ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
राजनीति राजनीति

अस्सी की 'पप्पू की अड़ी' पर बृजेश सिंह की दस्तक: नागरिक अभिनंदन में बोले- 'वर्तमान जमीन पर ही बनेगा भव्य जगन्नाथ मंदिर, 52 बीघा से कोई मतलब नहीं'; सियासी हलचल तेज

by on | 2026-06-28 21:54:17

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3225


अस्सी की 'पप्पू की अड़ी' पर बृजेश सिंह की दस्तक: नागरिक अभिनंदन में बोले- 'वर्तमान जमीन पर ही बनेगा भव्य जगन्नाथ मंदिर, 52 बीघा से कोई मतलब नहीं'; सियासी हलचल तेज

्​वाराणसी। वाराणसी का सुप्रसिद्ध अस्सी स्थित 'पप्पू की अड़ी' रविवार की सुबह एक बार फिर बड़े सियासी और सामाजिक घटनाक्रम का गवाह बना। श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष व पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह, ट्रस्ट के सचिव शैलेश त्रिपाठी और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक पांडे के यहाँ पहुँचने पर स्थानीय नागरिकों द्वारा उनका भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। बृजेश सिंह के इस अचानक दौरे और आम लोगों, युवाओं व व्यापारियों से लंबी बातचीत को राजनीतिक गलियारों में वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की संभावित तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

'मंदिर निर्माण हो, पर रहने वाले परेशान न हों'

​अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए प्रोफेसर देवव्रत चौबे और कवि अजय कृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि जगन्नाथ मंदिर का पुनर्निर्माण सभी काशीवासी चाहते हैं और अच्छे कार्य में मदद करना ही काशी की परंपरा रही है। वहीं, अरुण सिंह, सुनील कुमार मिश्र 'गुड्डू भैया' और कुटीर महाविद्यालय के प्राचार्य राघवेंद्र पांडे ने स्थानीय निवासियों की चिंता को सामने रखा। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण की आड़ में पीछे रहने वाले लोगों का 52 बीघा के नाम पर उत्पीड़न नहीं होना चाहिए और उन पर चल रहे फर्जी मुकदमों का जल्द से जल्द निस्तारण होना चाहिए।

ट्रस्ट के अध्यक्ष ने दूर किया भ्रम

​स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों को आश्वस्त करते हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष बृजेश सिंह ने मंच से बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा:

​"जब से मैं अध्यक्ष बना हूँ, तभी से मैंने लोगों का यह भ्रम दूर करने का प्रयास किया है कि हमें 52 बीघा जमीन से कोई सरोकार नहीं है। वर्तमान में जो मंदिर की जमीन मौजूद है, उसी पर हम भगवान जगन्नाथ का भव्य मंदिर बनाने जा रहे हैं। इस पुनीत कार्य में हमें पूरे काशी वासियों का सहयोग चाहिए।"


चाय पर चर्चा से सियासी सरगर्मी

​बृजेश सिंह के इस जनसंपर्क शैली ने शहर के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। हालांकि उनकी ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अड़ी पर जुटे बुद्धिजीवियों और युवाओं के बीच इसे आगामी चुनावों की गोटियां सेट करने के रूप में देखा जा रहा है।

​गौरतलब है कि 'पप्पू की अड़ी' वर्षों से साहित्यकारों, छात्रों और राजनेताओं के बीच चर्चा का प्रमुख केंद्र रही है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने रोड शो के दौरान यहाँ रुककर चाय पी थी, जिसके बाद यह स्थान राष्ट्रीय सुर्खियों में आया था। अब देखना दिलचस्प होगा कि बृजेश सिंह की यह अड़ी पर दस्तक सिर्फ एक सामान्य मुलाकात थी या आने वाले दिनों में काशी की राजनीति का कोई नया समीकरण तय करेगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment