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डीएम की मुस्तैदी से बदला अनाथ खुशबू का जीवन: अब हर सरकारी योजना पहुंचेगी घर तक

by on | 2026-09-19 22:58:00

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डीएम की मुस्तैदी से बदला अनाथ खुशबू का जीवन: अब हर सरकारी योजना पहुंचेगी घर तक

बलिया: ​प्रशासन जब संवेदनशील हो और जिम्मेदारी का एहसास दिल में हो, तो व्यवस्था की चौखट तक गरीब और अनाथों को न्याय मिलते देर नहीं लगती। कुछ ऐसा ही नजारा बलिया में देखने को मिला, जहां संचार माध्यमों में उठी एक खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मनियर नगर पंचायत की अनाथ बेटी खुशबू की सुध ली और पूरे परिवार की तकदीर बदलने वाली पहल कर दिखाई।

​मनियर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 की रहने वाली खुशबू प्रसाद के सिर से माता-पिता (पिता स्व. वीरेंद्र गोंड और माता स्व. रंजू देवी) का साया उठ चुका है। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी खुशबू पर ही दो छोटी बहनों और एक भाई के पालन-पोषण का पहाड़ जैसा बोझ आन पड़ा था। करीब दो माह पूर्व उसे नगर पंचायत में आउटसोर्सिंग पर काम तो मिला, लेकिन इतने भर से परिवार की जरूरतें पूरी होना नामुमकिन था।

कलेक्ट्रेट बुलाकर सुनी पीड़ा, दिए कड़े निर्देश

​खबर मिलते ही डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने ईओ मनियर के जरिए खुशबू को अपने कार्यालय कक्ष में बुलाया। खुद बैठकर उसकी आपबीती सुनी और उसके बाद जो फैसले लिए, उसने प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश कर दी:

  • निःशुल्क शिक्षा व साइकिल: खुशबू की दोनों बहनों और भाई को कक्षा 12 तक मुफ़्त शिक्षा देने के आदेश जारी किए गए। साथ ही आवागमन के लिए दो साइकिलें भी मुहैया कराई जा रही हैं।
  • सामाजिक सुरक्षा व राशन: परिवार को तुरंत अंत्योदय राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, गैस कनेक्शन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
  • बुनियादी ढांचा: परिवार के लिए घर में शौचालय की व्यवस्था और उनके घर तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य भी तुरंत करा दिया गया है।

​बेबाक 24 की इस विशेष रिपोर्ट में साफ है कि अगर जिम्मेदार अफसर ठान लें, तो फाइलें भी दौड़ती हैं और योजनाओं का हक सही हाथों तक पहुंचता भी है। अनाथ भाई-बहनों के चेहरे पर लौटी यह मुस्कान बताती है कि बलिया प्रशासन की यह पहल कागजी नहीं, बल्कि धरातल पर उतरी एक बड़ी नजीर है।



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