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हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजी घाटी: कड़े सुरक्षा घेरे में अमरनाथ यात्रा शुरू, पहला जत्था पवित्र गुफा की ओर रवाना

by admin@bebak24.com on | 2026-07-03 19:34:14

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हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजी घाटी: कड़े सुरक्षा घेरे में अमरनाथ यात्रा शुरू, पहला जत्था पवित्र गुफा की ओर रवाना

स्पोर्ट्स & नेशनल डेस्क (बेबाक24): आस्था, अटूट विश्वास और भक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक 'वार्षिक अमरनाथ यात्रा' शुक्रवार (3 जुलाई 2026) से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। देश के कोने-कोने से आए भोले के भक्तों का पहला जत्था कश्मीर के दोनों मुख्य बेस कैंप से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हो चुका है।

समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) ने प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में समुद्र तल से 3,880 मीटर की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर बढ़ने वाले श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। घाटी में रुक-रुक कर हो रही बारिश भी शिव भक्तों के इस सैलाब के कदम नहीं रोक पाई है।

1. दो रास्तों से शुरू हुई यात्रा: बालटाल और नुनवान में 'बम-बम भोले' की गूंज

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार तड़के दोनों ही रूटों से श्रद्धालुओं को कड़ी चेकिंग और बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन के बाद आगे जाने की अनुमति दी गई। यात्रा के लिए प्रशासन द्वारा दो मुख्य मार्गों का उपयोग किया जा रहा है:

  • पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग: यह अनंतनाग जिले में स्थित थोड़ा लंबा और पारंपरिक रास्ता है, जिसकी कुल दूरी लगभग 48 किलोमीटर है। सुबह होते ही यहाँ से पुरुषों, महिलाओं और साधु-संतों का जत्था पैदल और टट्टुओं के जरिए आगे बढ़ा।

  • छोटा बालटाल मार्ग: मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के सोनमर्ग क्षेत्र में स्थित यह रास्ता महज़ 14 किलोमीटर लंबा है, लेकिन काफी चढ़ाई वाला है। कम समय में यात्रा पूरी करने वाले श्रद्धालु इस रूट का चयन करते हैं।

2. 4,800 यात्रियों का पहला जत्था पहुंचा था कश्मीर; सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

इस साल की अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने जमीन से लेकर आसमान तक अचूक घेराबंदी की है।

  • भारी सुरक्षा में रवानगी: इससे पहले, देश के विभिन्न हिस्सों से जम्मू पहुंचे 4,800 यात्रियों के पहले जत्थों को सेना, सीआरपीएफ (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बख्तरबंद वाहनों की निगरानी में कश्मीर के बेस कैंपों तक सुरक्षित पहुंचाया गया था।

  • हिम शिवलिंग के प्रथम दर्शन: पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से निर्मित होने वाले अलौकिक हिम शिवलिंग (Ice Stalagmite) के दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। रास्ते में जगह-जगह भंडारे, मेडिकल कैंप और सुरक्षा चौकियों का पुख्ता प्रबंध किया गया है।

बेबाक24 टेक

अमरनाथ यात्रा भारत की सांस्कृतिक अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द का एक ऐसा जीता-जागता उदाहरण है, जिसकी चमक हर साल और गहरी हो जाती है। यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि कश्मीर घाटी के स्थानीय नागरिकों (जो श्रद्धालुओं की सेवा, टट्टू और पालकी के जरिए आजीविका कमाते हैं) और देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच के अटूट मानवीय रिश्ते का प्रतीक भी है। आतंकवाद और अलगाववाद की तमाम भू-राजनीतिक चुनौतियों और पहाड़ों के दुर्गम रास्तों व खराब मौसम की मार के बावजूद, पहले ही दिन हजारों भक्तों का घाटी पहुंचना यह साबित करता है कि आस्था के आगे हर बाधा बौनी है।

'बेबाक24' इस यात्रा के सफल संचालन के लिए भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के तालमेल की सराहना करता है। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की घुसपैठ और ड्रोन खतरों के इनपुट के बीच, 1.5 लाख से अधिक जवानों की चौकसी में इस 'महा-यात्रा' को शुरू कराना देश की आंतरिक सुरक्षा की ताकत को बयां करता है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के साथ शुरू हुई यह यात्रा आने वाले दिनों में देश में शांति, समृद्धि और राष्ट्रीय एकता के नैरेटिव को और मजबूत करेगी। सभी अमरनाथ यात्रियों की यह यात्रा मंगलमय और सुरक्षित हो, 'बेबाक24' की यही कामना है।



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