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तृणमूल के नाम-चिह्न पर रोक, ऋतब्रत का ममता पर तंज

by admin@bebak24.com on | 2026-09-18 14:19:47

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तृणमूल के नाम-चिह्न पर रोक, ऋतब्रत का ममता पर तंज

कोलकाता | बेबाक24 न्यूज़

चुनाव आयोग की ओर से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने इस फैसले को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक दल किसी निजी कंपनी की तरह नहीं होता और उसका कोई वारिस नहीं हो सकता।

ऋतब्रत ने क्या कहा?

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उन्हें आयोग के फैसले की जानकारी विमान से उतरने के बाद मिली। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं हो सकती।

उन्होंने दावा किया कि आयोग के अंतरिम आदेश से परिवारवादी राजनीति को लेकर भी संदेश सामने आया है। ऋतब्रत ने कहा कि किसी राजनीतिक दल को निजी कंपनी की तरह नहीं चलाया जा सकता और न ही उसके लिए किसी उत्तराधिकारी की व्यवस्था हो सकती है।

आयोग ने क्यों लगाई रोक?

चुनाव आयोग के अनुसार, उसके सामने उपलब्ध जानकारी से पता चला कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस में दो विरोधी गुट हैं और दोनों ही स्वयं को पार्टी का प्रतिनिधि बता रहे हैं। एक गुट का नेतृत्व ममता बनर्जी और दूसरे का अरूप रॉय कर रहे हैं।

विवाद का निपटारा होने तक दोनों गुटों को नए नाम और चुनाव चिह्न के साथ चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने को कहा गया है। आयोग के इस अंतरिम फैसले का असर पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों पर भी पड़ेगा। इन दोनों सीटों पर 6 अक्तूबर को मतदान प्रस्तावित है।

बेबाक24 की राय

चुनाव आयोग का अंतरिम आदेश तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे संगठनात्मक विवाद को चुनावी प्रक्रिया के केंद्र में ले आया है। अब दोनों गुटों की पहचान, नए नाम-चिह्न और आगे होने वाली कानूनी तथा चुनावी प्रक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।



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