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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: हैरी केन के दम पर इंग्लैंड अंतिम-16 में, बेल्जियम ने पिछड़ने के बाद सेनेगल को 3-2 से रौंदा

by on | 2026-07-02 16:10:42

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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: हैरी केन के दम पर इंग्लैंड अंतिम-16 में, बेल्जियम ने पिछड़ने के बाद सेनेगल को 3-2 से रौंदा

स्पोर्ट्स डेस्क (बेबाक24): फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट (राउंड ऑफ 32) मुकाबलों में बुधवार का दिन बेहद रोमांचक और उलटफेरों से भरा रहा। अटलांटा में खेले गए बेहद कड़े मुकाबले में कप्तान हैरी केन के दो जादुई गोलों की बदौलत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को 2-1 से हराकर अंतिम-16 (प्री-क्वार्टरफाइनल) का टिकट कटा लिया।

वहीं, एक अन्य सांसे रोक देने वाले मुकाबले में बेल्जियम ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए दो गोल से पिछड़ने के बाद सेनेगल को 3-2 से शिकस्त दी और नॉकआउट के अगले दौर में प्रवेश किया।

1. कांगो ने डराया, लेकिन 11 मिनट में हैरी केन ने पलटी बाजी

अटलांटा में खेले गए इस मुकाबले में उलटफेर की उम्मीद लगाए बैठी डीआर कांगो (DR Congo) की शुरुआत बेहद बेबाक रही। मैच के महज 7वें मिनट में कांगो के कप्तान चांसेल मबेम्बा ने एक बेहतरीन लॉन्ग पास दिया, जिस पर बॉक्स के भीतर खड़े ब्रायन सिपेंगा ने बिना कोई गलती किए गेंद को नेट में डाल दिया और कांगो को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी।

  • थक गई कांगो की डिफेंस: पहला गोल खाने के बाद इंग्लैंड ने लगातार आक्रमण जारी रखे। मैच के 75वें मिनट तक कांगो की रक्षापंक्ति (Defensive Line) इंग्लैंड के थका देने वाले दबाव के आगे बिखर गई।

  • हैरी केन का शो: इसके बाद आया इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन का तूफान। उन्होंने दूसरे हाफ में महज 11 मिनट के भीतर दो बैक-टू-बैक शानदार गोल दागकर मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया और स्कोर 2-1 कर दिया।

  • अगली चुनौती मेक्सिको: इस जीत के साथ ही इंग्लैंड अब रविवार को मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एज़्टेका स्टेडियम में को-होस्ट (सह-मेजबान) मेक्सिको के खिलाफ अंतिम-16 के महामुकाबले में भिड़ेगा।

2. दो गोल से पिछड़ने के बाद बेल्जियम का चमत्कार, सेनेगल का सपना टूटा

बुधवार को खेले गए दूसरे मुकाबले में इतिहास रचने के करीब खड़ी सेनेगल की टीम को बेल्जियम के हाथों दिल तोड़ने वाली हार का सामना करना पड़ा। सेनेगल की टीम मैच में एक समय 2-0 की मजबूत बढ़त के साथ वर्ष 2002 में अपने वर्ल्ड कप डेब्यू के बाद पहली बार कोई नॉकआउट मैच जीतने की दहलीज पर खड़ी थी।

  • बेल्जियम की ऐतिहासिक वापसी: दो गोल से पिछड़ने के बाद 'रेड डेविल्स' के नाम से मशहूर बेल्जियम ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और स्कोर को 2-2 की बराबरी पर ला खड़ा किया।

  • टिलेमांस का विजयी प्रहार: जब मैच अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी आखिरी पलों में यूरी टिलेमांस ने सेनेगल के डिफेंस को भेदते हुए एक सनसनीखेज विजयी गोल दागा और बेल्जियम को 3-2 की अविश्वसनीय जीत दिलाकर अंतिम-16 में पहुंचा दिया।

बेबाक24 टेक

फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप का नॉकआउट स्टेज यही सिखाता है कि फुटबॉल में आखिरी सीटी बजने तक किसी भी टीम को कमजोर आंकना भारी भूल हो सकती है। डीआर कांगो और सेनेगल जैसी अफ्रीकी टीमों ने जिस तरह यूरोपीय दिग्गजों (इंग्लैंड और बेल्जियम) के पसीने छुड़ाए, वह यह साबित करता है कि अब वैश्विक फुटबॉल में 'अंडरडॉग्स' का फासला खत्म हो चुका है। 75 मिनट तक कांगो के डिफेंस ने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को बांधकर रखा, जो कांगो के रणनीतिक अनुशासन की तारीफ करने पर मजबूर करता है।

लेकिन 'बेबाक24' यहां तारीफ करेगा कप्तान हैरी केन के उस नेतृत्व की, जिसने मुश्किल वक्त में घबराने के बजाय सिर्फ 11 मिनट में पूरी बाजी पलट दी। बड़े खिलाड़ी बड़े मंचों पर ही अपनी साख साबित करते हैं। वहीं दूसरी तरफ, सेनेगल की हार उनके रणनीतिक ब्लंडर का नतीजा थी; 2-0 की बढ़त मिलने के बाद टीम अत्यधिक रक्षात्मक (Defensive) हो गई, जिसका फायदा बेल्जियम के अनुभवी मिडफील्डर्स ने उठाया। बेल्जियम ने दिखा दिया कि क्यों उन्हें फीफा रैंकिंग में शीर्ष टीमों में गिना जाता है। अब रविवार को होने वाला इंग्लैंड बनाम मेक्सिको का मुकाबला एज़्टेका स्टेडियम में आग लगाएगा, क्योंकि मेक्सिको को अपने घरेलू दर्शकों का भारी समर्थन मिलने वाला है और इंग्लैंड की असली परीक्षा वहीं होगी।



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