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मिडिल ईस्ट से बड़ी राहत: अमेरिका और ईरान के बीच 'पीछे हटने' और तनाव कम करने पर बनी सहमति — मीडिया रिपोर्ट

by admin@bebak24.com on | 2026-06-29 13:34:47

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मिडिल ईस्ट से बड़ी राहत: अमेरिका और ईरान के बीच 'पीछे हटने' और तनाव कम करने पर बनी सहमति — मीडिया रिपोर्ट

यरूशलेम/वॉशिंगटन (बेबाक24): पिछले कुछ दिनों से युद्ध की भीषण आग और मिसाइल हमलों से दहक रहे मिडिल ईस्ट (मध्य-पूर्व) से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि लगातार हिंसक टकराव के बाद अब अमेरिका और ईरान तनाव कम करने और अपने कदम 'पीछे खींचने' (De-escalation) पर सहमत हो गए हैं

यह महत्वपूर्ण समझौता दुनिया के सबसे संवेदनशील और व्यस्त समुद्री व्यापार मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) और उसके आस-पास के इलाकों में दोनों देशों के बीच हुए कई सीधे सैन्य हमलों के बाद हुआ है।

1. होर्मुज स्ट्रेट से अब 'स्वतंत्र' रूप से गुजर सकेंगे जहाज

अमेरिकी अधिकारी ने बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर 'सीबीएस न्यूज' से इस समझौते की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच हुए इस रणनीतिक बैक-चैनल समझौते के बाद अब व्यापारिक और नागरिक जहाजों के लिए रास्ता साफ हो गया है।

  • सुरक्षित आवाजाही: अब अंतरराष्ट्रीय और तेल ले जाने वाले वाणिज्यिक जहाज इस समुद्री रास्ते से बिना किसी खौफ के 'स्वतंत्र रूप से' आ-जा सकेंगे।

  • शांति वार्ता रहेगी जारी: अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस साल की शुरुआत में भड़के इस युद्ध को स्थायी रूप से हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से दोनों पक्षों के बीच नई कूटनीतिक वार्ताएं लगातार जारी रहेंगी।

हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट में हमलों को रोकने और इस ताजा सहमति की रिपोर्ट्स पर ईरान सरकार या उसकी सेना (IRGC) की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी या पुष्टि सामने नहीं आई है।

2. 17 जून के 14-सूत्रीय समझौते (MoU) की बहाली की कोशिश

इससे पहले दोनों देशों के बीच युद्ध को थामने की एक बड़ी कोशिश 17 जून को हुई थी, जब अमेरिका और ईरान ने एक 14 बिंदुओं वाले ऐतिहासिक सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे।

  • क्या था उस समझौते में? इस एमओयू में स्पष्ट रूप से "सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने" का कड़ा प्रावधान शामिल था।

  • क्यों बढ़ा था तनाव? लेकिन पिछले शनिवार को ईरान द्वारा बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े पर किए गए कथित ड्रोन हमले और जवाब में अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर की गई बमबारी के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर इसी 17 जून के युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया था। अब ताजा सहमति के बाद उसी शांति समझौते को दोबारा पटरी पर लाने की उम्मीद जगी है।

बेबाक24 टेक

फीफा वर्ल्ड कप से ईरान की फुटबॉल टीम की दर्दनाक विदाई और सऊदी अरब के रास तानूरा में अरामको के हेलीकॉप्टर क्रैश जैसी घटनाओं के पीछे जिस युद्ध के तनाव की परछाईं थी, वहां से 'पीछे हटने' की यह खबर वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति के लिए संजीवनी जैसी है। होर्मुज स्ट्रेट वो गला है, जहां से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। अगर यहां युद्ध खिंचता, तो पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगतीं।

लेकिन इस 'पीछे हटने' की खबर पर पूरी तरह भरोसा करने से पहले ईरान के आधिकारिक बयान का इंतजार करना होगा। अमेरिका ने सीबीएस न्यूज के जरिए अपनी तरफ से बात सामने रख दी है, लेकिन शनिवार रात को जो बमबारी हुई थी, उसका गुस्सा ईरान के भीतर अभी शांत नहीं हुआ है। 17 जून के 14-सूत्रीय समझौते को दोनों ही देश अपनी सहूलियत के हिसाब से तोड़ते रहे हैं। ऐसे में यह ताजा सहमति क्या वाकई जमीन पर एक स्थायी शांति लाएगी या यह केवल दोनों देशों द्वारा अपने सैन्य साजो-सामान को दोबारा व्यवस्थित करने (Re-grouping) के लिए लिया गया एक छोटा सा कूटनीतिक विराम (पॉज) है, यह आने वाले कुछ दिन तय करेंगे।



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