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यूजीसी कानून के विरोध में बड़ा ऐलान, 18 सितंबर को 5 हजार ट्रैक्टरों से घेराव

by admin@bebak24.com on | 2026-09-10 11:40:24

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यूजीसी कानून के विरोध में बड़ा ऐलान, 18 सितंबर को 5 हजार ट्रैक्टरों से घेराव

आगरा | बेबाक24 न्यूज़

आगरा में यूजीसी कानून वापस लेने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि मांग पूरी नहीं हुई तो 18 सितंबर को 5 हजार ट्रैक्टरों और 50 हजार लोगों के साथ जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।

जिलाधिकारी से मिले आंदोलनकारी

कुबेरपुर स्थित राजमार्ग पुल के नीचे सवर्ण समाज और सर्व समाज की ओर से 3 दिन तक धरना दिया गया। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर पहले जिलाधिकारी और फिर सरकार से वार्ता कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया।

बुधवार को 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा और जिलाधिकारी मनीष बंसल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने यूजीसी कानून वापस लेने के मुद्दे पर सरकार के साथ सीधी वार्ता कराने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने सरकार तक उनकी मांग पहुंचाने और वार्ता कराने का आश्वासन दिया।

6 सितंबर से शुरू हुआ था आंदोलन

यूजीसी कानून के विरोध में 6 सितंबर को सवर्ण महापंचायत बुलाई गई थी। इसके बाद इसे अनिश्चितकालीन धरने में बदल दिया गया। 3 दिन तक चले धरने के दौरान तहसील और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।

मांग पूरी नहीं हुई तो बड़ा प्रदर्शन

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार से वार्ता नहीं कराई गई और यूजीसी कानून वापस नहीं लिया गया तो 18 सितंबर को बड़ा प्रदर्शन होगा। उनका दावा है कि इस दौरान 5 हजार ट्रैक्टरों और 50 हजार लोगों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आगामी आंदोलन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और राज्य सरकार की होगी।

बेबाक24 का नजरिया

आगरा में फिलहाल धरना प्रशासन के आश्वासन पर रुका है, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हुआ है। अब सरकार और आंदोलनकारियों के बीच प्रस्तावित वार्ता अहम होगी। यदि बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो 18 सितंबर का प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।



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