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युवराज हत्याकांड: 3 महीने पहले खरीदा था देसी कट्टा, शव ठिकाने लगाने कई बार निकले आरोपी

by admin@bebak24.com on | 2026-09-20 13:44:52

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युवराज हत्याकांड: 3 महीने पहले खरीदा था देसी कट्टा, शव ठिकाने लगाने कई बार निकले आरोपी

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

दिल्ली के युवराज सिंह मनचंदा हत्याकांड की जांच में पुलिस को हथियार और शव ठिकाने लगाने की कोशिशों से जुड़ी नई जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, मामले की आरोपी आन्या वत्स ने करीब 3 महीने पहले देसी कट्टा खरीदा था, जिसे गुरुग्राम के सेक्टर 70ए से बरामद किया गया है।

ठगी के मामलों से भी जुड़ी आरोपी

पुलिस के मुताबिक आन्या के खिलाफ जालसाजी के 3 मामले दर्ज हैं। इनमें संसद मार्ग, ग्रेटर नोएडा और शाहदरा से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि संसद मार्ग थाने के मामले में आन्या ने एक कारोबारी को प्रवर्तन निदेशालय में अपनी पहचान होने का भरोसा दिलाया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, बाद में कारोबारी को प्रवर्तन निदेशालय का कथित फर्जी नोटिस भेजा गया और मामला खत्म कराने के नाम पर उससे 1.25 करोड़ रुपये लिए गए। पुलिस का कहना है कि आन्या जेल जाने से बचने और कथित तौर पर रकम लौटाने के लिए पैसे जुटाना चाहती थी। इसी क्रम में युवराज को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।

शव ठिकाने लगाने की कई बार कोशिश

पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर को युवराज की हत्या के बाद शव को आन्या की कार में रखा गया था। इसके बाद कार गुरुग्राम की उस सोसायटी में खड़ी की गई, जहां उसका साथी संयम सचदेवा रहता था।

जांच में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि दोनों शव को तालाब में फेंकने के लिए कई बार सोसायटी से निकले, लेकिन मौका नहीं मिलने के कारण ऐसा नहीं कर सके। बाद में 9 सितंबर को शव गुरुग्राम में ठिकाने लगाए जाने की बात सामने आई है।

युवराज कैसे लापता हुए

31 वर्षीय युवराज सेक्टर-29 स्थित अडानी रियल्टी में प्रबंधक थे। 6 सितंबर को वह दिल्ली के लाजपत नगर में अपनी बहन के साथ थे। शाम करीब 4 बजे वह गुरुग्राम में पूर्व सहकर्मी आन्या से मिलने की बात कहकर वहां से निकले, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटे।

युवराज का फोन बंद मिलने के बाद उनकी बहन हरसिमरन मनचंदा ने 11 सितंबर को लाजपत नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को आन्या से उनकी आखिरी बातचीत के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद आन्या और उसके साथी संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया गया।

गुरुग्राम में मिला था अज्ञात शव

11 सितंबर को बादशाहपुर थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला था। पुलिस ने पहचान के लिए उसकी तस्वीरें जिपनेट पर डाली थीं। बाद में युवराज के परिवार ने तस्वीरों और शव के पास मिले सामान के आधार पर उसकी पहचान की।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आन्या ने युवराज की हत्या में अपनी कार और हथियार के इस्तेमाल की बात बताई है। मामले में दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। जांच अभी जारी है।

जांच अधिकारी पर भी कार्रवाई

मामले में बादशाहपुर थाने के एएसआई साहून खान को निलंबित किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने इसे दूसरे मामले से जुड़ी कार्रवाई बताया है, जबकि आधिकारिक सूत्रों के अनुसार युवराज मामले में कथित लापरवाही भी कार्रवाई का कारण रही है।

बेबाक24 की राय

युवराज हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान हथियार की बरामदगी, पुराने जालसाजी मामलों और शव ठिकाने लगाने की कथित कोशिशों से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। हालांकि हत्या की पूरी वजह और घटनाक्रम पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस के आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों को अंतिम दोष सिद्धि नहीं माना जा सकता।



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