ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
राजनीति राजनीति

सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ी, पर संकल्प अडिग; अभिजीत दीपके का तंज— "पीएम मोदी के लिए वर्ल्ड टूर और पार्टी तोड़ना ज़्यादा ज़रूरी"

by admin@bebak24.com on | 2026-07-01 11:26:09

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3144


सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ी, पर संकल्प अडिग; अभिजीत दीपके का तंज— "पीएम मोदी के लिए वर्ल्ड टूर और पार्टी तोड़ना ज़्यादा ज़रूरी"

राजनीति डेस्क (बेबाक24): दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे देश के जाने-माने शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर बेहद चिंताजनक जानकारी साझा की है।

सीजेपी पिछले 12 दिनों से जंतर-मंतर पर डटी हुई है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। इसी आंदोलन को समर्थन देने के लिए सोनम वांगचुक भी रविवार से भूख हड़ताल पर हैं, जिसके बाद से विपक्षी खेमे और छात्र संगठनों में हलचल तेज हो गई है।

1. "गिर रहा है ब्लड प्रेशर, 2 किलो घट गया वजन" — अभिजीत दीपके

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (X) पर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य का अपडेट देते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।

  • तेजी से बिगड़ती सेहत: दीपके ने लिखा, "सोनम सर की सेहत हर घंटे बिगड़ती जा रही है, लेकिन उनका संकल्प अडिग है। धर्मेंद्र प्रधान को (नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए) तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।"

  • शारीरिक स्थिति: इससे पहले एक अन्य पोस्ट में दीपके ने बताया था कि भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से सोनम वांगचुक का वजन 2 किलो तक कम हो चुका है और उनका ब्लड प्रेशर (BP) लगातार नीचे गिर रहा है, जो चिंता का विषय है।

2. "बच्चों के एग्जाम तो होते रहेंगे, मोदी जी के पास बड़े काम हैं"

मंगलवार को प्रदर्शन स्थल पर मीडिया से बात करते हुए अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा और तीक्ष्ण तंज कसा। जब एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया कि जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन के बीच ही देश में दो और परीक्षाओं के पेपर लीक हो गए हैं, तो क्या सरकार को छात्रों के भविष्य की कोई फिक्र नहीं है?

इस पर दीपके ने कटाक्ष करते हुए कहा:

"... मोदी जी के पास छोटे-छोटे काम के लिए वक़्त नहीं है. मुझे लगता है कि मोदी जी के पास दूसरे बहुत महत्वपूर्ण काम हैं. दूसरी पार्टी तोड़नी है. वर्ल्ड टूर करना है. बच्चों के एग्ज़ाम तो होते रहेंगे. उसमें क्या है."

3. क्यों हो रहा है जंतर-मंतर पर यह महा-आंदोलन?

देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और विशेषकर नीट (NEET) परीक्षा में सामने आई धांधली को लेकर छात्रों और युवा नेताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

  • सीजेपी की मांग: आंदोलनकारी छात्रों और सीजेपी का स्पष्ट कहना है कि देश की शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से चरमरा चुकी है। जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते या उन्हें बर्खास्त नहीं किया जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

  • जवाबदेही तय हो: आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार पेपर लीक के बड़े माफियाओं को पकड़ने और व्यवस्था की जवाबदेही तय करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

बेबाक24 टेक

भारत में पेपर लीक अब केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि एक गंभीर राष्ट्रीय और राजनीतिक संकट बन चुका है। सोनम वांगचुक जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कार्यकर्ता का छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठना इस आंदोलन को एक नैतिक शक्ति देता है, जिसे सरकार चाहकर भी नजरअंदाज नहीं कर सकती। लद्दाख के अधिकारों के लिए कड़ाके की ठंड में हफ्तों तक अनशन करने वाले वांगचुक का संकल्प कितना मजबूत है, यह पूरी दुनिया जानती है।

अभिजीत दीपके का प्रधानमंत्री पर "वर्ल्ड टूर" और "पार्टी तोड़ने" वाला बयान पूरी तरह से तीखा राजनीतिक हमला है, जो देश के युवाओं में व्यवस्था के प्रति पनप रहे आक्रोश को आवाज देता है। एक तरफ जहां लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और देश के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक व शिक्षाविद् की सेहत गिर रही है, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से इस मुद्दे पर दिखाई जा रही कथित उदासीनता विपक्ष को एक बड़ा रणनीतिक हथियार दे रही है। यदि सरकार ने समय रहते धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय नहीं की या प्रदर्शनकारियों से बातचीत का रास्ता नहीं निकाला, तो जंतर-मंतर से उठी यह चिंगारी देशव्यापी छात्र आंदोलन का रूप ले सकती है, जो 2026 की राजनीति के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment