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सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू, साथियों का आरोप— 'दिल्ली पुलिस ने रोकीं बुनियादी सुविधाएं'

by admin@bebak24.com on | 2026-06-28 19:55:13

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सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू, साथियों का आरोप— 'दिल्ली पुलिस ने रोकीं बुनियादी सुविधाएं'

नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी में सियासी और सामाजिक पारा एक बार फिर चढ़ गया है। लद्दाख के जाने-माने सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस बीच, प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। आंदोलन से जुड़े सामाजिक संगठन के संस्थापकों ने पुलिस पर प्रताड़ित करने और बुनियादी सुविधाएं रोकने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

1. क्या है सोनम वांगचुक की मांग?

नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद से ही छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता लगातार सरकार को घेर रहे हैं। इसी कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले यह प्रदर्शन आयोजित किया गया है।

  • इस्तीफे पर अड़े: सोनम वांगचुक और उनके सहयोगियों का साफ कहना है कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हुआ है, उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

  • आर-पार की जंग: प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, यह भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती और शिक्षा मंत्री पद नहीं छोड़ देते।

2. अभिजीत दीपके का दावा: "पानी का कनेक्शन काटा, साफ-सफाई रोकी"

सोनम वांगचुक के अनशन पर बैठते ही जंतर-मंतर से अव्यवस्था और पुलिसिया कड़ाई की खबरें आने लगी हैं। आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरे और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (Twitter) पर दिल्ली पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अभिजीत दीपके ने अपने पोस्ट में लिखा:

"सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर साफ़-सफ़ाई की सुविधाएं बंद कर दी हैं। वहां पानी का कनेक्शन और साफ़-सफ़ाई का कोई इंतज़ाम नहीं है।"

उन्होंने आगे चिंता जताते हुए कहा, "बार-बार गुहार लगाने और वांगचुक जी की उम्र और सेहत से जुड़ी चिंताओं के बारे में बताने के बावजूद, पुलिस सहयोग नहीं कर रही है। हमें आशंका है कि ऐसी ही दूसरी बुनियादी सुविधाएं भी बंद कर दी जाएंगी। पुलिस आख़िर क्या करने की कोशिश कर रही है?"

बेबाक24 टेक

लद्दाख के पर्यावरण और संवैधानिक अधिकारों के लिए हफ्तों तक शून्य से नीचे के तापमान में भूख हड़ताल करने वाले सोनम वांगचुक का अब दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठना यह दिखाता है कि नीट (NEET) का मुद्दा केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करके प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने की कोशिश की है।

लेकिन इस लोकतांत्रिक प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस पर पानी रोकने और साफ-सफाई ठप करने जैसे आरोप लगना बेहद निंदनीय है। जंतर-मंतर देश का आधिकारिक प्रदर्शन स्थल है, जहां बुनियादी सुविधाएं देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सोनम वांगचुक की उम्र और देश-विदेश में उनकी प्रतिष्ठा को देखते हुए उनके स्वास्थ्य के साथ ऐसा खिलवाड़ प्रशासनिक असंवेदनशीलता को उजागर करता है। पानी और सफाई जैसी आवश्यक चीजों को रोकना आंदोलन को दबाने का एक पुराना और दमनकारी हथकंडा है। यदि प्रशासन ने इस गतिरोध को बातचीत से नहीं सुलझाया और वांगचुक की सेहत बिगड़ी, तो यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन पूरे देश में उग्र छात्र आंदोलन की चिंगारी बन सकता है।



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