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तेहरान में उमड़ा वैश्विक कूटनीतिक सैलाब: पाकिस्तान के गृह मंत्री और तालिबान के विदेश मंत्री समेत कई वैश्विक नेता ख़ामेनेई की शोक सभा में शामिल

by admin@bebak24.com on | 2026-07-03 19:43:21

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तेहरान में उमड़ा वैश्विक कूटनीतिक सैलाब: पाकिस्तान के गृह मंत्री और तालिबान के विदेश मंत्री समेत कई वैश्विक नेता ख़ामेनेई की शोक सभा में शामिल

इंटरनेशनल डेस्क (बेबाक24): ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की अंतिम विदाई का सिलसिला शुक्रवार (3 जुलाई 2026) को तेहरान की मुख्य मस्जिद में पूरे सैन्य और कूटनीतिक सम्मान के साथ जारी रहा। इसराइल और अमेरिका के भीषण हवाई हमलों में मारे गए सुप्रीम लीडर के ताबूतों को जनता और विदेशी प्रतिनिधियों के दर्शन व श्रद्धांजलि के लिए रखा गया है।

तेहरान में आयोजित इस विशाल प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए दुनिया भर के कई बड़े राजनेताओं, मंत्रियों और राजनयिकों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे तेहरान इस समय वैश्विक कूटनीति का केंद्र बन चुका है।

1. धुर विरोधी और मित्र देश एक मंच पर: मोहसिन नकवी और आमिर ख़ान मुत्तक़ी तेहरान में

इस अंतरराष्ट्रीय श्रद्धांजलि समारोह की सबसे बड़ी सुर्खी भू-राजनीतिक मोर्चे पर विरोधी कूटनीतिक धड़ों का एक साथ तेहरान की धरती पर जुटना है:

  • पाकिस्तान और तालिबान की मौजूदगी: पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्तक़ी इस समारोह में शामिल होने के लिए विशेष रूप से तेहरान पहुंचे हैं। इन दोनों देशों की मौजूदगी क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

  • चीन और भारत की उच्च स्तरीय भागीदारी: चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के उप प्रमुख पहले से ही ईरान में डेरा डाले हुए हैं। इसके साथ ही राजनयिक हलकों से खबरें हैं कि भारत, चीन और ताजिकिस्तान के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस बहु-चरणीय विदाई समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंच रहे हैं।

2. अगले गुरुवार को मशहद में सुपुर्द-ए-ख़ाक़; 7 दिवसीय महा-शेड्यूल

ईरान सरकार द्वारा घोषित आधिकारिक योजना के मुताबिक, इस 'विदाई और अंतिम संस्कार' (Funeral and Farewell Ceremony) को कई चरणों में और लगातार कई दिनों तक देश व विदेश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किया जाएगा।

  • पूरा परिवार हुआ था खत्म: गौरतलब है कि बीती फ़रवरी में हुए हमले में न सिर्फ सुप्रीम लीडर, बल्कि उनके दामाद, एक पोता, एक बेटी और उनकी बहू (मोजतबा ख़ामेनेई की पत्नी) समेत परिवार के कई अहम सदस्य एक साथ मारे गए थे, जिनके ताबूत भी यहाँ रखे गए हैं।

  • अंतिम पड़ाव मशहद: तेहरान, क़ोम और इराक के पवित्र शिया शहरों (नजफ़ और कर्बला) में विशाल अंतिम यात्राओं के आयोजन के बाद, अगले गुरुवार (9 जुलाई 2026) को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में आठवें शिया इमाम, इमाम रज़ा के पवित्र रौज़े में अली ख़ामेनेई को सुपुर्द-ए-ख़ाक़ (दफ़्न) किया जाएगा।

बेबाक24 टेक

ईरान के इस महा-शोक समारोह की तस्वीरें और मेहमानों की सूची पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के नए राजनीतिक पुनर्गठन की गवाही दे रही हैं। एक तरफ जहां अमेरिका और इसराइल ने ईरान को रणनीतिक रूप से पंगु बनाने के लिए उसके शीर्ष नेतृत्व पर हमला किया था, वहीं पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और तालिबान के विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्तक़ी का एक साथ तेहरान में खड़ा होना यह दिखाता है कि क्षेत्रीय कूटनीति में ईरान को अलग-थलग करना नामुमकिन है। सबसे दिलचस्प मोड़ भारत और चीन के अधिकारियों की एक साथ भागीदारी है, जो यह साबित करता है कि नई दिल्ली और बीजिंग, दोनों ही वाशिंगटन और तेल अवीव के भारी दबाव के बावजूद ईरान के साथ अपने रणनीतिक और ऐतिहासिक कूटनीतिक संबंधों को किसी कीमत पर कमजोर नहीं होने देना चाहते।

'बेबाक24' का मानना है कि यह आयोजन महज़ एक धार्मिक विदाई नहीं, बल्कि पश्चिम को ईरान का एक बेबाक कूटनीतिक जवाब है। अगले गुरुवार को मशहद में दफ़्न होने से पहले, इन सात दिनों के भीतर तेहरान की बंद गैलरियों में जो द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातचीत (Backchannel Diplomacy) होगी, वह आने वाले समय में मिडिल ईस्ट में नए सुरक्षा गठबंधनों को जन्म देगी। ईरान ने अपने सबसे बड़े कूटनीतिक संकट को एक वैश्विक शक्ति प्रदर्शन के मंच में बदल दिया है।



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