ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
खेल खेल

"गेंदबाजी-फील्डिंग ने डुबोया, टी-20 रणनीति बदलने की जरूरत": वर्ल्ड कप से बाहर होने पर कोच अमोल मजूमदार का बड़ा बयान

by admin@bebak24.com on | 2026-06-29 13:56:33

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3128


"गेंदबाजी-फील्डिंग ने डुबोया, टी-20 रणनीति बदलने की जरूरत": वर्ल्ड कप से बाहर होने पर कोच अमोल मजूमदार का बड़ा बयान

खेल डेस्क (बेबाक24): महिला टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सबसे अहम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली 6 विकेट की करारी हार के साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सफर खत्म हो गया है। लगातार दूसरी बार भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के नॉकआउट (सेमीफाइनल) स्टेज में जगह बनाने में नाकाम रही। इस करारी शिकस्त के बाद भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने खुलकर अपनी भड़ास निकाली है और हार के मुख्य कारणों को सामने रखा है।

आईसीसी (ICC) के मुताबिक, कोच मजूमदार का मानना है कि यदि भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया जैसी दुनिया की नंबर-1 टीम की बराबरी करनी है, तो अपनी पुरानी घिसी-पिटी रणनीति और टीम संयोजन (Combinations) में तुरंत और बड़े बदलाव करने होंगे।

1. "बल्लेबाजी में 'इंटेंट' था, लेकिन गेंदबाजी-फील्डिंग ने साथ नहीं दिया"

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच अमोल मजूमदार ने टीम के तीनों विभागों (बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग) का बेबाक विश्लेषण किया।

  • बल्लेबाजों की तारीफ: कोच ने बल्लेबाजों का बचाव करते हुए कहा, “अगर आप हमारी बल्लेबाजी को देखें, तो हम काफी 'इंटेंट' (सकारात्मक इरादे) के साथ खेल रहे हैं। हमारी सोच पॉजिटिव रही है। लड़कियां चौके और छक्के लगाने के बारे में सोच रही हैं। मॉडर्न टी-20 क्रिकेट पूरी तरह से बाउंड्रीज का खेल है, और हमारी सोच सही दिशा में है।”

  • फ्लॉप रही गेंदबाजी और फील्डिंग: हार का ठीकरा गेंदबाजी और खराब फील्डिंग पर फोड़ते हुए कोच ने कहा, “सच कहूं तो इस पूरे टूर्नामेंट में हमारी गेंदबाजी और फील्डिंग ने हमारा बिल्कुल साथ नहीं दिया। हमें बैक-टू-ड्राइंग बोर्ड (शुरुआत से सोचना) जाना होगा और यह तय करना होगा कि टी-20 क्रिकेट में हमारा असल अप्रोच क्या होना चाहिए।”

2. "हमारा बॉलिंग अटैक अनुभवहीन, हमें 18 महीने का समय दीजिए"

कोच मजूमदार ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के बचाव में उनके कम अनुभव और युवा होने का तर्क भी दिया। उन्होंने इसके पीछे कुछ अहम आंकड़े और कारण गिनाए:

  • युवा गेंदबाजों पर दारोमदार: टी-20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में दुनिया की नंबर-1 गेंदबाज श्री चरणी और तेज गेंदबाज क्रांति गौड़, दोनों की ही उम्र अभी 23 वर्ष से कम है। कोच के मुताबिक, इतने बड़े मंच पर इतने युवा अटैक के साथ उतरना एक बड़ी चुनौती थी।

  • श्रेयंका पाटिल की चोट बनी टर्निंग पॉइंट: कोच ने स्टार स्पिनर श्रेयंका पाटिल की गैर-मौजूदगी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बताया। श्रेयंका टूर्नामेंट के दौरान चोटिल हो गई थीं, जिसके कारण वे इस नॉकआउट जैसे मैच से बाहर रहीं।

  • 18 महीने का अल्टीमेटम: मजूमदार ने भविष्य का रोडमैप बताते हुए कहा, “हमारा बॉलिंग अटैक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी नया है। मैं पहले भी कह चुका हूं और आज फिर कह रहा हूं— हमें सिर्फ 18 महीने का समय दीजिए, यही बॉलिंग अटैक आपको पूरी तरह से बदला हुआ और घातक नजर आएगा।”

बेबाक24 टेक

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली इस हार ने भारतीय महिला क्रिकेट के उस कड़वे सच को उजागर कर दिया है, जिसे हम लंबे समय से छिपाने की कोशिश कर रहे थे। कोच अमोल मजूमदार का यह कहना बिल्कुल सही है कि बल्लेबाजी में 'इंटेंट' दिख रहा था, लेकिन जब आपकी फील्डर कैच छोड़ेंगी और गेंदबाज महत्वपूर्ण ओवरों में दिशाहीन गेंदबाजी करेंगे, तो आप ऑस्ट्रेलिया जैसी पांच बार की चैंपियन टीम को कभी नहीं हरा सकते।

लेकिन, कोच का यह कहना कि "हमें 18 महीने का समय दीजिए" कहीं न कहीं अपनी रणनीतिक विफलता को छिपाने की एक कूटनीतिक कोशिश लगती है। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में आप 'एक्सपेरिमेंट' या 'अनुभवहीनता' का बहाना बनाकर नहीं बच सकते, खासकर तब जब आपके पास डब्ल्यूपीएल (WPL) जैसा बड़ा मंच मौजूद है जहां ये लड़कियां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलती हैं। श्रेयंका पाटिल की चोट निश्चित रूप से एक बड़ा झटका थी, लेकिन बैकअप प्लान न होना मैनेजमेंट की कमजोरी को दर्शाता है। अगर भारत को वाकई ऑस्ट्रेलिया के दबदबे को खत्म करना है, तो सिर्फ 18 महीने का इंतजार नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट और फिटनेस के स्तर पर आज से ही 'सर्जिकल स्ट्राइक' करनी होगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment