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अंतिम यात्रा में 'अपने' पीछे छूटे, तो इंसानियत बनी सहारा: दिवंगत पत्रकार विजय शंकर यादव का अमन कबीर सेवा न्यास ने किया अंतिम संस्कार

by on | 2026-09-24 19:49:37

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अंतिम यात्रा में 'अपने' पीछे छूटे, तो इंसानियत बनी सहारा: दिवंगत पत्रकार विजय शंकर यादव का अमन कबीर सेवा न्यास ने किया अंतिम संस्कार

वाराणसी: "जिस पत्रकार ने जीवन भर दूसरों की आवाज बनकर अनगिनत खबरें और कहानियाँ लिखीं, आज उसकी अपनी आखिरी कहानी में साथ खड़ा होने वाला कोई सगा-संबंधी नहीं था।"

​काशी की पावन धरा पर एक बार फिर यह साबित हुआ है कि रिश्ते केवल खून के मोहताज नहीं होते, बल्कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। मामला शीरगोवर्धन क्षेत्र का है, जहाँ वरिष्ठ पत्रकार रहे विजय शंकर यादव का निधन हो गया। वे लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े थे और लगभग दो वर्षों से सेवानिवृत्त होकर शीरगोवर्धन स्थित एक मकान में रह रहे थे।

घर से मिला पत्रकार पहचान-पत्र

निधन की सूचना मिलने पर जब स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मौके पर जाकर देखा, तो मृतक के पास से एक पत्रकार पहचान-पत्र (जिस पर 'राजनीतिक संवाददाता' अंकित था) और पहचान पत्र प्राप्त हुआ। पहचान पत्र पर दर्ज पते (संस्कृत विश्वविद्यालय, संपूर्णानंद, C-27/65, जगतगंज) पर पड़ताल करने पर पता चला कि वह मकान बहुत पहले ही बिक चुका है।

रिश्तेदारों ने फेरा मुंह, पुलिस को दी गई सूचना

घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। इसके बाद परिजनों और रिश्तेदारों से संपर्क करने का प्रयास किया गया। उनकी पूर्व पत्नी से भी बातचीत की गई, जिन्होंने बताया कि उनका तलाक हो चुका है। दुखद स्थिति तब उत्पन्न हुई जब अन्य रिश्तेदारों से संपर्क साधने के बावजूद उनके अंतिम समय में कोई भी सामने नहीं आया।

हरिश्चंद्र घाट पर अमन कबीर सेवा न्यास ने निभाया 'बेटे और भाई' का फर्ज

अपनों के पीछे हटने के बाद अमन कबीर सेवा न्यास आगे आया। संस्था के सदस्यों ने इंसानियत का परिचय देते हुए दिवंगत विजय शंकर यादव को अपना माना और हरिश्चंद्र घाट पर हिंदू रीति-रिवाज एवं विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार कराया व मुखाग्नि दी।

​संस्था के सदस्यों ने कहा, "जब अपने नहीं आए, तो हम उनके अपने बनकर खड़े रहे। समाज में जहाँ रिश्तों का दायरा सिमट रहा है, वहाँ इंसानियत का धर्म सबसे ऊपर है।"

​स्थानीय निवासियों और प्रबुद्ध वर्ग ने अमन कबीर सेवा न्यास के इस मानवीय कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।



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