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केतन हत्याकांड: फर्जी 'माही' खाते से जाल, एआई से भी बचने के तरीके खोजने का दावा

by admin@bebak24.com on | 2026-09-20 13:26:32

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केतन हत्याकांड: फर्जी 'माही' खाते से जाल, एआई से भी बचने के तरीके खोजने का दावा

पुणे | बेबाक24 न्यूज़

पुणे के लोहागढ़ किला हत्याकांड में पुलिस ने 5,053 पन्नों का आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया है। आरोपपत्र के मुताबिक, केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले पर बुलाने के लिए ‘माही’ नाम से फर्जी सामाजिक-माध्यम खाता बनाया गया था और आरोपियों ने वारदात से पहले पुलिस से बचने तथा सबूत मिटाने के तरीकों की जानकारी जुटाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों का भी इस्तेमाल किया।

'माही' बनकर भेजा संदेश

पुलिस के अनुसार, हत्या की कथित साजिश में सिया, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और उनके दोस्त रितेश हांगे शामिल थे। आरोपपत्र के मुताबिक, रितेश ने एक परिचित युवती की तस्वीर का इस्तेमाल कर ‘माही’ नाम से फर्जी खाता बनाया।

18 जून को इसी खाते से केतन को संदेश भेजकर सिया के जन्मदिन के लिए लोहागढ़ किले पर आने को कहा गया। पुलिस का दावा है कि केतन इस संदेश पर भरोसा कर सिया के साथ किले पर पहुंचा।

आरोपपत्र के अनुसार, चेतन पहले से किले में मौजूद था। वहां पहुंचने के बाद सिया और चेतन ने कथित तौर पर केतन को खाई की ओर धक्का दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद ‘माही’ नाम का फर्जी खाता हटा दिया गया।

मार्च से चल रही थी कथित साजिश

जांच के मुताबिक, केतन को रास्ते से हटाने की योजना मार्च 2026 से बनाई जा रही थी। शुरुआत में उसे गंभीर रूप से घायल कर जीवनभर के लिए अपंग करने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दूसरे राज्यों के कुछ कथित सुपारी किलरों से भी संपर्क किया था, लेकिन बाद में बाहरी लोगों के शामिल होने से मामला खुलने की आशंका के चलते योजना बदल दी गई।

पुलिस का दावा है कि मई में तीनों ने खुद हत्या करने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने हत्या से जुड़ी फिल्मों और अपराध संबंधी सामग्री देखी तथा पुलिस से बचने के तरीकों को लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों से जानकारी हासिल की। आरोपपत्र में लोहागढ़ के अलावा लोनावला के टाइगर प्वाइंट सहित कई स्थानों की कथित रेकी का भी उल्लेख है।

पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश

आरोपपत्र के अनुसार, 4 जून को केतन को लोहागढ़ ले जाकर हत्या की कोशिश की गई थी, लेकिन यह योजना सफल नहीं हुई। इसके बाद 6 जून को प्रस्तावित बाली यात्रा के दौरान सिया ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट नष्ट कर दिया, जिसके कारण यात्रा रद्द हो गई।

14 जून को केतन को दोबारा लोहागढ़ ले जाने और उसे खाई में धकेलने की कोशिश का भी पुलिस ने आरोपपत्र में उल्लेख किया है। पुलिस के मुताबिक, उस समय केतन संभल गया और सिया ने कथित तौर पर सांप आने की बात कहकर घटना को सामान्य दिखाने की कोशिश की।

डिजिटल साक्ष्यों पर जांच का जोर

पुणे ग्रामीण पुलिस के आरोपपत्र में संदेशों, तस्वीरों, मोबाइल फोन के आंकड़ों, दूरभाष विवरण, तकनीकी विश्लेषण, गवाहों के बयान और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। पुलिस के अनुसार, पांच प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा हैं।

पुलिस का दावा है कि डिजिटल जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उस कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ा गया, जिसे आरोपियों ने हादसे के रूप में पेश करने की कोशिश की थी। मामले में अंतिम निर्णय अब अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद होगा।

बेबाक24 की राय: इस मामले में आरोपपत्र के जरिए पुलिस ने कथित साजिश, डिजिटल गतिविधियों और घटनाक्रम से जुड़े कई पहलुओं को अदालत के सामने रखा है। हालांकि आरोपपत्र में लगाए गए आरोपों और पुलिस के दावों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।



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