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नगरा के डुमरिया में विवाहिता की संदिग्ध मौत, भाई ने कहा— 'साजिश के तहत बुलाकर की गई हत्या', पुलिस और प्रधान पर संगीन आरोप

by on | 2026-06-28 23:04:40

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नगरा के डुमरिया में विवाहिता की संदिग्ध मौत, भाई ने कहा— 'साजिश के तहत बुलाकर की गई हत्या', पुलिस और प्रधान पर संगीन आरोप

नगरा (बलिया)। गड़वार थाना क्षेत्र के एकडेरवा गांव की बेटी की नगरा थाना क्षेत्र के डुमरिया बोछ (डुमरिया) गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल पक्ष का दावा है कि विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है, जबकि मायके वालों ने दहेज के लिए हत्या का संगीन आरोप लगाया है। घटना के बाद से इलाके में तनाव और चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

ससुराल पहुंचते ही नीचे रखा था शव, गर्दन पर था खून:

मृतिका के भाई सुनील चौहान ने बताया कि रविवार सुबह उनके पास बहन के ससुराल से फोन आया कि उसने फांसी लगा ली है। जब वे बदहवास हालत में डुमरिया गांव पहुंचे, तो दृश्य देखकर सन्न रह गए। सुनील के मुताबिक, शव पहले से ही नीचे उतारा जा चुका था और मृतिका की गर्दन पर खून लगा हुआ था। भाई ने रोते हुए कहा, "मेरी बहन एक चींटी तक नहीं मार सकती, वह आत्महत्या कैसे कर सकती है? मौके पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं था जिससे लगे कि उसने सुसाइड किया है। यह सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है।"

14 महीने पहले हुई थी शादी, शुक्रवार को ही आई थी ससुराल:

परिजनों के अनुसार, एकडेरवा निवासी सुनील की बहन की शादी 5 मई 2025 को डुमरिया गांव के सुरेंद्र चौहान के पुत्र दिलीप चौहान के साथ हुई थी। लगभग 14 महीने की इस शादी में अक्सर दहेज को लेकर प्रताड़ना की बात सामने आ रही थी। मृतिका पिछले कुछ समय से मायके में ही थी। गुरुवार को ससुराल वालों ने फोन कर उसे बुलाने की जिद की, जिसके बाद शुक्रवार को भाई खुद उसे छोड़ कर गया था। शनिवार को फोन पर बात भी हुई थी, लेकिन रविवार की सुबह मौत की खबर आ गई।

नगरा पुलिस और ग्राम प्रधान पर मिलीभगत का आरोप:

इस संवेदनशील मामले में मृतिका के भाई सुनील चौहान ने स्थानीय नगरा पुलिस और डुमरिया के ग्राम प्रधान की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित भाई का आरोप है कि नगरा पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय अपने हिसाब से मनमाफिक तहरीर लिखवाने का दबाव बना रही थी। वहीं, गांव के प्रधान पर पुलिस से मिलीभगत कर मामले को रफा-दफा करने और समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।



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