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दिल्ली में एसआईआर को लेकर वोट अधिकार मंच की मांग, दावा-आपत्ति की अवधि बढ़ाने की अपील

by admin@bebak24.com on | 2026-09-19 18:42:50

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दिल्ली में एसआईआर को लेकर वोट अधिकार मंच की मांग, दावा-आपत्ति की अवधि बढ़ाने की अपील

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

दिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर वोट अधिकार मंच के प्रतिनिधियों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार से मुलाकात की। मंच ने प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नाम बाहर किए जाने की बात उठाते हुए दावा-आपत्ति और नोटिस से जुड़ी समय-सीमा कम से कम 2 महीने बढ़ाने की मांग की है।

नोटिस और मानदंड सार्वजनिक करने की मांग

मंच के अनुसार, करीब 33 लाख और 47 लाख नामों को लेकर सामने आए आंकड़ों के मद्देनजर यह जरूरी है कि लोगों को अपने नाम और दस्तावेजों से जुड़ी आपत्तियां रखने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।

प्रतिनिधियों ने तार्किक विसंगति से जुड़े मानदंड सार्वजनिक करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि जिन लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, उन्हें हिंदी में भी इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। जिन मतदाताओं के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें संदेश के जरिए नोटिस की सूचना देने की मांग भी की गई।

पहचान संख्या से नोटिस खोजने की सुविधा मांगी

वोट अधिकार मंच ने ऐसी खोज सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की, जिससे मतदाता अपनी मतदाता पहचान संख्या के माध्यम से यह पता कर सकें कि उनके नाम पर कोई नोटिस जारी हुआ है या नहीं।

मंच ने बेघर लोगों, तोड़फोड़ से प्रभावित परिवारों, किन्नर समुदाय और अन्य वंचित समूहों के लिए विशेष शिविर लगाने की भी मांग की।

पहले हटाए गए नामों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

प्रतिनिधियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण की शुरुआती प्रक्रिया के दौरान हटाए गए करीब 11 लाख नामों के कारण सार्वजनिक करने की मांग भी रखी। मंच का कहना है कि नाम हटाने की प्रक्रिया और उसके आधार को लेकर लोगों को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।

बेबाक24 की राय: मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सही नाम शामिल करना और पात्र मतदाताओं को अपनी आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर देना महत्वपूर्ण है। आगे की प्रक्रिया में समय-सीमा, नोटिस और नाम हटाने के कारणों से जुड़ी स्पष्ट जानकारी मतदाताओं की भागीदारी और प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए अहम रहेगी।



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