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दिशा सालियान मौत मामला: उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच के दिए आदेश

by admin@bebak24.com on | 2026-09-02 13:49:52

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दिशा सालियान मौत मामला: उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच के दिए आदेश

मुंबई | बेबाक24 न्यूज़

दिवंगत सेलिब्रिटी प्रबंधक दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को बड़ा आदेश दिया। अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने जांच के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी नियुक्त करने को भी कहा है।

दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड स्थित एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी। उनकी मौत के कुछ दिन बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मृत्यु हुई थी। दोनों घटनाओं के बीच कम अंतर के कारण यह मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है।

पिता ने की थी नए सिरे से जांच की मांग

दिशा के पिता सतीश सालियान ने बेटी की मौत को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उनका आरोप है कि उनकी बेटी के साथ गंभीर अपराध हुआ और मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए तथ्यों को सामने नहीं आने दिया गया।

परिवार की ओर से पेश अधिवक्ता नीलेश ओझा ने अदालत में यह भी सवाल उठाया कि पुलिस ने परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बावजूद प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा कि दिशा के पिता को पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी काफी समय बाद उपलब्ध कराई गई।

बिना पर्याप्त साक्ष्य किसी को आरोपी नहीं माना जाए

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने तक किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए। अदालत ने सीबीआई को उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।

न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि जांच में संज्ञेय अपराध सामने आता है तो नियमानुसार आरोपपत्र दाखिल किया जाए। वहीं, पर्याप्त आधार नहीं मिलने पर मामले को बंद करने की उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

आदित्य ठाकरे का नाम भी उठा

दिशा के परिवार की ओर से मामले में शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों के नाम का उल्लेख किए जाने का भी मुद्दा अदालत में उठा। परिवार के अधिवक्ता ने सवाल किया कि संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की गई।

हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल किसी व्यक्ति का नाम सामने आने के आधार पर उसे आरोपी नहीं बनाया जा सकता। जांच में सामने आने वाले प्रमाण ही आगे की कार्रवाई का आधार होंगे।

सरकार और आदित्य ठाकरे की ओर से क्या कहा गया?

महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश मुख्य सरकारी अधिवक्ता शिशिर हिरे ने याचिका का विरोध किया। उनका कहना था कि पुलिस की जांच में अब तक किसी व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाने योग्य ठोस प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि दिशा के माता-पिता ने पहले अपने बयानों में किसी पर संदेह नहीं जताया था।

आदित्य ठाकरे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुदीप पसबोला ने कार्रवाई को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया और याचिका का विरोध किया।

अब सीबीआई जांच से क्या बदलेगा?

अब सीबीआई मामले से जुड़े अभिलेख, पूर्व जांच, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की नए सिरे से जांच करेगी। अदालत के निर्देश के बाद मुंबई पुलिस को मामले से संबंधित अभिलेख सीबीआई को सौंपने होंगे।

जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। फिलहाल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपराध सिद्ध नहीं हुआ है।



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