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अखिलेश का '2012 वाला फॉर्मूला': विधानसभा चुनाव लड़े बिना सीधे CM पद की शपथ! भाजपा पर ज़मीन हड़पने का तीखा हमला

by on | 2026-11-03 23:22:05

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अखिलेश का '2012 वाला फॉर्मूला': विधानसभा चुनाव लड़े बिना सीधे CM पद की शपथ! भाजपा पर ज़मीन हड़पने का तीखा हमला


​वाराणसी (बेबाक 24): समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को काशी की धरती से 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला राजनीतिक बयान दिया है। अखिलेश यादव ने साफ संकेत दे दिया है कि वे 2027 का विधानसभा चुनाव खुद मैदान में उतरकर नहीं लड़ेंगे। अपने इस फैसले के पीछे उन्होंने 2012 के अपने मुख्यमंत्री बनने के 'शुभ संयोग' का तर्क दिया है।

​ "बिना चुनाव लड़े बनता हूँ CM, यही मेरे लिए शुभ"

​काशी के धार्मिक और ज्योतिषीय माहौल का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वाराणसी के लोग शुभ और अशुभ का विशेष ध्यान रखते हैं।

​"मैं तब मुख्यमंत्री बनता हूँ जब चुनाव नहीं लड़ता। इसलिए मैं वही करूँगा जो मेरे लिए शुभ हो। सीधे लोकसभा से ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लूँगा।"

​उन्होंने याद दिलाया कि 2012 में जब वे पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, तब भी उन्होंने कोई विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। वे उस समय लोकसभा सांसद थे और शपथ लेने के बाद विधान परिषद (MLC) के रास्ते सदन पहुँचे थे। अखिलेश का दावा है कि 2027 में भी वे इसी 'शुभ रास्ते' पर चलेंगे।

​ किसानों की ज़मीन पर कब्ज़े की साज़िश: भाजपा पर सीधा हमला

​सपा प्रमुख ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों और गरीबों के साथ बड़ा भेदभाव करने का गंभीर आरोप लगाया। सर्कल रेट न बढ़ाए जाने के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा:

​सर्कल रेट क्यों नहीं बढ़ रहा? अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार जान-बूझकर ज़मीन के सर्कल रेट नहीं बढ़ा रही है ताकि गरीबों और किसानों की ज़मीनें कौड़ियों के भाव ली जा सकें।


​मार्केट रेट से बचने का खेल: उन्होंने कहा कि अगर सर्कल रेट बढ़ गया तो सरकार को किसानों को उनकी ज़मीन का सही बाज़ार मूल्य देना पड़ेगा, जिससे बचने के लिए यह पूरा खेल रचा जा रहा है।


​"मां गंगा ने उन्हें भुला दिया": स्थानीय मंत्रियों और सरकार पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि लगता है जैसे इस बार माँ गंगा ने भी इन्हें भुला दिया है।


​ "काशी का ब्लूप्रिंट हमने बनाया, BJP के जाते ही खत्म होगा संकट"

​अखिलेश यादव ने समाजवादियों के काम गिनाते हुए कहा कि 'डायल 100' और एम्बुलेंस सेवा सपा सरकार की देन है। आज भी मोहल्लों में सपा सरकार के बांटे लैपटॉप चल रहे हैं।

​काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: उन्होंने दावा किया कि काशी विश्वनाथ मंदिर का शुरुआती ब्लूप्रिंट समाजवादियों की सरकार में ही मंजूर हुआ था और ज़मीन चिंहांकन का काम भी उसी समय हुआ था।


​रोजगार का वादा: अखिलेश ने कहा कि भाजपा के सत्ता से जाते ही प्रदेश का संकट खत्म होगा। सपा सरकार आते ही सबसे पहले संकट दूर कर युवाओं को नौकरियाँ और रोजगार दिए जाएँगे।


​ प्रशासनिक धांधली का आरोप

​31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती कार्यक्रम का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि काशी में निकाय चुनाव/उपचुनाव की वोट गिनती के दौरान सपा कार्यकर्ताओं को तीन दिन तक जागना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन ने सपा को हराने की पूरी कोशिश की और मतगणना के दौरान बेमतलब की नारेबाजी करवाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया।

​' बेबाक 24' की नज़र से:

अखिलेश यादव का बिना विधानसभा चुनाव लड़े सीधे दिल्ली (लोकसभा) से लखनऊ (CM की कुर्सी) का रास्ता तय करने का यह ऐलान भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती और सपा कार्यकर्ताओं के लिए 2012 की तर्ज पर जोश भरने की रणनीति मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि 2012 का यह 'शुभ टोटका' 2027 में सपा को सत्ता की चाबी दिला पाता है या नहीं!



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