ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
राजनीति राजनीति

गांधी परिवार पर बीजेपी के तीखे हमले से भड़की कांग्रेस: नाना पटोले का पलटवार— "इतिहास नहीं जानते ये लोग, राम मंदिर के चंदे पर क्यों नहीं बोलते?"

by admin@bebak24.com on | 2026-06-29 19:13:20

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3143


गांधी परिवार पर बीजेपी के तीखे हमले से भड़की कांग्रेस: नाना पटोले का पलटवार— "इतिहास नहीं जानते ये लोग, राम मंदिर के चंदे पर क्यों नहीं बोलते?"

राजनीतिक डेस्क (बेबाक24): देश की सियासत में 'गांधी परिवार' को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच एक बार फिर तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा हैदराबाद में कांग्रेस और गांधी परिवार पर की गई 'इतालवी सोच' और 'घोटालों' वाली टिप्पणी पर कांग्रेस ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है।

महाराष्ट्र कांग्रेस के दिग्गज नेता नाना पटोले ने बीजेपी अध्यक्ष के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए उन्हें इतिहास का पाठ पढ़ाया है और बीजेपी के वैचारिक संगठन आरएसएस (RSS) को भी आड़े हाथों लिया है।

1. "नेहरू-गांधी परिवार का बलिदान नहीं समझते ये लोग" — नाना पटोले

नितिन नबीन के बयान से नाराज महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि बीजेपी के नेताओं को देश के गौरवशाली इतिहास और उसमें एक परिवार के योगदान की कोई समझ नहीं है।

पटोले ने अपने बयान में कहा:

"नितिन नबीन और उनके जैसे लोग इस देश के लिए नेहरू-गांधी परिवार के बलिदानों को नहीं समझते हैं। उन्हें इतिहास की रत्ती भर भी जानकारी नहीं है। उनकी सोच बिल्कुल वही है, जो नरेंद्र मोदी, बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की संकीर्ण सोच है।"

उन्होंने आगे विदेशी ताकतों के सामने घुटने टेकने का आरोप लगाते हुए कहा, "यही वे लोग हैं, जो बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमारे देश का अपमान करते हैं। इनमें अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के (भारत विरोधी बयानों के) खिलाफ एक शब्द भी बोलने की हिम्मत नहीं है। इससे साफ पता चलता है कि इन लोगों ने विदेशी ताकतों के सामने किस हद तक आत्मसमर्पण कर दिया है।”

2. राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर घेरा: "इन्होंने भगवान श्रीराम को भी नहीं छोड़ा"

बीजेपी को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरते हुए नाना पटोले ने अयोध्या राम मंदिर के निर्माण के लिए आए दान का मुद्दा उछाल दिया। उन्होंने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

  • चंदे पर सवाल: “भ्रष्टाचार की बात करने वाले इन लोगों को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। राम मंदिर के लिए देश की जनता ने भगवान राम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा से जो चंदा दिया था, उसे भी कथित तौर पर इन लोगों ने हड़प लिया। वे इस बारे में चुप क्यों हैं, इस पर बात क्यों नहीं करते?”

  • पवित्रता का अपमान: पटोले ने तीखा हमला करते हुए कहा कि इन्होंने भगवान श्रीराम और उस भव्य मंदिर को भी अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं छोड़ा, जो करोड़ों भारतीयों के लिए सबसे पवित्र और पूजनीय है।

उन्होंने साफ लहजे में कहा कि जो बीजेपी नेता खुद को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का सिपहसालार बताते हैं और लगातार अपनी ही पीठ थपथपाते रहते हैं, उन्हें देश के लिए जान देने वाले गांधी परिवार के खिलाफ बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

3. नितिन नबीन ने अपने भाषण में क्या कहा था?

इस पूरे राजनीतिक घमासान की शुरुआत रविवार को हैदराबाद में हुई, जहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर सीधा और व्यक्तिगत हमला बोला था।

नितिन नबीन ने अपने भाषण में कहा था:

"देश में घोटालों का पर्याय बन चुका यह परिवार कोई और नहीं, बल्कि कांग्रेस का शाही परिवार है। यह एक ऐसा परिवार है, जिसकी सोच भारतीय मूल्यों से ज्यादा इतालवी (Italian) संस्कृति और मानसिकता से प्रभावित है। उस इतालवी सोच से संचालित होने वाली किसी भी सरकार को भारत की प्रगति और युवाओं में कभी कोई अवसर या क्षमता नजर नहीं आएगी।"

बेबाक24 टेक

चुनावों के नजदीक आते ही या क्षेत्रीय रैलियों में 'गांधी परिवार बनाम राष्ट्रवाद' का नैरेटिव सेट करना बीजेपी की पुरानी और परखी हुई चुनावी रणनीति का हिस्सा रहा है। नितिन नबीन ने एक बार फिर सोनिया गांधी के मूल देश का परोक्ष संदर्भ देते हुए 'इतालवी सोच' का कार्ड खेला है, ताकि कांग्रेस को भारतीय राष्ट्रवाद के तराजू पर तौला जा सके और घोटालों की याद दिलाकर भ्रष्टाचार के मुद्दे को जीवित रखा जा सके।

लेकिन इस बार कांग्रेस का पलटवार भी उतना ही धारदार और बेबाक है। नाना पटोले ने केवल 'बलिदान' की दुहाई देकर अपना पल्ला नहीं झाड़ा, बल्कि सीधे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में डोनाल्ड ट्रंप के सामने केंद्र सरकार की कथित नरमी और घरेलू मोर्चे पर राम मंदिर के चंदे में हुए कथित घपले जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों को उठाकर बीजेपी को रक्षात्मक होने पर मजबूर कर दिया है। राम मंदिर का मुद्दा उठाकर कांग्रेस बहुसंख्यक आबादी के बीच यह संदेश देना चाहती है कि धर्म का व्यापार करने वाले ही असल भ्रष्टाचारी हैं। जैसे-जैसे देश में आगामी राज्यों के चुनाव नजदीक आएंगे, 'इतालवी राष्ट्रवाद' बनाम 'राम मंदिर चंदा' की यह जंग और ज्यादा आक्रामक होने वाली है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment