by on | 2026-07-02 16:09:23
Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3099
टेक डेस्क (बेबाक24): डिजिटल प्राइवेसी और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच भारत में एक नया कूटनीतिक और तकनीकी टकराव खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग दिग्गज व्हाट्सऐप (WhatsApp) द्वारा घोषित किए गए अब तक के सबसे बड़े 'यूज़रनेम फ़ीचर' पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने व्हाट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) को एक आधिकारिक नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
सरकारी सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) ने पुष्टि की है कि सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक इस संवेदनशील विषय पर सरकार और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच पूरी परामर्श (Consultation) प्रक्रिया संपन्न नहीं हो जाती, तब तक इस फ़ीचर को भारत में किसी भी कीमत पर लागू (रोलआउट) न किया जाए।
व्हाट्सऐप ने इस सप्ताह की शुरुआत में घोषणा की थी कि वह वैश्विक स्तर पर चरणबद्ध तरीके से 'यूज़रनेम' विकल्प पेश कर रहा है।
वैकल्पिक विशिष्ट पहचान (Unique Identifier): यूज़र्स अपनी पसंद का एक यूनिक यूजरनेम (जैसे इंस्टाग्राम या ट्विटर हैंडल की तरह) चुन सकेंगे।
छिपा रहेगा मोबाइल नंबर: यदि आप किसी नए व्यक्ति, व्यावसायिक संस्थान या किसी बड़े ग्रुप चैट में पहली बार जुड़ रहे हैं, तो सामने वाले को आपका पर्सनल मोबाइल नंबर दिखाई नहीं देगा। लोग केवल आपके यूजरनेम के जरिए ही आपको मैसेज या कॉल कर सकेंगे। व्हाट्सऐप का दावा है कि इससे यूज़र्स की गोपनीयता (Privacy) कई गुना मजबूत होगी।
भारत सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि देश में पहले से ही 'डिजिटल अरेस्ट', फिशिंग (Phishing), ऑनलाइन फ्रॉड और पहचान की हेराफेरी (Impersonation) के मामले चरम पर हैं। ऐसे में अगर अपराधियों और स्कैमर्स को अपना फोन नंबर छिपाने का कानूनी टूल मिल गया, तो:
आम जनता को धोखा देना और फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर डराना बेहद आसान हो जाएगा।
साइबर पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए अपराधियों को ट्रैक करना (Traceability) लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
इसमें कोई संदेह नहीं है कि व्यक्तिगत प्राइवेसी के लिहाज से व्हाट्सऐप का यूज़रनेम फ़ीचर एक बेहतरीन कदम है। टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यह व्यवस्था सालों से है, जिससे यूज़र्स (विशेषकर महिलाएं) अपना नंबर सार्वजनिक किए बिना अवांछित कॉल्स से सुरक्षित रहती हैं।
लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भारत की जमीनी हकीकत से जुड़ा है, जिसे लेकर सरकार का यह दखल पूरी तरह से तार्किक और बेबाक है। भारत सरकार ने देश में सिम कार्ड जारी करने के लिए बेहद कड़े केवाईसी (KYC) नियम बना रखे हैं ताकि हर एक फोन नंबर के पीछे एक वास्तविक नागरिक की पहचान तय हो सके। ऐसे में व्हाट्सऐप द्वारा अचानक फोन नंबर को पूरी तरह अदृश्य कर देना, सरकार की पूरी सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैसेबिलिटी नियमों (IT Rules) को खुली चुनौती देने जैसा है।
मेटा को यह समझना होगा कि भारत उसका सबसे बड़ा बाजार है, और यहां के नियमों के मुताबिक डिजिटल सुरक्षा को प्राइवेसी की आड़ में दांव पर नहीं लगाया जा सकता। तीन दिनों का यह अल्टीमेटम इस बात का साफ संकेत है कि मेटा को भारत में इस फीचर को चालू करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को एक ऐसा बैक-एंड एक्सेस या सॉफ़्टवेयर समाधान देना होगा, जिससे प्राइवेसी भी बनी रहे और अपराध होने की स्थिति में कानून तोड़ने वाले का असली नंबर तुरंत बेनकाब किया जा सके। तब तक, भारतीय यूज़र्स को इस 'नंबर छिपाने वाले' फीचर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'