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लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अमेरिकी एक्शन पर भारत का 'टू द पॉइंट' जवाब; विदेश मंत्रालय ने कहा— "यह अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर चोट, भारत-अमेरिका का सहयोग होगा और मजबूत"

by on | 2026-07-14 22:07:27

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लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अमेरिकी एक्शन पर भारत का 'टू द पॉइंट' जवाब; विदेश मंत्रालय ने कहा— "यह अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर चोट, भारत-अमेरिका का सहयोग होगा और मजबूत"

नई दिल्ली (बेबाक24): अमेरिका के न्याय विभाग (DoJ) द्वारा जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi), गोल्डी बराड़ और उनके अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट के खिलाफ की गई बड़ी कानूनी कार्रवाई ('ऑपरेशन हार्डबॉल') पर भारत सरकार ने अपनी पहली आधिकारिक और बेहद महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है।

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिका में दायर चार्जशीट और एक्शन को लेकर भारत का रुख पूरी तरह स्पष्ट किया। भारत ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के अनुरूप बताया है।

"अमेरिकी न्याय विभाग की घोषणा को हमने देखा है" — विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी करते हुए कहा:

"हमने अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) द्वारा कई देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ जारी किए गए आरोपपत्र (Indictment) और प्रवर्तन कार्रवाई की घोषणा को देखा है।"

उन्होंने आगे कहा कि भारत का यह हमेशा से स्पष्ट और मजबूत स्टैंड रहा है कि अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले ये आपराधिक नेटवर्क किसी भी सभ्य समाज के लिए एक गंभीर और बड़ा खतरा हैं।

भारत-अमेरिका सुरक्षा एजेंसियों के बीच गहराते सहयोग का जिक्र

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क पर 24 संदिग्धों की गिरफ्तारी और वैश्विक कार्रवाई के बीच भारत ने वाशिंगटन के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों की मजबूती को रेखांकित किया है:

  • मजबूत पार्टनरशिप: विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद और सीमा-पार फैले संगठित अपराधों से निपटने के मामले में भारत और अमेरिका के बीच एक बेहद प्रभावी और लगातार बढ़ता हुआ सहयोग है।

  • वर्षों का तालमेल: भारत और अमेरिका की जांच और सुरक्षा एजेंसियां कई वर्षों से इन सिंडिकेट्स के खिलाफ मिलकर काम कर रही हैं, और आने वाले समय में यह सुरक्षा समन्वय (Coordination) लगातार और गहरा तथा मजबूत होता जा रहा है।

निज्जर हत्याकांड पर कनाडाई पुलिस के बयान पर भारत का रुख

अमेरिकी चार्जशीट में साल 2023 में कनाडा में हुई सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप भी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर लगाया गया है। इस संबंध में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड के हालिया बयान (जिसमें उन्होंने कहा था कि जांच में भारतीय सरकारी एजेंटों के सीधे संलिप्त होने के सबूत नहीं मिले हैं) पर भी विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया:

  • कनाडाई पुलिस की टिप्पणियों पर ध्यान: रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने आरसीएमपी (RCMP) के डिप्टी कमिश्नर की टिप्पणियों को नोट किया है।"

  • अमेरिकी आरोप-पत्र से मेल खाती बातें: भारत ने स्पष्ट किया कि कनाडाई पुलिस के ये बयान हाल ही में सामने आए अमेरिकी आरोप-पत्र (US Indictment) से पूरी तरह मेल खाते हैं, जिसमें इस पूरी साजिश और हत्या की जिम्मेदारी सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह के सदस्यों पर डाली गई है, न कि किसी सरकारी तंत्र पर।

  • वैश्विक सहयोग की प्रतिबद्धता: भारत सरकार अपने सभी साझेदार देशों के साथ कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग के जरिए सीमा-पार अपराध को कुचलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मामले का बैकग्राउंड: क्या है अमेरिकी 'ऑपरेशन हार्डबॉल'?

मुख्य बिंदुअमेरिकी फेडरल जांच के मुख्य तथ्य
अमेरिकी मिशन'ऑपरेशन हार्डबॉल' (Operation Hardball)— भारत-आधारित अंतरराष्ट्रीय क्राइम सिंडिकेट्स के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा एक्शन।
आरोपी और चार्जशीटलॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, जग्गू भगवानपुरिया समेत 37 लोगों के खिलाफ तीन फेडरल आरोपपत्र।
गैंग पर आरोपजबरन वसूली (Extortion), टारगेट किलिंग, ड्रग्स और हथियारों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी, और मनी लॉन्ड्रिंग।
बरामदगीलगभग 1,000 किलोग्राम कोकीन, हेरोइन, भारी मात्रा में नकदी और अवैध हथियार जब्त।
भावी कदमअमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) भारत की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण (Extradition) की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।

बेबाक24 टेक

लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अमेरिकी एजेंसियों की यह चोट और उस पर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) का यह संतुलित बयान कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से भारत के लिए एक बड़ी राहत और जीत जैसा है। पिछले लंबे समय से कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो निज्जर हत्याकांड का ठीकरा भारत सरकार और उसके राजनयिकों पर फोड़कर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे।

बेबाक24 का मानना है कि अमेरिकी एफबीआई (FBI) और न्याय विभाग की इस निष्पक्ष जांच ने यह साफ कर दिया है कि यह पूरी तरह से एक क्रिमिनल अंडरवर्ल्ड और गैंगवार का मामला था, जिसका भारत सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। अमेरिकी एक्शन ने कनाडा के झूठे दावों की हवा निकाल दी है। भारत का खुलकर अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन करना यह दिखाता है कि नई दिल्ली किसी भी गैंगस्टर या ड्रग सिंडिकेट को कोई संरक्षण नहीं देती, चाहे वह देश की जेल में हो या विदेश की धरती पर। अब देखना यह होगा कि भारत में कई मुकदमों का सामना कर रहे लॉरेंस बिश्नोई के अमेरिकी प्रत्यर्पण (Extradition Request) पर दोनों देशों की कानूनी एजेंसियां आगे कैसे कदम बढ़ाती हैं।



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