ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
अंतरराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय

डूरंड लाइन पर भड़की भारी जंग: पाकिस्तान के जमीनी और हवाई हमलों में '29 आतंकी' ढेर; तालिबान का दावा— "महिलाओं-बच्चों समेत 100 नागरिक हताहत"

by admin@bebak24.com on | 2026-06-29 13:44:59

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3185


डूरंड लाइन पर भड़की भारी जंग: पाकिस्तान के जमीनी और हवाई हमलों में '29 आतंकी' ढेर; तालिबान का दावा— "महिलाओं-बच्चों समेत 100 नागरिक हताहत"

इस्लामाबाद/काबुल (बेबाक24): कराची में रेंजर्स कैंप पर हुए आत्मघाती हमले के महज 24 घंटे के भीतर डूरंड लाइन (Durand Line) के दोनों ओर भीषण सैन्य टकराव शुरू हो गया है। पाकिस्तानी वायुसेना और थलसेना ने संयुक्त रूप से रविवार-सोमवार की दरमियानी रात अफगानिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर बड़े पैमाने पर सुनियोजित जमीनी और 'टारगेटेड' हवाई हमले (Air Strikes) किए हैं।

इस सैन्य कार्रवाई के बाद इस्लामाबाद और काबुल की सरकारों के बीच जुबानी जंग बेहद तीखी हो गई है। जहां पाकिस्तान 29 खूंखार आतंकियों को मारने का दावा कर रहा है, वहीं अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इसे 'कायरतापूर्ण' बताते हुए भारी संख्या में आम नागरिकों के मारे जाने का दावा किया है।

1. पाकिस्तान सरकार का दावा: "इंटेलिजेंस इनपुट पर ढेर किए 29 आतंकवादी"

पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अत्ताउल्लाह तराड़ ने सोशल मीडिया पर इस सैन्य ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि करते हुए एक विस्तृत बयान जारी किया।

पाकिस्तान सरकार के मुताबिक:

  • सुनियोजित जमीनी अभियान: पाकिस्तानी सेना ने खुफिया जानकारी के आधार पर सबसे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर (Bajaur) इलाके में एक बड़ा जमीनी ऑपरेशन चलाया। इसमें कुख्यात आतंकवादी कमांडर खान फ्रॉश (जबाल) और प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-अहरार के तीन अन्य शीर्ष आतंकी मौके पर ही ढेर कर दिए गए।

  • अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक: जमीनी कार्रवाई के तुरंत बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने डूरंड लाइन पार कर अफगानिस्तान की सीमा के भीतर सक्रिय जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सुरक्षित ठिकानों और कैंपों पर सटीक हवाई हमले किए। इस पूरे ऑपरेशन में कुल 29 आतंकवादी मारे गए हैं और दर्जनों घायल हुए हैं।

2. तालिबान सरकार का पलटवार: "हमलों में नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को बनाया निशाना"

बीबीसी पश्तो सेवा के अनुसार, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पाकिस्तान पर युद्ध अपराध के आरोप लगाए।

तालिबान प्रवक्ता ने कहा:

"पाकिस्तान की सेना ने आतंकवादियों के नाम पर अफगानिस्तान के संप्रभु क्षेत्र में घुसकर मासूम नागरिकों को निशाना बनाया है। इन कायरतापूर्ण हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों निर्दोष लोग मारे गए और घायल हुए हैं। पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं का बदला अफगान नागरिकों से ले रहा है।"

3. इन प्रांतों में मची सबसे बड़ी तबाही; मंडीखेल गांव में 100 हताहत

सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान के तीन प्रमुख प्रांतों को निशाना बनाया:

  1. कुनार प्रांत (पूर्वी हिस्सा)

  2. पक्तिया प्रांत (चामकानी जिला)

  3. पक्तिका प्रांत (ज्ञान जिला)

इन हमलों में सबसे भीषण तबाही पक्तिया प्रांत के मंडीखेल गांव (Mandikhel Village) में देखने को मिली है। तालिबान सरकार के स्थानीय सुरक्षा सूत्रों ने पुष्टि की है कि मंडीखेल में पाकिस्तानी बमबारी की वजह से आवासीय मकान मलबे में तब्दील हो गए, जिससे लगभग 100 लोग 'शहीद और गंभीर रूप से घायल' हुए हैं।

बेबाक24 टेक

कराची में रेंजर्स कैंप पर हुए हमले के बाद ही यह साफ हो गया था कि पाकिस्तानी सेना कोई बड़ा और आक्रामक कदम उठाएगी, और हुआ भी यही। डूरंड लाइन पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी यह 'शैडो वॉर' (Shadow War) अब एक खुले और खतरनाक युद्ध में बदल चुका है। पाकिस्तान के लिए टीटीपी (TTP) और जमात-उल-अहरार उसकी सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा कैंसर बन चुके हैं, जिन्हें कथित तौर पर अफगान तालिबान का मूक समर्थन हासिल है।

लेकिन आतंकवादियों को मारने के चक्कर में अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करना और हवाई हमलों में रिहायशी इलाकों (जैसे मंडीखेल गांव) को निशाना बनाना एक आत्मघाती रणनीति है। 100 के करीब नागरिकों का हताहत होना यह साफ करता है कि पाकिस्तानी खुफिया इनपुट पूरी तरह सटीक नहीं थे या फिर यह केवल कराची हमले का गुस्सा निकालने के लिए किया गया 'ब्लाइंड रिप्राइजल' (अंधाधुंध बदला) था। इस कदम से टीटीपी को अफगान जनता के बीच और अधिक सहानुभूति मिलेगी और पाकिस्तान के भीतर आत्मघाती हमलों का एक नया और खूनी दौर शुरू हो सकता है। तालिबान इस कायरतापूर्ण हमले को चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेगा; आने वाले दिनों में सीमा पर भारी तोपखाने और मोर्टार शेलिंग का दिखना तय है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment