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ईरान और ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार पर डोनाल्ड ट्रंप का बेबाक बयान: बोले— 'समझौते के लिए बेताब है ईरान; जनाजे की रस्मों के लिए हमने दिया 1 हफ्ते का वक्त'

by admin@bebak24.com on | 2026-07-04 16:30:46

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ईरान और ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार पर डोनाल्ड ट्रंप का बेबाक बयान: बोले— 'समझौते के लिए बेताब है ईरान; जनाजे की रस्मों के लिए हमने दिया 1 हफ्ते का वक्त'

इंटरनेशनल डेस्क (बेबाक24): अमेरिका की स्थापना के 250 साल पूरे होने (250th US Independence Day) के ऐतिहासिक और भव्य अवसर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और वहां चल रहे पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर एक बेहद हैरान करने वाला और आक्रामक बयान दिया है। साउथ डकोटा के ऐतिहासिक माउंट रशमोर (Mount Rushmore) में राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य ताकत का जमकर बखान किया और ईरान को खुली चेतावनी दी।

ट्रंप ने अपने भाषण में दावा किया कि बीती फ़रवरी में अमेरिकी और इसराइली हवाई हमलों में पूरी तरह पस्त हो चुका ईरान अब अमेरिका के सामने घुटने टेकने और 'समझौता' करने के लिए बुरी तरह छटपटा रहा है।

1. "वेनेज़ुएला को एक दिन में ढहाया, ईरान को बुरी तरह हराया" — ट्रंप

माउंट रशमोर की पहाड़ियों के सामने खड़े होकर राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सेना (US Military) के शौर्य की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका के खिलाफ आंख उठाने वाले दुश्मनों का नामोनिशान मिटा दिया गया है:

डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति): "हमने दुनिया की सबसे मजबूत, सबसे आधुनिक और सबसे शक्तिशाली सेना का निर्माण किया है। हमारे जांबाजों ने दो-दो विश्व युद्ध जीते, शीत युद्ध (Cold War) जीता और अमेरिका की संप्रभुता को चुनौती देने वाले दुश्मनों को इतिहास की अंधी गहराइयों में पहुंचा दिया। हमने वेनेज़ुएला को महज़ एक दिन में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और ईरान को इतनी बुरी तरह हराया है कि आज वे हमारे साथ हर शर्त पर समझौता करने के लिए बेताब हैं। हां, वे बहुत ज़्यादा बेताब हैं।"

2. 'हम अच्छे हैं, इसलिए ख़ामेनेई के जनाजे के लिए दिया एक हफ़्ते का समय'

तेहरान और इराक के विभिन्न शिया शहरों में अली ख़ामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के लिए शुरू हुए 6 दिवसीय महा-अंतिम संस्कार समारोह (जिसमें करीब 2 करोड़ लोगों के जुटने का अनुमान है) पर तंज कसते हुए ट्रंप ने एक बड़ा खुलासा किया।

ट्रंप ने कड़े लहजे में कहा:

"हमने ईरान को उनके पूर्व सुप्रीम लीडर रहे अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार की सभी धार्मिक और राजकीय रस्में पूरी करने के लिए पूरे एक हफ़्ते (7 दिन) का समय दिया है। हमने यह रियायत और समय इसलिए दिया है क्योंकि हम (अमेरिका) अच्छे हैं और मानवीय मूल्यों का सम्मान करते हैं।"

ट्रंप के इस बयान का सीधा कूटनीतिक संकेत यह है कि अमेरिका ने यह समय सीमा तय की है कि इस एक हफ्ते के भीतर ईरान अपने शोक और अंतिम विदाई के कार्यक्रमों को शांतिपूर्वक निपटा ले, क्योंकि इसके बाद वाशिंगटन कड़े रणनीतिक कदम उठा सकता है।

बेबाक24 टेक

अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस की 250वीं वर्षगांठ जैसे संप्रभु मंच से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर यह बयान देना केवल चुनावी या राजनीतिक भाषण नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर तेहरान के जख्मों पर नमक छिड़कने और पश्चिम एशिया (Middle East) में अमेरिकी वर्चस्व को बेबाक तरीके से री-अर्ट (स्थापित) करने की कोशिश है। जिस समय भारत, चीन और रूस जैसे देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान मोसल्ला में अली ख़ामेनेई को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, ठीक उसी समय ट्रंप का यह कहना कि "हमने दया करके उन्हें एक हफ्ते का समय दिया है", ईरान के आत्मसम्मान और कूटनीतिक प्रतिष्ठा पर अब तक का सबसे तीखा मनोवैज्ञानिक हमला है।

'बेबाक24' का मानना है कि ट्रंप का यह रवैया दिखाता है कि आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंध किसी बड़े सैन्य टकराव या फिर ईरान के पूरी तरह आत्मसमर्पण की ओर बढ़ रहे हैं। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से होने वाली आगामी मुलाकात से ठीक पहले ट्रंप ने "एक हफ्ते की समयसीमा" का जिक्र करके पूरे मिडिल ईस्ट के देशों को सचेत कर दिया है। ईरान इस कड़े अमेरिकी नैरेटिव का जवाब अगले गुरुवार को मशहद में होने वाले मुख्य दफ़्न समारोह के बाद किस सैन्य या रणनीतिक रूप में देता है, इस पर पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों की सांसें अटकी हुई हैं।



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