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ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान: "मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, यह जनादेश नहीं साजिश है"; उधर भाजपा में 'मुख्यमंत्री' के नाम पर मंथन तेज

by on | 2026-05-05 22:59:28

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ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान: "मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, यह जनादेश नहीं साजिश है"; उधर भाजपा में 'मुख्यमंत्री' के नाम पर मंथन तेज

कोलकाता (बेबाक24 ब्यूरो): बंगाल की चुनावी जंग नतीजों के बाद अब 'संवैधानिक संकट' की ओर बढ़ती दिख रही है। एक ओर जहाँ भाजपा 207 सीटों के साथ सरकार बनाने की तैयारी कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह कहकर सनसनी मचा दी है कि वे इस्तीफा नहीं देंगी।
ममता बनर्जी का 'विद्रोह': "मैं हारी नहीं, मुझे हराया गया है"
हार के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी बेहद आक्रामक नजर आईं:
इस्तीफे से इनकार: ममता ने कहा, "इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। यह जनता का जनादेश नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश है। भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर 100 से ज्यादा सीटें लूटी हैं।"
आयोग पर आरोप: उन्होंने चुनाव आयोग पर 'गंदा खेल' खेलने का आरोप लगाया और कहा कि मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी बंद कर दिए गए थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को 'मनगढ़ंत और निराधार' बताते हुए खारिज कर दिया है।
90 लाख वोटर्स का मुद्दा: उन्होंने 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के तहत 90 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने को अपनी हार की मुख्य वजह बताया।
भाजपा खेमे में हलचल: कौन बनेगा बंगाल का 'नया चेहरा'?
भाजपा ने 9 मई को शपथ ग्रहण की संभावित तारीख तय की है, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बरकरार है। पार्टी ने गृह मंत्री अमित शाह को 'केंद्रीय पर्यवेक्षक'  नियुक्त किया है। रेस में ये नाम सबसे आगे हैं:
शुभेंदु अधिकारी: भवानीपुर में ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक वोटों से हराने के बाद उनका दावा सबसे मजबूत है।
दिलीप घोष: संगठन पर मजबूत पकड़ रखने वाले घोष भी मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
अग्निमित्रा पॉल: पार्टी राज्य में एक महिला चेहरे को आगे कर 'नारी शक्ति' का संदेश देने पर भी विचार कर सकती है।
क्या बंगाल में 'संवैधानिक टकराव' होगा?
​ममता बनर्जी का इस्तीफा न देने का फैसला राज्य को एक नई कानूनी लड़ाई की ओर ले जा सकता है। भाजपा इसे "अराजकता" बता रही है, जबकि टीएमसी इसे "लोकतंत्र की रक्षा" का नाम दे रही है। 9 मई की तारीख बंगाल के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण होने वाली है।



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