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राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: एसआईटी ने चंपत राय समेत प्रमुख पदाधिकारियों से की 4 घंटे पूछताछ, व्हाट्सएप चैट से हुआ खुलासा

by on | 2026-07-03 19:09:48

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राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: एसआईटी ने चंपत राय समेत प्रमुख पदाधिकारियों से की 4 घंटे पूछताछ, व्हाट्सएप चैट से हुआ खुलासा


​मुख्य आरोपी के घर दबिश, तीन से चार नए लोग बनाए गए आरोपी; 6 जुलाई की ट्रस्ट बैठक में हंगामे के आसार

अयोध्या। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितता और चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) और अयोध्या पुलिस की जांच तेज हो गई है। गुरुवार को एसआईटी की टीम ने अयोध्या पहुंचकर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से कई ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो इस पूरे नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

​व्हाट्सएप चैट से हुआ रकम के कथित बंटवारे का खुलासा

​जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण WhatsApp चैट बरामद हुई हैं। सूत्रों का कहना है कि दानपात्र से राशि निकालने और उसकी गणना के दौरान सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के कारण आरोपी आपस में बात नहीं करते थे। इसके स्थान पर रकम को पार करने और बाद में आपस में बांटने की योजना व्हाट्सएप संदेशों के जरिए बनाई जाती थी।

  • डिजिटल फॉरेंसिक जांच: पुलिस को कुछ मोबाइल फोन से डेटा डिलीट किए जाने के संकेत मिले हैं, जिन्हें रिकवर करने के लिए डिजिटल फॉरेंसिक तकनीक की मदद ली जा रही है।
  • साक्ष्य के रूप में तस्वीरें: कुछ मोबाइल फोन से ऐसी तस्वीरें और वीडियो भी मिले हैं, जिनमें आरोपी भारी मात्रा में नकदी के साथ दिखाई दे रहे हैं। इन्हें केस डायरी में शामिल कर लिया गया है।

​एसआईटी ने खंगाले वित्तीय रिकॉर्ड, ऑडिट रिपोर्ट तलब की

​पूछताछ के दौरान एसआईटी ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से चढ़ावे की गणना, वर्तमान ऑडिट प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे।

सूत्रों के अनुसार, वित्तीय रिकॉर्ड और रोजमर्रा की गणना से जुड़े कई सवालों पर पदाधिकारियों से स्पष्ट जवाब नहीं मिल सके। इसके बाद एसआईटी ने ट्रस्ट से अब तक के सभी ऑडिट का विस्तृत रिकॉर्ड मांगते हुए वित्तीय दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है।


​ग्राउंड जीरो पर जांच, आरोपी के पैतृक आवास पर छापेमारी

​मामले की आपराधिक विवेचना कर रहे क्षेत्राधिकारी (सीओ) अयोध्या आशुतोष तिवारी ने पुलिस टीम के साथ राम मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। टीम ने दानपात्र से राशि निकालने, उसकी गिनती करने और बैंक में जमा कराने की पूरी प्रक्रिया (रूट मैप) को समझा। मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच के लिए सुरक्षित की गई है।

​दूसरी ओर, पुलिस की एक टीम ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के प्रतापगढ़ स्थित पैतृक गांव में छापेमारी की। वहां परिजनों से पूछताछ के बाद कुछ महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए हैं, जिनका मिलान अन्य साक्ष्यों से किया जा रहा है।

​जांच का दायरा बढ़ा, बैंक कर्मी भी रडार पर

​पुलिस ने इस मामले में अब तक हुई पूछताछ के आधार पर तीन से चार अन्य लोगों को नया आरोपी बनाया है। जांच का दायरा अब बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े कुछ कर्मचारियों तक भी पहुंच गया है। वित्तीय लेनदेन के तकनीकी पहलुओं को समझने के लिए पुलिस प्रशासन अब चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की भी मदद ले रहा है।

​6 जुलाई की ट्रस्ट बैठक में स्पष्टीकरण संभव

​इस पूरे घटनाक्रम के बीच आगामी 6 जुलाई को प्रस्तावित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मामले की गंभीरता को देखते हुए महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है, जिसमें दोनों से इस लापरवाही पर लिखित जवाब मांगा जा सकता है।



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