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स्मित मच्छार के नाम को ग्रोक ने बनाया ‘मच्छर’, आलोचना के बाद सुधारा अनुवाद

by admin@bebak24.com on | 2026-10-02 14:12:47

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स्मित मच्छार के नाम को ग्रोक ने बनाया ‘मच्छर’, आलोचना के बाद सुधारा अनुवाद

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

फ्लाईदुबई की उड़ान में कॉकपिट के भीतर हुए हमले के दौरान साहस दिखाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार का नाम एआई आधारित चैटबॉट ग्रोक ने हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद करते समय गलत तरीके से बदल दिया। ग्रोक ने ‘मच्छार’ को सामान्य हिंदी शब्द मानकर उसका अर्थ ‘मच्छर’ लिया और नाम का अनुवाद “कैप्टन मॉस्किटो स्मिथ” कर दिया। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस गलती की ओर ध्यान दिलाया, जिसके बाद ग्रोक ने इसे स्वीकार कर अनुवाद सुधार दिया।

नाम को शब्द समझ बैठा ग्रोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ में की गई पोस्ट का ग्रोक ने हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद किया था। इसी दौरान ‘मच्छार’ को नाम के बजाय सामान्य शब्द समझ लिया गया।

गलत अनुवाद में कैप्टन के नाम को “कैप्टन मॉस्किटो स्मिथ” लिखा गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि यहां ‘मच्छार’ कैप्टन का उपनाम है, जिसका शब्दशः अर्थ निकालना उचित नहीं था।

आलोचना के बाद मानी गलती

गलत अनुवाद सामने आने के बाद कई यूजर्स ने ग्रोक की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। एक यूजर की आपत्ति के जवाब में ग्रोक ने गलती स्वीकार करते हुए माना कि उसने हिंदी शब्द ‘मच्छर’ का अंग्रेजी अर्थ लेते हुए नाम को गलत तरीके से बदल दिया था।

इसके बाद ग्रोक ने प्रधानमंत्री की पोस्ट का संशोधित अनुवाद जारी किया, जिसमें कैप्टन का नाम सही रूप में ‘कैप्टन स्मित मच्छार’ लिखा गया।

बहादुरी के संदर्भ को भी किया स्पष्ट

सुधारे गए अनुवाद में कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा को सही संदर्भ में रखा गया। इसमें गंभीर चोट और बेहद खतरनाक परिस्थितियों के बावजूद दूसरों की जान बचाने के लिए उनके साहस और दृढ़ संकल्प का उल्लेख किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छार के साहस की सराहना करते हुए उन्हें नायक बताया था। ग्रोक के संशोधित अनुवाद में उनके जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी दोहराई गई।

बेबाक24 टेक: यह मामला एआई अनुवाद में नामों और संदर्भों को सही ढंग से समझने की चुनौती को सामने लाता है। ‘मच्छार’ को उपनाम के बजाय सामान्य शब्द समझने के कारण ग्रोक ने पहले गलत अनुवाद किया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर आपत्ति के बाद सुधार दिया गया।



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