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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: कोलंबिया और मिस्र का धमाका, दिग्गजों को धूल चटाकर 'राउंड ऑफ़ 16' में बनाई जगह; मिस्र ने रचा इतिहास

by on | 2026-07-04 13:06:16

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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: कोलंबिया और मिस्र का धमाका, दिग्गजों को धूल चटाकर 'राउंड ऑफ़ 16' में बनाई जगह; मिस्र ने रचा इतिहास

स्पोर्ट्स डेस्क (बेबाक24): फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ 'फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026' (FIFA World Cup 2026) के नॉकआउट स्टेज से बेहद रोमांचक और चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। राउंड ऑफ़ 32 (Round of 32) के अपने-अपने कड़े मुकाबलों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए कोलंबिया (Colombia) और मिस्र (Egypt) की टीमों ने शान से अंतिम-16 (Round of 16) का टिकट कटा लिया है।

जहां कोलंबिया ने घाना को मात दी, वहीं मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में वो कारनामा कर दिखाया जिसने उनके 92 साल के फुटबॉल इतिहास को बदलकर रख दिया है।

1. कोलंबिया ने घाना को 1-0 से धोया; जॉन अरियास बने हीरो

राउंड ऑफ़ 32 के पहले महत्वपूर्ण मुकाबले में दक्षिण अमेरिकी ताकत कोलंबिया ने अफ्रीकी महाद्वीप की मजबूत टीम घाना को बेहद कड़े और रक्षात्मक मुकाबले में 1-0 से शिकस्त दी।

  • पहले हाफ़ का विजयी गोल: कोलंबिया के स्टार खिलाड़ी जॉन अरियास (Jhon Arias) ने मैच के पहले हाफ में एक बेहतरीन मैदानी मूव को गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 1-0 की निर्णायक बढ़त दिलाई, जो अंत तक कायम रही।

  • घाना का निराशाजनक प्रदर्शन: इस पूरे नॉकआउट मैच में कोलंबियाई डिफेंडर्स ने घाना के फॉरवर्ड लाइन को इस कदर बांध कर रखा कि घाना की टीम पूरे 90 मिनट के खेल में गोल पोस्ट की तरफ 'ऑन टारगेट' एक भी शॉट नहीं लगा सकी।

2. मिस्र ने रचा इतिहास; 1934 के बाद वर्ल्ड कप में पहली नॉकआउट जीत

टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर और भावुक कर देने वाला पल मिस्र और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए सांस रोक देने वाले मैच में देखने को मिला। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं, जिसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।

  • पेनल्टी शूटआउट का रोमांच: पेनल्टी शूटआउट में मिस्र के गोलकीपर और शूटर्स ने गज़ब के मानसिक संयम का परिचय दिया। ऑस्ट्रेलिया के सिर्फ 2 गोल के मुकाबले मिस्र ने शानदार 4 गोल दागकर मैच अपने नाम कर लिया।

  • चोटिल अब्देलमगुइद का 'मैजिक' मूव: इस ऐतिहासिक मैच से ठीक पहले मिस्र के स्टार डिफेंडर होस्साम अब्देलमगुइद (Hossam Abdelmaguid) के चोट के कारण खेलने पर गहरा सस्पेंस बना हुआ था। लेकिन देश के लिए मैदान पर उतरे अब्देलमगुइद ने पेनल्टी शूटआउट में मिस्र के लिए चौथा और विजयी गोल दागकर अपनी टीम को अंतिम-16 में पहुंचा दिया। गोल दागते ही उन्होंने जश्न में अपनी जर्सी उतारी और दौड़ते हुए कॉर्नर फ्लैग की ओर पहुंच गए, जिसने फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया।

क्यों ऐतिहासिक है मिस्र की यह जीत?

ऐतिहासिक फैक्ट: वर्ष 1934 में अपने पहले फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में डेब्यू करने के बाद से लेकर इस मौजूदा 2026 टूर्नामेंट से पहले तक, मिस्र ने अपने पूरे इतिहास में वर्ल्ड कप के मुख्य दौर में एक भी मुकाबला नहीं जीता था। आज ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को नॉकआउट में बाहर कर अंतिम-16 में पहुंचना मिस्र के फुटबॉल इतिहास का सबसे स्वर्णिम अध्याय बन गया है।

बेबाक24 टेक

फुटबॉल को अनिश्चितताओं का खेल क्यों कहा जाता है, मिस्र की इस ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है। 1934 से लेकर अब तक वर्ल्ड कप के मुख्य स्टेज पर एक जीत के लिए तरसने वाले देश का सीधे 'राउंड ऑफ़ 16' में पहुंच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। होस्साम अब्देलमगुइद का चोट के बावजूद मैदान पर उतरना और निर्णायक पेनल्टी गोल दागकर जर्सी उतारकर जश्न मनाना— यह दिखाता है कि इस वर्ल्ड कप में मिस्र की टीम केवल खेलने नहीं, बल्कि इतिहास रचने के बेबाक इरादे से उतरी है।

'बेबाक24' का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया और घाना जैसी शारीरिक रूप से मजबूत और अनुभवी टीमों का राउंड ऑफ़ 32 से बाहर होना यह साबित करता है कि मॉडर्न फुटबॉल में अब नाम और रैकिंग मायने नहीं रखती, बल्कि नॉकआउट के 90 मिनट और पेनल्टी शूटआउट के दबाव को जो टीम बेहतर झेलती है, सिकंदर वही बनती है। कोलंबिया का डिफेंस जहां चट्टान की तरह मजबूत दिखा, वहीं मिस्र ने अपने जज्बे से दुनिया को हैरान किया है। अब अंतिम-16 के मुकाबलों में इन दोनों टीमों के सफर पर पूरी दुनिया के फुटबॉल पंडितों की नजरें टिकी रहेंगी।



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