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बयान' से पलटे विनय कटियार! राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय और अनिल मिश्रा के 'जेल जाने' के दावे पर मारी पलटी!

by on | 2026-07-03 23:53:46

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बयान' से पलटे विनय कटियार! राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय और अनिल मिश्रा के 'जेल जाने' के दावे पर मारी पलटी!


अयोध्या । ​राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर सियासी और धार्मिक गलियारों में उठा बवंडर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राम मंदिर आंदोलन के फायरब्रांड नेता और भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार ने एक ऐसा बयान दे डाला, जिसने सीधे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुनियाद को हिलाकर रख दिया। लेकिन बेबाक बात यह है कि जितनी तेजी से कटियार ने यह बम फोड़ा, उतनी ही फुर्ती से वे अपने बयान से मुकर भी गए!

​ पहले तीखे बोल: "जेल जा सकते हैं चंपत राय और अनिल मिश्रा"

​शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए विनय कटियार ने दावा किया कि राम मंदिर के लिए मिले दान की राशि में गंभीर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने दो टूक कहा कि दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा को जेल तक जाना पड़ सकता है। कटियार ने यहां तक दावा ठोक दिया कि उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की है।

​ कुछ ही घंटों में यू-टर्न: "मैंने ऐसा कब कहा?"

​कटियार का यह बयान जैसे ही फ्लैश हुआ, वैसे ही लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया। लेकिन राजनीति के इस खेल में यू-टर्न आते देर नहीं लगती। कुछ ही घंटों बाद जब दोबारा उनसे सवाल हुआ, तो कटियार के सुर पूरी तरह बदल चुके थे।

बयानबाजी पर कटियार की सफाई:

"मैंने यह नहीं कहा कि वे जेल जाएंगे। मैंने तो सिर्फ इतना कहा था कि उन्हें स्थिति को समझना चाहिए और यदि कोई गलती हुई है तो उसमें सुधार करना चाहिए।"


​यही नहीं, पीएम मोदी से बातचीत के अपने बड़े दावे पर भी उन्होंने एकदम नरम रुख अख्तियार कर लिया और कहा कि प्रधानमंत्री अपना काम कर रहे हैं और वे अपना।

​ SIT जांच का 'सस्पेंस' जारी

​इस पूरे घमासान के बीच विनय कटियार ने मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है ताकि कोई भी दोषी बच न सके।

बेबाक 24 का विश्लेषण:

राम मंदिर आंदोलन का मुख्य चेहरा रहे विनय कटियार का ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों पर इस तरह हमलावर होना और फिर बैकफुट पर आ जाना, यह साफ करता है कि परदे के पीछे की खिचड़ी बेहद जटिल है। हालांकि, इस पूरे चढ़ावा विवाद का असली सच क्या है, यह तो SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। लेकिन कटियार के इस 'पलटीमार' बयान ने विपक्ष को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा जरूर दे दिया है।



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