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दिग्विजय सिंह के 'संघ प्रेम' से कांग्रेस में रार: संगठन क्षमता की तारीफ पर पवन खेड़ा और टैगोर ने घेरा, थरूर आए साथ

by admin@bebak24.com on | 2025-12-28 14:50:13

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दिग्विजय सिंह के 'संघ प्रेम' से कांग्रेस में रार: संगठन क्षमता की तारीफ पर पवन खेड़ा और टैगोर ने घेरा, थरूर आए साथ

पवन खेड़ा और मणिकम टैगोर ने संघ को बताया 'नफरत का केंद्र', शशि थरूर ने किया दिग्विजय का समर्थन

 नई दिल्ली | कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एक हालिया बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की संगठन क्षमता की जमकर तारीफ की। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे संघ की विचारधारा के कट्टर विरोधी हैं, लेकिन उनकी संगठन शक्ति का लोहा मानते हैं।


"आंदोलन को वोट में नहीं बदल पाती कांग्रेस"

दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी पर उंगली उठाते हुए कहा कि कांग्रेस मूल रूप से एक आंदोलनकारी पार्टी है। उन्होंने स्वीकार किया कि, "कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन तो प्रभावी ढंग से करती है, लेकिन उन आंदोलनों को वोटों में तब्दील करने में पार्टी अक्सर चूक जाती है।" उन्होंने संघ का उदाहरण देते हुए कहा कि एक अपंजीकृत संगठन होने के बावजूद वह इतना शक्तिशाली है कि देश के प्रधानमंत्री उसे दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ बताते हैं। दिग्विजय ने पीएम मोदी की फर्श पर बैठी तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि संगठन की ताकत ही एक जमीनी कार्यकर्ता को प्रधानमंत्री के पद तक ले जाती है।


कांग्रेस के भीतर मचा घमासान: बंटी नजर आई राय

दिग्विजय सिंह के इस बयान ने कांग्रेस के भीतर ही दो फाड़ कर दिए हैं। पार्टी के कई बड़े नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है:

- पवन खेड़ा का प्रहार: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सख्त लहजे में कहा कि गोडसे की विचारधारा से जुड़े संगठन से कांग्रेस को कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है।

- मणिकम टैगोर की विवादित तुलना: सांसद मणिकम टैगोर ने संघ की तुलना अल-कायदा से कर दी। उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने वाले संगठन से अनुशासन नहीं सीखा जा सकता।

- शशि थरूर का समर्थन: इन विरोधों के बीच शशि थरूर दिग्विजय सिंह के पक्ष में खड़े नजर आए। उन्होंने कहा, "मैं भी चाहता हूं कि हमारा संगठन मजबूत और अनुशासित हो। अनुशासन बहुत जरूरी है और हम खुद से भी बहुत कुछ सीख सकते हैं।"

विवाद की जड़: वह एक तस्वीर

पूरा विवाद शनिवार को तब शुरू हुआ जब दिग्विजय सिंह ने एक्स (ट्विटर) पर पीएम मोदी की एक पुरानी फोटो शेयर की, जिसमें वे लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास नीचे बैठे हैं। दिग्विजय ने इसे 'प्रभावशाली' बताते हुए भाजपा और संघ के कार्यकर्ता आधारित ढांचे की प्रशंसा की थी।



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