाने के बाद मामला अब अदालत की दहलीज तक पहुंच गया है।

बीजेपी के जम्मू-कश्मीर प्रदेश अध्यक्ष सत पॉल शर्मा  ने सीएम उमर अब्दुल्लाह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 100 करोड़ रुपये का मानहानि का कानूनी नोटिस थमा दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री ने भी इस पर बेहद आक्रामक और शायराना अंदाज में पलटवार किया है। 'बेबाक24' की विशेष राजनीतिक रिपोर्ट:

क्या है पूरा विवाद? उमर अब्दुल्लाह का '30 करोड़ी' आरोप

इस पूरे सियासी घमासान की शुरुआत 11 जुलाई को श्रीनगर में हुई उमर अब्दुल्लाह की एक जनसभा से हुई:

  • सीएम का सनसनीखेज दावा: उमर अब्दुल्लाह ने रैली में खुले मंच से आरोप लगाया था कि सुप्रीम कोर्ट के एक वकील, जो बीजेपी से जुड़े हैं, उन्होंने जम्मू संभाग के कुछ विधायकों से संपर्क साधा था।

  • ऑफर का खुलासा: अब्दुल्लाह ने दावा किया था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसकी सहयोगी पार्टियों के विधायकों को तोड़ने और बीजेपी में शामिल करने के लिए 20 से 30 करोड़ रुपये नकद, नई सरकार में मंत्री पद और साथ ही जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का बड़ा लालच दिया गया था।

बीजेपी का 100 करोड़ का मानहानि नोटिस: 7 दिन का अल्टीमेटम

उमर अब्दुल्लाह के इन संगीन आरोपों से तिलमिलाई बीजेपी ने इसे अपनी छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश बताया है। जम्मू-कश्मीर बीजेपी की ओर से वरिष्ठ वकील परिमोक्ष सेठ ने तीन पन्नों का कानूनी नोटिस भेजा है:

  • आरोप बेबुनियाद: नोटिस में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के आरोप पूरी तरह से झूठे, दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और बिना किसी तथ्यात्मक आधार के हैं। इससे पार्टी की राष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचा है।

  • बिना शर्त माफी की मांग: बीजेपी ने उमर अब्दुल्लाह को 7 दिनों के भीतर लिखित रूप से अपना बयान वापस लेने और बिना शर्त माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है।

  • क्रिमिनल केस की चेतावनी: प्रदेश अध्यक्ष सत पॉल शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों में माफी नहीं मांगी गई, तो पार्टी उमर अब्दुल्लाह के खिलाफ कोर्ट में सिविल और क्रिमिनल मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएगी, जिसमें 100 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा जाएगा।

सियासी घमासान: एक नजर में फैक्ट्स

मुख्य बिंदुउमर अब्दुल्लाह (CM) का पक्षबीजेपी (BJP) का स्टैंड व कार्रवाई
मूल आरोपविधायकों को तोड़ने के लिए 20-30 करोड़ रु. और मंत्री पद का ऑफर।आरोप पूरी तरह झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।
कानूनी एक्शननोटिस को 'लव लेटर' बताया; माफी मांगने से साफ इनकार।100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा; 7 दिन की मोहलत।
भावी रणनीतिबीजेपी नेताओं के खिलाफ खुद भी कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी।माफी न मिलने पर सिविल और क्रिमिनल केस दर्ज कराने की चेतावनी।

उमर अब्दुल्लाह का तीखा पलटवार: "यह बीजेपी का 'लव लेटर' है"

कानूनी नोटिस मिलने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह बिल्कुल भी बैकफुट पर नजर नहीं आए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए इस नोटिस पर तंज कसा:

"यह कानूनी नोटिस मेरे लिए बीजेपी का एक 'लव लेटर' (प्रेम पत्र) है। मुझे खुशी है और यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि बीजेपी मुझे सूबे में एक ऐसी बड़ी राजनीतिक ताकत मानती है, जिसे वे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं कर सकते।"

अब्दुल्लाह ने आगे बिना नाम लिए कश्मीर के एक बड़े बीजेपी नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि वे नेता पिछले कई महीनों से उनकी सरकार और पार्टी के खिलाफ लगातार बेबुनियाद और अपमानजनक बयानबाजी कर रहे हैं। सीएम ने चेतावनी दी, "अब तक मैंने इन हमलों का जवाब केवल राजनीतिक मंचों से दिया था, लेकिन चूंकि अब उन्होंने कानूनी रास्ता चुना है, तो मैं भी बहुत जल्द बीजेपी के संबंधित नेताओं को उनकी बदजुबानी के लिए कानूनी नोटिस भेजना शुरू करूंगा।"

बेबाक24 टेक

जम्मू-कश्मीर में पूर्ण सरकार बनने के बाद से ही राजभवन, केंद्र और राज्य सरकार के बीच खींचतान चल रही थी, लेकिन विधायकों की खरीद-फरोख्त के इस ताजा आरोप ने कड़वाहट को चरम पर पहुंचा दिया है। उमर अब्दुल्लाह का यह कहना कि वे नोटिस को 'लव लेटर' समझते हैं, साफ दिखाता है कि वे अदालत में भी इस लड़ाई को राजनीतिक माइलेज में बदलने के लिए तैयार हैं।

बेबाक24 का मानना है कि लोकतंत्र में बिना सबूतों के ऐसे गंभीर आरोप लगाना यदि गलत है, तो विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए 100 करोड़ के भारी-भरकम मुकदमों की धमकी देना भी स्वस्थ राजनीति का हिस्सा नहीं है। अगर यह मामला कोर्ट में जाता है, तो उमर अब्दुल्लाह को उन कथित विधायकों और फोन कॉल्स के सबूत पेश करने होंगे, वहीं बीजेपी को भी यह साबित करना होगा कि उनकी छवि को वाकई 100 करोड़ का नुकसान हुआ है। फिलहाल, घाटी की वादियों में सियासी पारा पूरी तरह गरम है।



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