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दिल्ली में दो महिला पत्रकारों से कथित मारपीट, पांच प्रेस संगठनों ने जांच की मांग

by admin@bebak24.com on | 2026-09-06 21:37:25

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दिल्ली में दो महिला पत्रकारों से कथित मारपीट, पांच प्रेस संगठनों ने जांच की मांग

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

दिल्ली के साकेत इलाके में दो महिला पत्रकारों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया समेत पांच पत्रकार संगठनों ने घटना पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, इंडियन विमेंस प्रेस कॉर्प्स, दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, प्रेस एसोसिएशन और केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने संयुक्त बयान जारी कर मामले की जांच की मांग की है।

अस्पताल में रिपोर्टिंग के दौरान विवाद

पत्रकार संगठनों के अनुसार, स्वतंत्र पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा नए विंग के उद्घाटन कार्यक्रम की रिपोर्टिंग कर रही थीं।

संगठनों का आरोप है कि इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने दोनों के साथ कथित तौर पर हाथापाई की और उन्हें पुलिस वाहन से साकेत थाने ले जाया गया। आरोप है कि थाने में महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में भी उनके साथ मारपीट की गई।

बयान में यह भी दावा किया गया है कि पुलिसकर्मियों ने दोनों पत्रकारों की धार्मिक पहचान पूछी और कथित तौर पर आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणियां कीं। पत्रकार संगठनों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दोनों के शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं।

प्रेस परिषद से स्वतः संज्ञान की मांग

पांचों संगठनों ने प्रेस परिषद से मामले का स्वतः संज्ञान लेकर स्वतंत्र जांच कराने की अपील की है। साथ ही घटनास्थल और थाने के सीसीटीवी सहित उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी घटना को लेकर सवाल उठाए और सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। वहीं, पत्रकारों से जुड़े यूट्यूब चैनल फोर पीएम न्यूज़ नेटवर्क ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कथित दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पुलिस का पक्ष स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए पत्रकारों के साथ मारपीट और धार्मिक पहचान के आधार पर दुर्व्यवहार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।



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