ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
ताजा खबर ताजा खबर

बिजली अफसरों को DM सत्येंद्र कुमार का अल्टीमेटम: 15 दिन में सुधारो 'लाइन लॉस', वरना नपेंगे JE से लेकर XEN!

by on | 2026-06-29 18:54:22

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3016


बिजली अफसरों को DM सत्येंद्र कुमार का अल्टीमेटम: 15 दिन में सुधारो 'लाइन लॉस', वरना नपेंगे JE से लेकर XEN!


वाराणसी: जिले में बिजली विभाग के ढुलमुल रवैये और बढ़ते लाइन लॉस को लेकर जिलाधिकारी (DM) सत्येंद्र कुमार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के आला अधिकारियों की क्लास लगाते हुए साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया है—"15 दिन में लाइन लॉस घटाएं, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें।"

​ फीडरवार खुलेगी कुंडली, लापरवाही पर गिरेगी गाज

​बैठक के दौरान डीएम ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के फीडरवार लाइन लॉस की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने उन इलाकों को चिन्हित करने का निर्देश दिया है जहाँ सबसे ज्यादा बिजली बर्बाद या चोरी हो रही है।

तगड़ी प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जहाँ भी बिजली चोरी, मीटर रीडिंग में गड़बड़ी, बिलिंग की समस्या या तकनीकी खामियां हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त किया जाए।


अधिकारियों पर कसेगा शिकंजा: यदि अगले 15 दिनों के भीतर जमीन पर सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित जेई (JE), एई (AE), एसडीओ (SDO) और अधिशासी अभियंताओं (XEN) के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


​ मांगी 15 दिनों की प्रोग्रेस रिपोर्ट, लंबित शिकायतों पर भी कड़े तेवर

​जिलाधिकारी ने केवल चेतावनी ही नहीं दी, बल्कि अधिकारियों को काम का पूरा खाका भी सौंप दिया है। सभी अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर लाइन लॉस के मुख्य कारणों और उसे रोकने के लिए की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी।

इन मोर्चों पर भी दिए कड़े निर्देश:

IGRS शिकायतों का तुरंत निस्तारण: जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर लंबित पड़ी उपभोक्ताओं की शिकायतों को बिना किसी देरी के निपटाया जाए।


जियो-टैगिंग अनिवार्य: फीडरवार उपभोक्ताओं की सही और सटीक जियो-टैगिंग सुनिश्चित की जाए ताकि गड़बड़ी पकड़ी जा सके।


खराब प्रदर्शन पर एक्शन: जून महीने की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर जिन अधिकारियों का प्रदर्शन सबसे खराब पाया जाएगा, उन पर गाज गिरना तय है।

​बैठक में मुख्य अभियंता (Chief Engineer) समेत जिले भर के तमाम जेई, एई, एसडीओ और अधिशासी अभियंता मौजूद रहे, जिनके चेहरों पर डीएम के इस कड़े रुख के बाद हवाइयां उड़ती दिखीं।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment