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डूसू चुनाव में एबीवीपी को 3 सीटें, निर्दलीय दीपांशु की जीत से बदला समीकरण

by admin@bebak24.com on | 2026-09-20 13:26:11

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डूसू चुनाव में एबीवीपी को 3 सीटें, निर्दलीय दीपांशु की जीत से बदला समीकरण

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने चार केंद्रीय पदों में से 3 पर जीत दर्ज की, जबकि एक सीट निर्दलीय दीपांशु शौकीन के खाते में गई। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह विजयी रहे। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई से टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरे दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की।

अध्यक्ष पद पर यश डबास की जीत

अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 मतों से हराया। यश डबास को 24,576, जबकि विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले।

मतगणना के शुरुआती चरणों में दोनों उम्मीदवारों के बीच करीबी मुकाबला रहा, लेकिन 13वें दौर के बाद यश डबास ने बढ़त बनानी शुरू की। 17वें दौर के बाद उनकी जीत लगभग स्पष्ट हो गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले 16 वर्षों में एबीवीपी ने 11वीं बार अध्यक्ष पद जीता है।

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु की जीत

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने एबीवीपी के ईशू मौर्य को 13,705 मतों के अंतर से हराया। दीपांशु को 30,615 और ईशू मौर्य को 16,910 वोट मिले।

एनएसयूआई के अधिकृत उम्मीदवार वीर चतरथ को 4,313 वोट मिले, जो नोटा के 4,359 मतों से भी कम रहे। दीपांशु की जीत को डूसू में निर्दलीय उम्मीदवार की लंबे अंतराल के बाद हुई जीत के रूप में देखा गया है।

सचिव पद पर रिया छाबड़ी विजयी

सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छाबड़ी ने एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 6,789 मतों से हराया। रिया को 21,650 और नम्रता को 14,869 वोट मिले।

संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्यराज सिंह ने 16,615 वोट हासिल कर समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन से जुड़े उम्मीदवार विशेष यादव को 827 मतों से हराया। विशेष यादव को 15,778 वोट मिले। विशेष यादव पहले एनएसयूआई से टिकट की मांग कर रहे थे।

एनएसयूआई के लिए संगठनात्मक चुनौती

चुनाव परिणामों में एनएसयूआई चारों केंद्रीय पदों में से किसी पर जीत दर्ज नहीं कर सकी। चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर संगठन के भीतर असंतोष और कुछ दावेदारों के अलग होकर चुनाव लड़ने की स्थिति सामने आई थी।

उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन की जीत इसका प्रमुख उदाहरण रही। वहीं संयुक्त सचिव पद पर विशेष यादव ने भी अलग राजनीतिक मंच से चुनाव लड़ा। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने परिणाम के बाद संगठन की कमियों की समीक्षा करने और उन्हें दूर करने की बात कही।

नोटा को मिले 23,942 वोट

डूसू चुनाव में नोटा को कुल 23,942 वोट मिले। चारों केंद्रीय पदों को मिलाकर मतदान प्रतिशत 40.46 रहा। परिणामों में नोटा के मतों की संख्या भी कई सीटों के चुनावी अंतर से अधिक रही।

आइसा-एसएफआई गठबंधन के उम्मीदवार भी मैदान में थे। संगठन ने चुनाव परिणाम के बाद कहा कि उसे छात्रों का समर्थन मिला है और वह शिक्षा, समानता तथा छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी काम करता रहेगा।

बेबाक24 की राय: डूसू चुनाव के नतीजों में चार केंद्रीय पदों का बंटवारा एबीवीपी के 3 और निर्दलीय उम्मीदवार के 1 सीट जीतने के रूप में सामने आया है। परिणामों के साथ टिकट वितरण, बागी उम्मीदवारों, नोटा और छात्र संगठनों के प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति के अलग-अलग पहलुओं को सामने रखा है। अब निर्वाचित पदाधिकारियों के सामने छात्रों से जुड़े मुद्दों और चुनावी वादों को लेकर काम करने की जिम्मेदारी होगी।



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