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आयरलैंड और इंग्लैंड में टी-20 व्हाइटवॉश के बाद चौतरफा घिरे गौतम गंभीर; अश्विन, श्रीकांत और एमएसके प्रसाद ने उठाए गंभीर सवाल

by admin@bebak24.com on | 2026-07-14 15:58:44

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आयरलैंड और इंग्लैंड में टी-20 व्हाइटवॉश के बाद चौतरफा घिरे गौतम गंभीर; अश्विन, श्रीकांत और एमएसके प्रसाद ने उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली (बेबाक24): भारतीय क्रिकेट टीम आज बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेलने उतर रही है। इस सीरीज में विराट कोहली, कप्तान रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे सीनियर दिग्गजों की वापसी जरूर हो रही है, लेकिन हाल ही में आयरलैंड (0-2) और फिर इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में मिले शर्मनाक व्हाइटवॉश (सफाए) की आग अभी ठंडी नहीं हुई है।

लगातार मिली इन हारों के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ-साथ मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) क्रिकेट दिग्गजों और पूर्व खिलाड़ियों के निशाने पर आ गए हैं। टीम सिलेक्शन, खिलाड़ियों के साथ पक्षपात और युवा खिलाड़ियों के साथ 'म्यूजिकल चेयर' के खेल को लेकर पूर्व क्रिकेटरों ने गंभीर की रणनीति पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।

आर अश्विन का बड़ा आरोप: "संजू और वैभव के साथ हो रहा है म्यूजिकल चेयर का खेल"

दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सीरीज के दौरान टीम मैनेजमेंट के दोहरे मापदंडों की कड़ी आलोचना की है। पहले गंभीर का बचाव करने वाले अश्विन ने अब एक पॉडकास्ट में कहा:

"हर मैच में कुछ न कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। कभी संजू सैमसन बाहर होते हैं तो वैभव सूर्यवंशी अंदर, और कभी वैभव बाहर तो संजू अंदर। यह दोनों में से किसी भी खिलाड़ी के साथ न्याय नहीं है। इंग्लैंड ने खराब फॉर्म से जूझ रहे जॉस बटलर पर लगातार भरोसा जताया और देखिए, उन्होंने आखिरी मैच में शतक जड़ दिया। दूसरी तरफ हम अपनी ओपनिंग जोड़ी के साथ म्यूजिकल चेयर का खेल खेल रहे हैं।"

अश्विन ने गंभीर को उनके पुराने बयान की याद दिलाते हुए कहा कि जब 2025 के इंग्लैंड दौरे पर साईं सुदर्शन लगातार फ्लॉप हो रहे थे, तब गंभीर ने ही कहा था कि किसी को 4-5 पारियों से नहीं आंकना चाहिए। अश्विन ने सवाल उठाया, "अगर साईं सुदर्शन को लंबा मौका मिल सकता है, तो फिर संजू सैमसन को तुरंत ड्रॉप क्यों कर दिया गया? संजू नहीं चला तो वैभव, वैभव नहीं चला तो संजू— यह सब क्या चल रहा है?"

के. श्रीकांत ने याद दिलाया 1989 का इतिहास: "क्या ऐसे युवा खिलाड़ियों को ग्रूम करेंगे?"

1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने सिर्फ 3 मैचों के बाद युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को ड्रॉप करने पर बेहद नाराजगी जताई है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा:

  • 1989 का वो वाकया: "जब 1989 के पाकिस्तान दौरे पर मैं कप्तान था, तब 16 साल के सचिन तेंदुलकर ने डेब्यू किया था। मैंने सचिन के पास जाकर साफ कह दिया था कि तुम्हें इस पूरे टूर में ड्रॉप नहीं किया जाएगा, इसलिए बिना किसी डर के खुलकर खेलो।"

  • गंभीर पर निशाना: श्रीकांत ने सवाल किया कि क्या गंभीर और श्रेयस अय्यर ऐसा ही भरोसा वैभव सूर्यवंशी पर नहीं दिखा सकते थे? उन्होंने कहा कि वैभव के साथ जैसा बर्ताव हो रहा है, वह बेहद निराशाजनक है और किसी युवा खिलाड़ी को ग्रूम करने का यह सही तरीका नहीं है।

हनुमा विहारी का 'पक्षपात' का आरोप और एमएसके प्रसाद की दलील

  • हनुमा विहारी का तीखा हमला: पूर्व क्रिकेटर हनुमा विहारी ने गंभीर पर सीधा पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, "गौतम गंभीर के कुछ पसंदीदा (फेवरेट) खिलाड़ी हैं और वे उन्हीं को टीम में तवज्जो दे रहे हैं, जबकि इन खिलाड़ियों से टीम का कोई भला नहीं होने वाला। शिवम दुबे न गेंदबाजी कर पा रहे हैं, न फील्डिंग और बैटिंग में भी फॉर्म खराब है। शेडगे और वॉशिंगटन सुंदर किस आधार पर टीम में बने हुए हैं, यह समझ से परे है।"

  • एमएसके प्रसाद का रुख: पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने भी संजू सैमसन को बाहर बैठाने को बड़ी गलती बताया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में संजू भारत के सर्वश्रेष्ठ मैच विनर हैं और प्लेइंग इलेवन में उनका नाम सबसे पहले होना चाहिए। हालांकि, प्रसाद ने यह भी कहा कि इस हार के लिए अकेले गंभीर जिम्मेदार नहीं हैं क्योंकि टीम में बुमराह, हार्दिक और सूर्यकुमार जैसे चैंपियन खिलाड़ियों की कमी थी।

विवाद पर कोच गौतम गंभीर की सफाई: "रीसेट में समय लगता है"

इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा टी-20 मैच 125 रनों के बड़े अंतर से हारने के बाद कोच गौतम गंभीर ने अपनी रणनीति और टीम सिलेक्शन का खुलकर बचाव किया था। गंभीर ने कहा:

"जब आप टीम में कोई बड़ा बदलाव या 'रीसेट' (नई शुरुआत) करते हैं, तो उसमें थोड़ा वक्त लगता है। हमारी टीम में 15 साल का खिलाड़ी (वैभव सूर्यवंशी) ओपनिंग कर रहा है, प्रिंस यादव अपना दूसरा ही इंटरनेशनल मैच खेल रहे थे और हर्षित राणा चोट के बाद वापसी कर रहे हैं। हम अक्सर केवल नतीजों को देखते हैं, जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जरूरी भी हैं, लेकिन हमें व्यावहारिक होना होगा। खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने के लिए समय देना होगा।"

गंभीर के फैसले बनाम पूर्व क्रिकेटरों के सवाल

पूर्व क्रिकेटर / एक्सपर्टटीम मैनेजमेंट पर मुख्य आरोपगंभीर का तर्क / बचाव
आर. अश्विनसंजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी के साथ 'म्यूजिकल चेयर' खेली जा रही है; निरंतरता की कमी।नई शुरुआत (रीसेट) में समय लगता है; खिलाड़ियों को निखरने के लिए वक्त चाहिए।
के. श्रीकांतयुवा वैभव सूर्यवंशी को 3 मैच में ड्रॉप करना गलत; सचिन जैसा भरोसा देने की जरूरत थी।इंग्लैंड एक बेहद मजबूत टीम है, ऐसे में युवा खिलाड़ियों को व्यावहारिक होकर समय देना होगा।
हनुमा विहारीटीम सिलेक्शन में पसंदीदा खिलाड़ियों को मौका देने (पक्षपात) का आरोप।जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या और सूर्यकुमार यादव जैसे सीनियर मैच विनर्स की टीम में कमी थी।

बेबाक24 टेक

इसमें कोई दो राय नहीं है कि गौतम गंभीर जब से भारतीय टीम के मुख्य कोच बने हैं, उनका रवैया हमेशा से 'अग्रेशन और बदलाव' का रहा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रयोगों की भी एक सीमा होती है। जब आप आयरलैंड और इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ लगातार मैच हार रहे हों, तो बार-बार टीम संयोजन (प्लेइंग इलेवन) को बदलना खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को पूरी तरह तोड़ देता है। श्रीकांत की यह बात बिल्कुल सही है कि 15-16 साल के युवा खिलाड़ी को अगर आप 2-3 मैचों के बाद ही बाहर का रास्ता दिखा देंगे, तो वह कभी खुलकर नहीं खेल पाएगा।

बेबाक24 का मानना है कि गंभीर को 'पसंदीदा खिलाड़ियों' के टैग से बचना होगा और टीम में स्थिरता लानी होगी। आज से शुरू हो रही वनडे सीरीज में रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से गंभीर को जरूर राहत मिलेगी, लेकिन असली परीक्षा यही होगी कि क्या वे सीनियरों की छांव में युवाओं को एक तय और सुरक्षित रोल दे पाते हैं या फिर यह 'म्यूजिकल चेयर' का खेल आगे भी जारी रहेगा।



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