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मायावती को अशोक सिद्धार्थ की चिट्ठी, बोले- आदेश मिला तो तुरंत संन्यास लूंगा

by admin@bebak24.com on | 2026-09-10 11:35:06

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मायावती को अशोक सिद्धार्थ की चिट्ठी, बोले- आदेश मिला तो तुरंत संन्यास लूंगा

लखनऊ | बेबाक24 न्यूज़

बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ ने बसपा प्रमुख मायावती को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखा है। सिद्धार्थ ने कहा कि मायावती का आदेश उनके लिए सर्वोपरि है और यदि उनके राजनीति में बने रहने से बहुजन आंदोलन को नुकसान हो रहा है तो वह तत्काल संन्यास लेने को तैयार हैं।

अशोक सिद्धार्थ ने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु और बड़ी बहन बताते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें विधान परिषद और राज्यसभा तक पहुंचाया तथा परिवार के सदस्य की तरह सम्मान दिया। सिद्धार्थ ने दावा किया कि उन्होंने करीब 35 वर्षों तक बसपा, कांशीराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों के लिए काम किया है।

आकाश को गुमराह करने का आरोप नकारा

सिद्धार्थ ने आकाश आनंद को सलाह देने या उन्हें गुमराह करने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों में आकाश से उनकी मुलाकात भी सीमित रही और अधिकतर मुलाकातें उन राज्यों में हुईं, जहां पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी दी थी।

उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ लोगों ने मायावती से मिले उनके सम्मान को आधार बनाकर उन पर संगठन में प्रभाव बढ़ाने और आकाश को प्रभावित करने जैसे आरोप लगाए, लेकिन ये आरोप निराधार हैं।

आकाश की वापसी को संन्यास से न जोड़ने की अपील

अशोक सिद्धार्थ ने मायावती से स्पष्ट अनुरोध किया कि उनके राजनीति से संन्यास लेने के फैसले को आकाश आनंद की वापसी से न जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आकाश को पार्टी में जिम्मेदारी वापस देनी है या नहीं, इसका निर्णय पूरी तरह मायावती का अधिकार है।

सिद्धार्थ ने यह भी कहा कि आकाश लंबे समय से मायावती के मार्गदर्शन में रहे हैं। ऐसे में उन्हें अपने प्रभाव में लेकर गुमराह करने की बात उचित नहीं है।

बोले- बहुजन मिशन के लिए पद छोड़ना छोटी बात

पत्र में सिद्धार्थ ने कहा कि यदि मायावती को लगता है कि उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन में सक्रिय रहने से बहुजन मिशन को नुकसान पहुंच रहा है तो वह बिना देर किए संन्यास लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन को मायावती के प्रति कृतज्ञता से जोड़ा और पत्र में हुई देरी के लिए क्षमा भी मांगी।

पत्र के अंत में उन्होंने स्वयं को मायावती का कार्यकर्ता बताते हुए ‘जय भीम, जय भारत और जय बहुजन समाज’ लिखा।

बेबाक24 का नजरिया

अशोक सिद्धार्थ का यह पत्र ऐसे समय आया है जब बसपा में आकाश आनंद की भूमिका और भविष्य को लेकर मायावती ने कड़ा रुख अपनाया है। सिद्धार्थ का तत्काल संन्यास की पेशकश करना विवाद को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन अब निर्णायक भूमिका मायावती के अगले कदम की होगी। चुनाव से पहले बसपा में सामने आए इस घटनाक्रम का संगठन और आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य पर असर देखना महत्वपूर्ण होगा।



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