ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
अपराध अपराध

बक्सर में महासंग्राम: RTI कार्यकर्ता को घर में घुसकर धमकी, पत्रकार पर दबाव... और अब पुलिसिया चौसर पर आमने-सामने दो 'FIR'!

by on | 2026-09-08 16:13:09

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3058


बक्सर में महासंग्राम: RTI कार्यकर्ता को घर में घुसकर धमकी, पत्रकार पर दबाव... और अब पुलिसिया चौसर पर आमने-सामने दो 'FIR'!

बक्सर। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर शिकंजा कसने का खेल बक्सर में पूरी शिद्दत से चल रहा है। खबर बेबाक है और कड़वी भी—जिले के चर्चित आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय और 'प्रभात खबर' के ब्यूरो चीफ मृत्युंजय सिंह को निशाने पर लेने की कोशिश दबंगों के द्वारा की गई है। लेकिन मामला सिर्फ धमकी तक सीमित नहीं रहा; अब यह केस और क्रॉस-केस के दांव-पेच में उलझ चुका है।

विवादों से गहरा नाता, सत्ता के संरक्षण की धौंस!

स्थानीय स्तर पर विवादों और अनैतिक कामों से गहरा नाता रखने वाले भू-माफिया व व्यवसायी प्रदीप राय एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। सत्ता के संरक्षण की धौंस और अपनी पहुंच के बल पर हर बार प्रशासनिक कार्रवाई से बच निकलने में माहिर प्रदीप राय की कार्यशैली ने इस बार पूरे प्रशासन को पशोपेश में डाल दिया है। सवाल उठ रहा है कि क्या कानून का हाथ इन तक पहुंचेगा या हर बार की तरह इस बार भी रसूख हावी रहेगा?

पहला वार: घर में घुसे हथियारबंद दबंग, वजह—सिस्टम के खिलाफ उठती आवाज

आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय का सीधा आरोप है कि उनके घर में हथियारबंद असामाजिक तत्वों ने घुसकर जान से मारने की धमकी दी। वजह एकदम साफ है—शिव प्रकाश राय ने प्रदीप राय से जुड़े भूमि निबंधन कर, होल्डिंग टैक्स में गड़बड़ी और उनके निजी स्कूल में 25% गरीब बच्चों के मुफ्त दाखिले (RTE) के नियमों की अनदेखी के खिलाफ प्रशासनिक शिकायतें दर्ज कराई थीं। बस इसी रंजिश का बदला लेने के लिए यह दबंगई दिखाई गई।

पलटवार: पुलिस की फाइल में पहुंचा 'रंगदारी' का काउंटर केस

मामला गर्म होते ही दूसरा पक्ष भी शांत नहीं बैठा। व्यवसायी प्रदीप राय की तरफ से पुलिस में पलटवार करते हुए शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय पर ही 'रंगदारी' मांगने की क्रॉस-FIR ठोक दी गई है। अब पुलिस के खाके में दोनों ही पक्ष आरोपी और फरियादी बने खड़े हैं।

पत्रकार पर आंच और श्रमजीवी यूनियन का कड़ा रुख

इस पूरे खेल की जब परतें खुलीं और खबर अखबार के पन्नों तक पहुंची, तो खबर छापने वाले ब्यूरो चीफ मृत्युंजय सिंह को भी निशाने पर ले लिया गया। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए साफ कहा है कि पत्रकारों को धमकाना सीधे-सीधे लोकतंत्र पर हमला है। यूनियन ने बक्सर पुलिस से पत्रकारों को तुरंत सुरक्षा देने और दोषियों को बेनकाब करने की मांग की है।

अब आगे क्या?

फिलहाल बक्सर नगर थाना पुलिस दोनों ओर की प्राथमिकी हाथ में लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है। सवाल बड़ा है—क्या पुलिस सच में निष्पक्ष जांच कर दबंगों पर नकेल कसेगी, या सत्ता के संरक्षण के आगे यह मामला भी कागजी पैंतरेबाजी और क्रॉस-केसों की भेंट चढ़ जाएगा?



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment