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अवैध प्लॉटिंग के 'काले साम्राज्य' पर शिकंजा: प्रयागराज में भूमाफिया के करोड़ों के लेन-देन की जांच करेगी हाईलेवल कमेटी

by on | 2026-07-13 06:25:18

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अवैध प्लॉटिंग के 'काले साम्राज्य' पर शिकंजा: प्रयागराज में भूमाफिया के करोड़ों के लेन-देन की जांच करेगी हाईलेवल कमेटी


  • आयकर विभाग और ईडी की ली जा सकती है मदद, अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों पर भी पैनी नजर।
  • एयरोसिटी प्रोजेक्ट के ऐलान के बाद सक्रिय हुए सिंडिकेट को ध्वस्त करने की तैयारी, आखिरी खरीदार तक खंगाले जाएंगे बैंक खाते।

प्रयागराज। एयरपोर्ट के समीप प्रस्तावित नई टाउनशिप 'एयरोसिटी' के आसपास सक्रिय भूमाफिया और उनके वित्तीय स्रोतों को नेस्तनाबूद करने के लिए जिला प्रशासन ने चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त में हो रहे करोड़ों रुपये के खेल और इसके पीछे छिपे सफेदपोशों का बेनकाब करने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने एडीएम वित्त एवं राजस्व की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। इस जांच के दायरे में न केवल स्थानीय भूमाफिया होंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर आयकर विभाग (IT) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी शामिल किया जाएगा ताकि कालेधन के प्रवाह को रोका जा सके।

अतीक सिंडिकेट पर फिर मंडराया खतरा

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, एयरोसिटी के लिए चिह्नित किए जा रहे गांवों में मारे गए माफिया अतीक अहमद की बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्तियां मौजूद हैं। प्रतिबंध के बावजूद अतीक के करीबियों द्वारा इन जमीनों की अवैध प्लॉटिंग और फर्जी रजिस्ट्री करने की इनपुट प्रशासन को मिली है। जांच कमेटी इस बात की विशेष पड़ताल करेगी कि इन बेनामी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के पीछे किसका हाथ है।

सस्ते में खरीद, महंगे में बेच का खेल

प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) बीते दो हफ्तों में करीब 150 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग को जमींदोज कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद यह गोरखधंधा थम नहीं रहा है। जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए निबंधन, कृषि और तहसील के अफसरों को निर्देश दिया है कि वे आखिरी क्रेता और विक्रेता के बैंक खातों की जांच करें, ताकि यह साफ हो सके कि किसानों से कौड़ियों के भाव जमीन छीनकर करोड़ों का वारा-न्यारा करने वाले इस खेल का असली 'फाइनेंसर' कौन है।

वर्जन:

"जमीनों पर अवैध कब्जे और अवैध प्लॉटिंग के खेल में पैसे के सोर्स का पता लगाने के लिए कमेटी बनाई गई है। यह जांच करेगी कि पैसा कहां से आ रहा है और कहां जा रहा है। गड़बड़ी मिलने पर आयकर विभाग व अन्य केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग लिया जाएगा। बिना अनुमति के प्लॉटिंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।"

— मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी, प्रयागराज



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