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ईरानी मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत, 6 भारतीय घायल; यूएई में भारतीय दूतावास ने जारी किया आधिकारिक बयान

by admin@bebak24.com on | 2026-07-14 21:00:12

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ईरानी मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत, 6 भारतीय घायल; यूएई में भारतीय दूतावास ने जारी किया आधिकारिक बयान

दुबई/नई दिल्ली (बेबाक24): होर्मुज़ स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो कमर्शियल तेल टैंकरों पर हुए ईरानी क्रूज़ मिसाइल हमले का असर अब भारत तक पहुंच गया है। इस भीषण हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर (नाविक) की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि छह अन्य भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

इस दुखद घटना के बाद यूएई स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy in UAE) ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है और हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है।

भारतीय दूतावास का आधिकारिक बयान: "हर संभव मदद के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में"

भारतीय नाविक की मौत और अन्य नागरिकों के घायल होने की पुष्टि करते हुए यूएई में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर गहरा शोक व्यक्त किया:

"हम दो जहाजों (टैंकरों) पर हुए हमलों में एक भारतीय नाविक की दुखद मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास इस पूरे घटनाक्रम और हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं। हम घायल भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को हर संभव कूटनीतिक व चिकित्सीय मदद देने के लिए यूएई के स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं।"

मोंबासा टैंकर पर हुआ हमला; घायलों में 6 भारतीय और 2 यूक्रेनी शामिल

यूएई के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी विस्तृत विवरण के अनुसार, यह हमला बेहद सोचे-समझे तरीके से अंजाम दिया गया:

  • भारतीय नाविक की मौत: ईरान द्वारा दागी गई दो क्रूज़ मिसाइलों ने यूएई के जिन दो टैंकरों— 'मोंबासा' (Mombasa) और 'अल बहिया' (Al Bahia) को निशाना बनाया, उनमें से 'मोंबासा' टैंकर पर तैनात भारतीय क्रू सदस्य की हमले की चपेट में आने से मौत हो गई।

  • घायलों की स्थिति: इस मिसाइल हमले में कुल आठ लोग घायल हुए हैं, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी (Ukrainian) नागरिक शामिल हैं। यूएई के सैन्य चिकित्सा सूत्रों के मुताबिक, घायलों में से चार की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष ट्रॉमा केयर में रखा गया है।

  • जहाजों में लगी आग: मिसाइल टकराने के तुरंत बाद दोनों तेल टैंकरों के पिछले हिस्से में भीषण आग लग गई थी और जहाजों को बड़ा नुकसान पहुंचा था। हालांकि, आपातकालीन रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।

होर्मुज़ स्ट्रेट हमला: हताहतों और कूटनीतिक अपडेट

मुख्य बिंदु'बेबाक24' फैक्ट चेक और डेटा
भारतीयों को नुकसान1 भारतीय नाविक की मौत, 6 भारतीय क्रू मेंबर घायल।
अन्य विदेशी नागरिक2 यूक्रेनी नागरिक घायल (कुल 8 घायलों में से 4 की हालत गंभीर)।
भारतीय दूतावास का रुखस्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय, परिवारों को सहायता का आश्वासन।
यूएई की चेतावनीअंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन; आत्मरक्षा में कदम उठाने को तैयार।

यूएई ने दी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी; ईरान का पुराना अड़ियल रुख

इस हमले के बाद खाड़ी देशों और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है:

  • यूएई का कड़ा रुख: संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने इस मिसाइल हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने कहा, "यूएई को अपने क्षेत्र, नागरिकों और वाणिज्यिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का पूरा संप्रभु अधिकार है। हमारा देश किसी भी संभावित सैन्य खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।"

  • ईरान की दलील: इसके विपरीत, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अपने पहले के स्टैंड को दोहराते हुए कहा है कि दोनों टैंकर खाड़ी के नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, इसलिए उन पर यह दंडात्मक कार्रवाई की गई।

बेबाक24 टेक

खाड़ी देशों के कमर्शियल जहाजों पर काम करने वाले निर्दोष अंतरराष्ट्रीय नाविकों को इस तरह भू-राजनीतिक (Geopolitical) जंग का शिकार बनाना बेहद निंदनीय है। भारतीय नाविक की मौत ने इस पूरे विवाद को भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के लिए एक बेहद संवेदनशील मुद्दा बना दिया है। दुनिया भर के मर्चेंट नेवी जहाजों में भारतीयों की एक बहुत बड़ी आबादी काम करती है, और ऐसे मिसाइल हमलों से खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा दांव पर लग गई है।

बेबाक24 का मानना है कि भारत सरकार को इस मामले में ईरान के शीर्ष नेतृत्व के सामने कड़ी कूटनीतिक आपत्ति दर्ज करानी चाहिए, क्योंकि भारत और ईरान के द्विपक्षीय संबंध हमेशा से मजबूत रहे हैं। ईरान को यह समझना होगा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर कमर्शियल जहाजों को मिसाइलों से उड़ाना किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता। नई दिल्ली को यूएई प्रशासन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि घायल भारतीयों को सर्वोत्तम इलाज मिले और मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द सम्मानजनक तरीके से भारत वापस लाया जा सके।



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