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"यूक्रेन पर अमेरिकी शर्तों के तहत समझौते को तैयार था रूस": व्लादिमीर पुतिन का बड़ा दावा, कहा— एंकरेज में बनी सहमति पर आगे बढ़ने को राजी

by admin@bebak24.com on | 2026-06-29 13:46:21

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"यूक्रेन पर अमेरिकी शर्तों के तहत समझौते को तैयार था रूस": व्लादिमीर पुतिन का बड़ा दावा, कहा— एंकरेज में बनी सहमति पर आगे बढ़ने को राजी

मास्को: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कई सालों से जारी विनाशकारी युद्ध को थामने की दिशा में एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया है कि यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए रूस ने अमेरिका द्वारा रखी गई उन शर्तों को स्वीकार कर लिया था, जिनके लिए मास्को को बड़े समझौते (Compromises) करने पड़ते।

रूसी मीडिया आउटलेट्स 'आरटी' (RT) और सरकारी समाचार एजेंसी 'तास' (TASS) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में पुतिन ने अमेरिका के साथ अलास्का के एंकरेज (Anchorage) में हुई गुप्त वार्ताओं के कई अहम पहलुओं से पर्दा उठाया है।

1. "हमें समझौते के लिए कहा गया और हम राजी हुए" — पुतिन

इंटरव्यू के जारी वीडियो क्लिप और ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति पुतिन ने एंकरेज में हुई बातचीत की प्रकृति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा:

"एंकरेज में जो बातचीत हुई थी, वह किसी आधिकारिक दस्तावेज में दर्ज नहीं है और न ही उस पर किसी ने हस्ताक्षर किए हैं। लेकिन वहां हमने यूक्रेन संघर्ष को हमेशा के लिए समाप्त करने की संभावनाओं और रोडमैप पर खुली चर्चा की थी।"

पुतिन ने आगे अमेरिकी रुख और रूस के समर्पण का खुलासा करते हुए कहा, "उस बातचीत के दौरान (अमेरिका द्वारा) हमें कुछ समझौते करने के लिए कहा गया था। हमने इस पर गंभीरता से विचार किया— तुरंत नहीं, लेकिन एंकरेज पहुंचने के बाद हमने साफ कह दिया, 'हां, हम इन शर्तों पर सहमत हैं'। हालांकि, उसके बाद से हमें अमेरिकी प्रशासन की तरफ से कोई दूसरा पक्ष या जवाब सुनने को नहीं मिला है।"

2. यूरोपीय नेताओं द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति को मनाने के दावों को नकारा

इंटरव्यू के दौरान जब पुतिन से पूछा गया कि क्या यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन की जमीनी स्थिति को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस के प्रति कड़ा रुख अपनाने के लिए मना लिया है, तो पुतिन ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

  • परिपक्व राजनेता: पुतिन ने कहा, “मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही मुझे लगता है कि ऐसा होना मुमकिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति एक बेहद परिपक्व और अनुभवी राजनेता (Mature Politician) हैं, वे किसी के बहकावे में आकर फैसले नहीं लेते।”

3. सभी बारीकियों पर अमेरिका से आगे बातचीत के लिए तैयार है रूस

रूस की सरकारी न्यूज़ एजेंसी 'तास' के मुताबिक, पुतिन ने यह साफ कर दिया है कि युद्ध को खत्म करने के लिए रूस के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं और वह वाशिंगटन के साथ दोबारा टेबल पर बैठने को तैयार है।

पुतिन ने रणनीतिक रुख स्पष्ट करते हुए कहा:

  • चर्चा जारी रखने का प्रस्ताव: "हम यूक्रेन मामले के समाधान के लिए उससे जुड़े सभी मुद्दों, बारीकियों और तौर-तरीकों पर अमेरिका के साथ आगे भी बातचीत जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"

  • एंकरेज एजेंडा सर्वोपरि: उन्होंने आगे जोड़ा कि भले ही दोनों देशों के बीच भविष्य में पूरी तरह सहमति न बन पाए, तब भी रूस उन सभी मुद्दों पर चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए राजी है जो पहले एंकरेज की बैठक के दौरान उठाए गए थे।

बेबाक24 टेक

व्लादिमीर पुतिन का यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बिसात पर फेंका गया एक बेहद चतुर और सोचा-समझा पासा है। खुद को 'समझौते के लिए तैयार' और अमेरिका को 'खामोश' दिखाकर पुतिन वैश्विक बिरादरी के सामने यह संदेश देना चाहते हैं कि रूस युद्ध को लंबा नहीं खींचना चाहता, बल्कि अमेरिकी प्रशासन ही शांति प्रक्रिया में रोड़े अटका रहा है। अलास्का के एंकरेज में हुई इस गुप्त वार्ता का जिक्र सार्वजनिक रूप से करके पुतिन ने जो बाइडन प्रशासन को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश की है।

लेकिन इस 'लचीलेपन' के पीछे रूस की अपनी मजबूरियां भी हो सकती हैं। सालों से खिंच रहे इस युद्ध ने रूस की अर्थव्यवस्था और सैन्य संसाधनों पर भारी दबाव डाला है। अमेरिकी शर्तों को मानने (चाहे वे शर्तें कितनी भी कठिन क्यों न हों) की बात कबूल करना यह दिखाता है कि मास्को अब इस मोर्चे से सम्मानजनक निकास (Honorable Exit) चाहता है। हालांकि, जब तक वाशिंगटन इस एंकरेज थ्योरी पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं देता, तब तक पुतिन के इस बयान को केवल एक रणनीतिक 'नैरेटिव वॉर' (Narrative War) का हिस्सा ही माना जाएगा, जिसका मकसद पश्चिमी देशों के गठबंधन में दरार पैदा करना है।



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