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IPL सट्टेबाजी के नाम पर ₹700 करोड़ की महाठगी! वाराणसी के टकटकपुर से खुला देश-विदेश तक फैला 'हवाला और क्रिप्टो' का साम्राज्य

by on | 2026-07-01 17:51:06

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IPL सट्टेबाजी के नाम पर ₹700 करोड़ की महाठगी! वाराणसी के टकटकपुर से खुला देश-विदेश तक फैला 'हवाला और क्रिप्टो' का साम्राज्य

वाराणसी। आईपीएल (IPL) सट्टेबाजी के नाम पर सोशल मीडिया और टेलीग्राम के जरिए देश-दुनिया के लोगों से करीब 700 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। वाराणसी का यह मामला अब साइबर क्राइम थाने के हवाले है, जहां विशेषज्ञ बैंक खातों, क्रिप्टोकरेंसी और हवाला नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रहे हैं। शुरुआती जांच में इस महाठगी के तार देश के कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों (विशेषकर खाड़ी देशों) तक जुड़े मिले हैं।

'मलिक फर्म' का मुंबई कनेक्शन और 2000 बैंक खाते

​जांच में खुलासा हुआ है कि मुंबई से संचालित कथित 'मलिक फर्म' के जरिए 2000 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन किया गया। ठगी की रकम को ट्रेस होने से बचाने के लिए अलग-अलग खातों में घुमाया गया, फिर उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदला गया और खाड़ी देशों समेत अन्य विदेशों तक पहुंचाया गया। वहीं, हवाला नेटवर्क के जरिए उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में भी भारी-भरकम रकम भेजे जाने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।

सिर्फ 30 दिनों में 25 करोड़ का ट्रांजेक्शन!

​पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के सरगना रितेश दिवाकर शुक्ला समेत 13 आरोपियों के खातों की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सिर्फ 30 दिनों के भीतर 25 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया था। अकेले मई महीने में ही करीब 300 बैंक खातों में यह मोटी रकम ट्रांसफर की गई थी।

​? बड़ी कार्रवाई: बीते 1 जून को कैंट पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने वाराणसी के टकटकपुर स्थित एक अपार्टमेंट पर छापा मारकर रितेश दिवाकर शुक्ला समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के दौरान मौके से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी भी बरामद की गई थी।


मास्टरमाइंड को मिली थी 10 दिनों की स्पेशल ट्रेनिंग

​पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी रितेश दिवाकर शुक्ला को कथित 'मलिक फर्म' ने मुंबई में करीब 10 दिनों का विशेष प्रशिक्षण (स्पेशल ट्रेनिंग) दिया था। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उसने वाराणसी, चोलापुर, सुल्तानपुर, सिंधोरा और जौनपुर के कई बेरोजगार व लालची युवकों को इस नेटवर्क से जोड़ा। इसके बाद टेलीग्राम और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को आईपीएल सट्टे में भारी मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों का निवेश कराया गया।

रीयल एस्टेट में खपाया गया ठगी का पैसा

​साइबर जांच में यह भी पता चला है कि ठगी की इस काली कमाई का बड़ा हिस्सा हवाला नेटवर्क और रीयल एस्टेट में लगाया गया। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी और कानपुर सहित कई बड़े शहरों में वीआईपी संपत्तियों और विभिन्न परियोजनाओं में निवेश के सुराग मिले हैं, जिनकी जांच आयकर विभाग और अन्य एजेंसियां भी कर सकती हैं।

आरोपियों को रिमांड पर लेगी पुलिस: ACP विदुष सक्सेना

एसीपी साइबर विदुष सक्सेना ने बताया कि:

​"गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जल्द ही पुलिस रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां बैंक खातों, क्रिप्टो वॉलेट, डिजिटल ट्रांजेक्शन और कथित मलिक फर्म के विदेशी कनेक्शन की तह तक पहुंचने में जुटी हैं।"



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